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US-Iran की 'महाजंग' को लेकर बड़ा खुलासा, ट्रंप एक शर्त पर खत्म कर सकते हैं युद्ध, लेकिन वो परमाणु हथियार नहीं

US-Iran की ‘महाजंग’ को लेकर बड़ा खुलासा, ट्रंप एक शर्त पर खत्म कर सकते हैं युद्ध, लेकिन वो परमाणु हथियार नहीं

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ईरान और अमेरिका फिर से एक दूसरे को धमकी देने लगे हैं. (Credit- X/AI)

अमेरिका और ईरान का युद्ध खत्म हो सकता है, लेकिन युद्ध खत्म करने की शर्त परमाणु समझौते की बजाय होर्मुज स्ट्रेट होगी. यह दावा वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बंद करने के लिए युद्ध शुरू किया था, लेकिन युद्ध करते-करते इसकी वजह होर्मुज स्ट्रेट बन गई, इसलिए अब अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल देता है तो राष्ट्रपति ट्रंप परमाणु समझौता करने की जिद छोड़ सकते हैं और युद्ध खत्म हो सकता है.

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ईरान से समझौते का आधार बनी होर्मुज स्ट्रेट

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप का फोकस अब परमाणु समझौते पर नहीं है, बल्कि वे अब गल्फ देशों में सैन्य अभियान को खत्म करना चाहते हैं. युद्धविराम को बढ़ाना चाहते हैं और होर्मुज स्ट्रेट को बहाल कराना चाहते हैं. इसके लिए उनकी विशेष टीम ईरान के साथ बातचीत करने में जुटी है. ट्रंप और उनकी टीम होर्मुज स्ट्रेट को ईरान से समझौते का आधार बना रही है, जिसके फाइनल होते ही ट्रंप युद्ध खत्म कर देंगे, लेकिन परमाणु समझौता करने का उनका मकसद पूरा नहीं होगा.

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होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान ने रखी शर्तें

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए कई शर्तें रखी हैं, जैसे युद्ध से ईरान के हुए नुकसान की भरपाई अमेरिका को करनी होगी. ईरान की बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करनी होगी. मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना को वापस बुलाना होगा. ईरान पर आज तक लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाने होंगे और फ्रीज की प्रॉपर्टी-फंड रिलीज करना होगा. होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए अमेरिका को यह मांगें माननी होंगी, अन्यथा ईरान तो लंबे समय तक चले वाले टकराव की तैयारी किए बैठा है.

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कच्चा तेल और गैसोलीन चुनाव में बन सकते मुद्दे

राष्ट्रपति ट्रंप के पास अब ईरान युद्ध को जीतने का आधार भी पहले की तरह मजबूत नहीं रहा है, क्योंकि एक और कच्चे तेल के बढ़ते दामों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है तो दूसरी तरफ अमेरिका में गैसोलीन की कीमतें युद्ध के कारण लगभग 4 डॉलर प्रति गैलन के हाई लेवल तक पहुंच गई हैं, जो मिड टर्म इलेक्शन के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. कच्चा तेल और गैसोलीन मुद्दा न बने, इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार कहते रहते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट ओपन है और व्यापार जारी है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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