Epstein Files: दुनिया के 5 देशों में ताबड़तोड़ इस्तीफों से मचा हड़कंप, एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद छोड़े जा रहे पद

Jeffrey Epstein Files: जेफरी एपस्टीन की फाइलों ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। क्योंकि फाइलों में दुनियाभर के नेताओं और अधिकारियों को लेकर खुलासे हुए हैं, जिनके कारण सवाल उठने पर इस्तीफे देने पड़ रहे हैं। एक देश में तो प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।

Jeffrey Epstein

जेफरी एपस्टीन की मौत हो चुकी है और उसकी सहयोगी जेल में सजा काट रही है।

Jeffrey Epstein Files News Update: बच्चियों, नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के यौन शोषण के दोषी जेफरी एपस्टीन की फाइलों ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और नॉर्वे में हड़कंप मचा दिया है। उसकी फाइलों में दुनिया के कई देशों के अधिकारियों और नेताओं की अश्लील तस्वीरें और वीडियो मिले हैं, जिनका खुलासा अब हुआ है। अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने ट्रंप सरकार की मंजूरी के बाद फाइलों को जारी किया और उसके बाद कई देशों में ताबड़तोड़ इस्तीफे दिए-लिए जा रहे हैं।

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एपस्टीन फाइल्स से हिली इंटरनेशनल पॉलिटिक्स

बता दें कि एपस्टीन की मौत साल 2019 में जेल मे हो गई थी। वहीं उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल जेल में 20 साल की सजा काट रही है, लेकिन पीड़ितों की मांग पर ट्रंप सरकार ने एपस्टीन की फाइलों को रिलीज करने का आदेश पुलिस को दिया। वहीं जब फाइलें जारी हुई तो ऐसे-ऐसे सच सामने आए, जिन्होंने इंटरनेशनल पॉलिटिक्स को हिला दिया। फाइलों में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी की तस्वीरें-वीडियो भी हैं, लेकिन उन्होंने एपस्टीन से कोई कनेक्शन होने से इनकार किया है।

ब्रिटेन के इस अधिकारी ने दिया पद से इस्तीफा

एपस्टीन की फाइलों में जिन अधिकारियों और नेताओं के ईमेल, मुलाकातों और पार्टियों की तस्वीरों, डॉक्यूमेंट और आर्थिक लेन-देन का खुलासा हुआ है, उन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इनमें से कुछ ने दबाव में आकर इस्तीफा दे दिया है। ब्रिटेन और नॉर्वे में इस्तीफ हुए हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दिया है, क्योंकि उन्होंने ही पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाने की सलाह दी थी, जिसका नाम एपस्टीन फाइल्स में आया. मैकस्वीनी ने मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ा है।

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नॉर्वे और अमेरिका में भी पद से दिए गए इस्तीफ

बता दें कि वहीं नॉर्वे की वरिष्ठ राजनयिक मोना जूल ने एपस्टीन के मामले में लिए गए गलत फैसलों की जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया है। जूल मंत्री रह चुकी हैं। इजरायल, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र में नॉर्वे की राजदूत भी रह चुकी हैं. अमेरिका में मशहूर लॉ फर्म के चेयरमैन ब्रैड कॉर्प ने भी पद से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि एपस्टीन और उनका ईमेल कनेक्शन मिला है। नवंबर 2025 में लैरी समर्स ने एपस्टीन से कनेक्शन कबूलते हुए पद छोड़ दिया था। दिसंबर 2025 में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंजिनो ने भी इस्तीफा दिया था।

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फ्रॉस के पूर्व मंत्री ने भी छोड़ चेयरमैन का पद

बता दें कि एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद यूरोपीय देश फ्रांस में पूर्व मंत्री जैक लैंग ने कल्चरल इंस्टीट्यूट के प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था. स्लोवाकिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजचाक ने ईमेल कनेक्शन सामने आने के बाद पद छोड़ा।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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