पाकिस्तान में तख्तापलट की आहट! इस्लामाबाद सील, गृह मंत्री ने अपनी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को कंटेनर लगा सील कर दिया गया है, जिससे सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं. गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश के सबसे बड़े घोटाले और सिस्टम के तबाह होने का दावा कर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. सेना प्रमुख आसिम मुनीर की शह पर शहबाज शरीफ की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है.

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पाकिस्तान में एक बार फिर बड़े राजनीतिक उलटफेर और सैन्य तख्तापलट की आहट से हलचल तेज हो गई है. राजधानी इस्लामाबाद को जगह-जगह कंटेनर लगाकर पूरी तरह सील कर दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कुर्सी अब खतरे में दिखाई दे रही है और इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय में रची जा रही है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और गृह मंत्री मोहसिन नकवी के बीच बढ़ती दरार अब खुलकर सामने आ चुकी है. इसी बीच, सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के बेहद करीबी माने जाने वाले मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान की शासन व्यवस्था को ‘ढह जाने’ जैसा बयान देने के बाद एक और बड़ा दावा किया है.

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अपनी ही सरकार पर गृह मंत्री का हमला

गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि देश के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें न्यायाधीशों, नौकरशाहों, राजनेताओं से लेकर बैंकर तक शामिल हैं. जो पिछले 21 सालों से रिश्वतखोरी में लिप्त हैं. हालांकि, उन्होंने किसी का नाम उजागर नहीं किया, लेकिन इस बयान ने शहबाज सरकार की नींव हिला दी है.

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नकवी ने अपने बयान में सेना का कोई जिक्र नहीं किया, जिससे साफ है कि उनका निशाना पूरी तरह से नागरिक प्रशासन और शहबाज सरकार पर है. नकवी की बढ़ती राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं और सेना प्रमुख आसिम मुनीर का उन्हें मिला खुला समर्थन, शहबाज शरीफ के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है.

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क्या है मुनीर और नकवी का ‘गेम प्लान’?

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, नकवी की मंशा लंबे समय से प्रधानमंत्री बनने की रही है. आसिम मुनीर ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के लिए भी शरीफ सरकार को दरकिनार कर नकवी को ही अपना विशेष प्रतिनिधि बनाया था. बलूचिस्तान और पीओके (PoK) में बढ़ती आंतरिक चुनौतियों के बीच जनरल मुनीर, नकवी के जरिए नागरिक सरकार पर अपना शिकंजा और कसना चाहते हैं.
पाकिस्तान की दो सबसे बड़ी सत्ताधारी पार्टियां पीएमएल-एन (PML-N) और पीपीपी (PPP) इस मुद्दे पर पूरी तरह खामोश हैं. दरअसल, पीएमएल-एन की ताकत पंजाब और पीपीपी की ताकत सिंध प्रांत में छिपी है. अगर प्रांतीय सीमाएं बदलती हैं, तो इन दोनों राजनीतिक घरानों का प्रशासनिक नियंत्रण और सियासी वर्चस्व खतरे में पड़ सकता है.

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का पलटवार

नकवी के इस रुख से भड़के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उन पर तीखा हमला बोला है. एक टीवी डिबेट में आसिफ ने नकवी को ‘बेहद शक्तिशाली व्यक्ति’ बताते हुए कहा कि वह पिछले तीन सालों से बड़े पदों पर हैं और कई मामलों में तो प्रधानमंत्री को भी जवाबदेह नहीं रहे. आसिफ ने तंज कसते हुए कहा, “अगर इतना ताकतवर इंसान भी सिस्टम की शिकायत करे, तो बाकी मंत्रियों को घर चले जाना चाहिए.” उन्होंने नकवी को सलाह दी कि वे देश बदलने से पहले अपने क्रिकेट बोर्ड (PCB) और गृह मंत्रालय की व्यवस्था सुधारें.

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क्या फिर से पलटेगी सत्ता?

पाकिस्तान के इतिहास में यह पहली बार है जब सत्ता के शीर्ष स्तर पर ऐसा खुला विवाद देखने को मिल रहा है. मोहसिन नकवी जिस तरह से अब खुलकर सिस्टम को चुनौती दे रहे हैं और कार्रवाई की बात कर रहे हैं, उससे एक बार फिर ‘तख्तापलट’ या बड़े सत्ता परिवर्तन की आशंका बढ़ गई है. वैसे भी पाकिस्तान के इतिहास को देखते हुए इसमें कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वहां असली कमान हमेशा से सेना के हाथों में ही रही है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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