‘नहीं इस्तेमाल होने देंगे अपना जल-जमीन-आसमान’, ईरान पर अमेरिकी हमले के खतरे के बीच UAE का बड़ा ऐलान
UAE और अमेरिका के बीच अच्छे संबंध हैं, जिसका उदाहरण ये है कि मुस्लिम देश की जमीन पर कई अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं. हालांकि कि ईरान और अमेरिका विवाद पर यूएई ने कड़ा रुख अपनाया है.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Jan 26, 2026 22:16
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Jan 26, 2026 22:16
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ईरान और अमेरिका के बीच जारी विवाद अब दुनिया में एक नए युद्ध का संकेत दे रहा है. अमेरिका ने कई मौकों पर ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी, जबकि सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने भी ट्रंप सरकार को करारा जवाब देने की चेतावनी दी. ईरान पर अमेरिका के संभावित सैन्य हमले के खतरे को भांपते हुए अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दोनों देशों को बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया. यूएई ने बयान जारी करते हुए कहा कि वह अपने हवाई क्षेत्र, जमीन या समुद्री जल क्षेत्र को किसी भी सैन्य अभियान के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा.
क्या ईरान पर हमला करेगा अमेरिका?
UAE के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा कि देश अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है तथा किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ शत्रुतापूर्ण सैन्य कार्रवाई में अपनी भूमि, हवाई क्षेत्र या जल क्षेत्र की अनुमति नहीं देगा. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंचा हुआ है और वाशिंगटन से तेहरान पर किसी भी समय संभावित हमले की आशंका जताई जा रही है.
गौरतलब है कि UAE और अमेरिका के बीच अच्छे संबंध हैं, जिसका उदाहरण ये है कि मुस्लिम देश की जमीन पर कई अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं. हालांकि कि ईरान और अमेरिका विवाद पर यूएई ने कड़ा रुख अपनाया है. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय विवादों का समाधान केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में होना चाहिए. ईरान के प्रति सकारात्मक रुख दिखाते हुए यूएई ने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की अपनी नीति को दोहराया. अब देखना ये है कि अगर अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला किया जाता है तो क्या डोनाल्ड ट्रंप UAE सरकार से सैन्य कार्रवाई के लिए मदद मांगते हैं या नहीं.
ईरान और अमेरिका के बीच जारी विवाद अब दुनिया में एक नए युद्ध का संकेत दे रहा है. अमेरिका ने कई मौकों पर ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी, जबकि सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने भी ट्रंप सरकार को करारा जवाब देने की चेतावनी दी. ईरान पर अमेरिका के संभावित सैन्य हमले के खतरे को भांपते हुए अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दोनों देशों को बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया. यूएई ने बयान जारी करते हुए कहा कि वह अपने हवाई क्षेत्र, जमीन या समुद्री जल क्षेत्र को किसी भी सैन्य अभियान के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा.
क्या ईरान पर हमला करेगा अमेरिका?
UAE के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा कि देश अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है तथा किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ शत्रुतापूर्ण सैन्य कार्रवाई में अपनी भूमि, हवाई क्षेत्र या जल क्षेत्र की अनुमति नहीं देगा. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंचा हुआ है और वाशिंगटन से तेहरान पर किसी भी समय संभावित हमले की आशंका जताई जा रही है.
गौरतलब है कि UAE और अमेरिका के बीच अच्छे संबंध हैं, जिसका उदाहरण ये है कि मुस्लिम देश की जमीन पर कई अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं. हालांकि कि ईरान और अमेरिका विवाद पर यूएई ने कड़ा रुख अपनाया है. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय विवादों का समाधान केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में होना चाहिए. ईरान के प्रति सकारात्मक रुख दिखाते हुए यूएई ने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की अपनी नीति को दोहराया. अब देखना ये है कि अगर अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला किया जाता है तो क्या डोनाल्ड ट्रंप UAE सरकार से सैन्य कार्रवाई के लिए मदद मांगते हैं या नहीं.