Israel-US Iran War : मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और इजरायल ने ऑपरेशन रोरिंग लॉयन शुरू किया। इजरायल ने ईरान के सैन्य और मिसाइल ठिकाने तबाह किए। अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनोई का मार गिराया। बदला लेते हुए ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं। साथ ही अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। 7 दिन से मिडिल ईस्ट में ईरान समेत करीब 10 देश युद्ध की आग में जल रहे हैं।
युद्ध के कारण 2 धड़ों में बंटी दुनिया
मिडिल ईस्ट में 7 दिन से छिड़ी जंग ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। क्योंकि 7 दिन में जंग के मैदान में 2 धड़े भी बन चुके हैं। एक धड़ा अमेरिका और इजरायल का है, जिसे ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों का समर्थन मिल चुका है। दूसरा धड़ा ईरान का है, जिसे लेबनान, यमन, ईरान, नॉर्थ कोरिया और कई आतंकी संगठन जैसे हिजबुल्लाह, हूती आदि समर्थन दे रहे हैं। वहीं इन दोनों धड़ों के बीच तनाव में अरब देश बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, UAE, ओमान, जॉर्डन समेत करीब 10 देश पिस रहे हैं।
दुनिया पर इस युद्ध क्या पड़ रहा असर?
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही ठप होने से कई देशों में तेल का संकट गहरा गया है। तेल की कीमतों में उछाल आया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। मिडिल ईस्ट के सभी देशों से अन्य देशों का संपर्क कट गया है, क्योंकि उड़ानें रद्द हो गई हैं। अरब देशों में बसे करोड़ों लोग फंस गए हैं और उनकी सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। दुनिया में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता पैदा हो गई। क्योंकि शेयर बाजारों में गिरावट आ गई है और निवेशक सोने की ओर भाग रहे हैं, यानी बड़ा आर्थिक नुकसान होगा।
Israel-US Iran War : मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और इजरायल ने ऑपरेशन रोरिंग लॉयन शुरू किया। इजरायल ने ईरान के सैन्य और मिसाइल ठिकाने तबाह किए। अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनोई का मार गिराया। बदला लेते हुए ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं। साथ ही अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। 7 दिन से मिडिल ईस्ट में ईरान समेत करीब 10 देश युद्ध की आग में जल रहे हैं।
युद्ध के कारण 2 धड़ों में बंटी दुनिया
मिडिल ईस्ट में 7 दिन से छिड़ी जंग ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। क्योंकि 7 दिन में जंग के मैदान में 2 धड़े भी बन चुके हैं। एक धड़ा अमेरिका और इजरायल का है, जिसे ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों का समर्थन मिल चुका है। दूसरा धड़ा ईरान का है, जिसे लेबनान, यमन, ईरान, नॉर्थ कोरिया और कई आतंकी संगठन जैसे हिजबुल्लाह, हूती आदि समर्थन दे रहे हैं। वहीं इन दोनों धड़ों के बीच तनाव में अरब देश बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, UAE, ओमान, जॉर्डन समेत करीब 10 देश पिस रहे हैं।
दुनिया पर इस युद्ध क्या पड़ रहा असर?
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही ठप होने से कई देशों में तेल का संकट गहरा गया है। तेल की कीमतों में उछाल आया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। मिडिल ईस्ट के सभी देशों से अन्य देशों का संपर्क कट गया है, क्योंकि उड़ानें रद्द हो गई हैं। अरब देशों में बसे करोड़ों लोग फंस गए हैं और उनकी सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। दुनिया में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता पैदा हो गई। क्योंकि शेयर बाजारों में गिरावट आ गई है और निवेशक सोने की ओर भाग रहे हैं, यानी बड़ा आर्थिक नुकसान होगा।