वियतनाम में फु क्वोक में होन मे रुत न्गोई द्वीप के पास 2 दिन पहले हुए नाव हादसे की जांच तेज हो गई है। वियतनाम पुलिस ने बोट के कैप्टन गुयेन होंग हाई को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ समुद्री और जलमार्ग सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाकर आपराधिक केस दर्ज कर लिया गया है। लेकिन भारतीय पर्यटकों से भरी बोट के पलटने का कारण क्या था? क्या इसमें किसी नियम का उल्लंघन हुआ था? मौसम के कारण हादसा हुआ या मानवीय चूक ने 15 जिंदगियां छीन लीं?
एक से दूसरी बंदरगाह पर जा रहे थे पर्यटक
वियतनाम पुलिस के अनुसार, बोट के कैप्टन गुयेन होंग हाई की उम्र 57 साल है और वह एन जियांग प्रांत के सोन कियेन कम्यून के थुआन तिएन गांव का निवासी है। बोट मिन्ह हुई फु क्वोक ट्रेडिंग एंड टूरिज्म कंपनी लिमिटेड की है और इसका रजिस्ट्रेशन नंबर AG 26751 था। यह स्पीडबोट 32 भारतीय पर्यटकों और 4 क्रू मेंबर्स को होन मे रुत से आन थोई बंदरगाह तक लेकर जा रही थी कि होन में बंदरगाह से 400 मीटर दूर समुद्र में पलट गई। हादसे में 15 भारतीय मारे गए और 16 को बचा लिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने समुद्र को अशांत बताया
भारतीय दूतावास के अनुसार, 15 मृतकों में तमिलनाडु के 10, केरल के 2 और आंध्र प्रदेश के 3 लोग शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के समय समुद्र अशांत था, हालांकि बारिश नहीं थी। वहीं वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि अचानक आई बड़ी लहर और तेज हवाओं की चपेट में आने से नाव पलटी। नाव पलटते ही सभी यात्री और क्रू मेंबर्स समुद्र में गिर गए। वियतनामी प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने हादसे के कारणों की जांच के साथ रिपोर्ट तलब की है।
कोस्ट गार्ड और बॉर्डर टीम ने रेस्क्यू किया
हादसे के समय समुद्र में लहरें उठने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी समस्या आई। हालात देखते हुए वियतनाम पुलिस ने कोस्ट गार्ड और बॉर्डर टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया। 40 जवानों और हाईस्पीड रेस्क्यू बोट ने पर्यटकों को रेस्क्यू किया। वहीं आस-पास मौजूद नावों के लोगों ने भी मिलकर समुद्र में डूब रहे लोगों को बचाया। रेस्क्यू हुए लोगों में 16 भारतीय, 3 क्रू मेंबर्स और एक अटेंडेंट शामिल था। वहीं एक और टापू पर फंसे 17 विदेशी पर्यटकों को भी रेस्क्यू किया गया।
वियतनाम में फु क्वोक में होन मे रुत न्गोई द्वीप के पास 2 दिन पहले हुए नाव हादसे की जांच तेज हो गई है। वियतनाम पुलिस ने बोट के कैप्टन गुयेन होंग हाई को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ समुद्री और जलमार्ग सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाकर आपराधिक केस दर्ज कर लिया गया है। लेकिन भारतीय पर्यटकों से भरी बोट के पलटने का कारण क्या था? क्या इसमें किसी नियम का उल्लंघन हुआ था? मौसम के कारण हादसा हुआ या मानवीय चूक ने 15 जिंदगियां छीन लीं?
एक से दूसरी बंदरगाह पर जा रहे थे पर्यटक
वियतनाम पुलिस के अनुसार, बोट के कैप्टन गुयेन होंग हाई की उम्र 57 साल है और वह एन जियांग प्रांत के सोन कियेन कम्यून के थुआन तिएन गांव का निवासी है। बोट मिन्ह हुई फु क्वोक ट्रेडिंग एंड टूरिज्म कंपनी लिमिटेड की है और इसका रजिस्ट्रेशन नंबर AG 26751 था। यह स्पीडबोट 32 भारतीय पर्यटकों और 4 क्रू मेंबर्स को होन मे रुत से आन थोई बंदरगाह तक लेकर जा रही थी कि होन में बंदरगाह से 400 मीटर दूर समुद्र में पलट गई। हादसे में 15 भारतीय मारे गए और 16 को बचा लिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने समुद्र को अशांत बताया
भारतीय दूतावास के अनुसार, 15 मृतकों में तमिलनाडु के 10, केरल के 2 और आंध्र प्रदेश के 3 लोग शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के समय समुद्र अशांत था, हालांकि बारिश नहीं थी। वहीं वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि अचानक आई बड़ी लहर और तेज हवाओं की चपेट में आने से नाव पलटी। नाव पलटते ही सभी यात्री और क्रू मेंबर्स समुद्र में गिर गए। वियतनामी प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने हादसे के कारणों की जांच के साथ रिपोर्ट तलब की है।
कोस्ट गार्ड और बॉर्डर टीम ने रेस्क्यू किया
हादसे के समय समुद्र में लहरें उठने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी समस्या आई। हालात देखते हुए वियतनाम पुलिस ने कोस्ट गार्ड और बॉर्डर टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया। 40 जवानों और हाईस्पीड रेस्क्यू बोट ने पर्यटकों को रेस्क्यू किया। वहीं आस-पास मौजूद नावों के लोगों ने भी मिलकर समुद्र में डूब रहे लोगों को बचाया। रेस्क्यू हुए लोगों में 16 भारतीय, 3 क्रू मेंबर्स और एक अटेंडेंट शामिल था। वहीं एक और टापू पर फंसे 17 विदेशी पर्यटकों को भी रेस्क्यू किया गया।