World Latest News: अमेरिका में अवैध घुसपैठ करने वालों को डिपोर्ट करने का काम शुरू हो चुका है। अमेरिकी एयरफोर्स का C-17 ग्लोबमास्टर विमान 104 भारतीयों को लेकर बुधवार को अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचा था। आरोप है कि ये लोग अवैध घुसपैठ कर यूएस में घुसे थे। ट्रंप के डिपोर्टेशन अभियान के तहत भारत आने वाली यह पहली निर्वासन फ्लाइट थी। ट्रंप अपने अभियान में सेना की मदद ले रहे हैं। एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें घुसपैठियों की तादाद को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अवैध प्रवासियों की तादाद लगभग सवा 7 लाख है।
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पीएम नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह वाशिंगटन दौरे पर जा रहे हैं। उनकी मुलाकात प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से होनी है। दोनों नेताओं की बीते सप्ताह फोन पर बात हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में लगभग 18 हजार भारतीयों की पहचान हो चुकी है, जो अवैध घुसपैठ करके गए हैं। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इनकी संख्या लाखों में होने का दावा किया गया है।
यूके के अखबार द गार्जियन ने प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़ों के हवाले से अपनी रिपोर्ट जारी की है। इसमें खुलासा किया गया है कि यूएस में लगभग 725000 भारतीय अप्रवासी हैं, जो किसी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। मेक्सिको और साल्वाडोर के बाद सबसे ज्यादा अवैध प्रवासी भारतीय हैं। हालांकि इन दावों की पुष्टि यूएस ने नहीं की है। माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय प्रवासियों की संख्या इससे आधी हो सकती है।
पिछले साल डिपोर्ट किए गए थे 1 हजार नागरिक
द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल भी लगभग 1 हजार भारतीयों को यूएस से डिपोर्ट किया गया था। इस बार डिपोर्ट के लिए काफी महंगे विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कमर्शियल फ्लाइट की जगह सैन्य विमानों का इस्तेमाल करने से प्रति व्यक्ति निर्वासन का खर्च 5 गुना तक बढ़ सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार फिलहाल 18000 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया जाएगा। ट्रंप को राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभाले अभी महीना भी नहीं बीता, ऐसे में ऊपर बताए गए आंकड़ों के अनुसार इससे ज्यादा भारतीयों को डिपोर्ट किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ धरपकड़ अभियान को तेज करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अवैध प्रवासियों की संख्या में इजाफा होना तय है।