मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग में ब्रिटेन भी शामिल हो गया है। ब्रिटेन का कहना है कि वह रक्षात्मक भूमिका में रहेगा। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने की शुक्रवार की घोषणा के अनुसार की वह कतर में 4 अतिरिक्त RAF टाइफून भेज रहा है, जो क्षेत्र में रक्षात्मक अभियानों का समर्थन करेंगे। यह विमान जनवरी में तैनात UK-Qatar Joint Typhoon Squadron के मौजूदा जेटों के अतिरिक्त हैं, जिन्हें क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करने और ब्रिटिश नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए भेजा गया था। मंत्रालय ने स्पष्ट संदेश दिया कि ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा और अपने लोगों और हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
Israel-US Iran War LIVE Updates: मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और इजरायल ने ऑपरेशन रोरिंग लॉयन शुरू किया। इजरायल ने ईरान के सैन्य और मिसाइल ठिकाने तबाह किए। अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनोई का मार गिराया। बदला लेते हुए ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं। साथ ही अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। 7 दिन से मिडिल ईस्ट में ईरान समेत करीब 10 देश युद्ध की आग में जल रहे हैं।
युद्ध के कारण 2 धड़ों में बंटी दुनिया
मिडिल ईस्ट में 7 दिन से छिड़ी जंग ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। क्योंकि 7 दिन में जंग के मैदान में 2 धड़े भी बन चुके हैं। एक धड़ा अमेरिका और इजरायल का है, जिसे ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों का समर्थन मिल चुका है। दूसरा धड़ा ईरान का है, जिसे लेबनान, यमन, ईरान, नॉर्थ कोरिया और कई आतंकी संगठन जैसे हिजबुल्लाह, हूती आदि समर्थन दे रहे हैं। वहीं इन दोनों धड़ों के बीच तनाव में अरब देश बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, UAE, ओमान, जॉर्डन समेत करीब 10 देश पिस रहे हैं।
दुनिया पर इस युद्ध क्या पड़ रहा असर?
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही ठप होने से कई देशों में तेल का संकट गहरा गया है। तेल की कीमतों में उछाल आया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। मिडिल ईस्ट के सभी देशों से अन्य देशों का संपर्क कट गया है, क्योंकि उड़ानें रद्द हो गई हैं। अरब देशों में बसे करोड़ों लोग फंस गए हैं और उनकी सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। दुनिया में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता पैदा हो गई। क्योंकि शेयर बाजारों में गिरावट आ गई है और निवेशक सोने की ओर भाग रहे हैं, यानी बड़ा आर्थिक नुकसान होगा।
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग से जुड़े आज दिनभर के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ…
ईरान से युद्ध के बीच इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह को खत्म करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रखा है। लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी दाहियेह में हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे पर एक के बाद एक हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। यह हमले हिजबुल्लाह के सैन्य ठिकानों और हथियार भंडारण सुविधाओं को लक्षित कर हो रहे हैं।
4 मार्च को सीरिया के दमिश्क के पास इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर अबू अली मलिक की मौत हो चुकी है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि हिजबुल्लाह के खतरों को समाप्त करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। जब तक वह ईरान का साथ देता रहेगा, इजरायल हमला करता रहेगा।
अमेरिका के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को लीड कर रही अमेरिकी सेंटकॉम फोर्स केएडमिरल ब्रैड कूपर ने B2 बॉम्बर्स के इस्तेमाल की जानकारी दी। कूपर ने बताया कि फोर्स ने पिछले 72 घंटे में ईरान के भीतर 200 टारगेट हिट किए हैं। B2 बॉम्बर्स ने 2000 पौंड (900 किलो) के पीनेट्रेटर बॉम्ब ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर्स के ठिकानों पर गिराए हैं, जिनसे भारी तबाही मची है।
ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिका ने आजाद स्टेडियम पर बमबारी की है। इससे स्टेडियम को भारी नुकसान पहुंचा है। स्टैडियम में कई जगह लग गई है। काले धुएं के गुबार से आसमान भर गया। आस-पास रहने वाले लोगों में भी अफरा-तफरी मची हुई है। अमेरिका ने ईरान के ड्रोन कैरियर पर भी हमला किया है।










