ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई बड़ी तकनीकी खराबी की वजह से पूरे देश में 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो गईं. इसके चलते हजारों यात्री एयरपोर्ट टर्मिनलों और रनवे पर खड़े विमानों में घंटों फंसे रहे. हालांकि, सिस्टम में आई खामी को दूर कर लिया गया है, लेकिन संकट अभी भी बरकार है. एयरलाइंस का कहना है कि बैकलॉग की वजह से यह दिक्कत अभी कुछ दिन रह सकती है. कई घंटों तक सिस्टम खराब रहा था, जिसे बाद में ठीक किया गया.
सिस्टम ठीक हुआ, बैकलॉग से संकट बरकरार
ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज ने पुष्टि की कि उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई खराबी को मंगलवार शाम तक ठीक कर लिया गया. हालांकि, उड़ानों के भारी बैकलॉग की वजह से लंदन हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर, बर्मिंघम, स्टैनस्टेड और स्कॉटलैंड समेत 15 से ज्यादा एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट ने डिपार्चर शुरू करने के बावजूद रात भर के लिए आने वाली उड़ानों को सस्पेंड कर दिया.
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एयरलाइंस पर असर और चेतावनी
ब्रिटिश एयरवेज ने बताया कि उसे 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द या डायवर्ट करनी पड़ीं. विमान और क्रू के अपनी तय लोकेशन पर न होने की वजह से इसका असर अगले कुछ दिनों तक दिख सकता है. रयानएयर एयरलाइन ने 50 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कीं और बताया कि उसके 65000 से ज्यादा यात्रियों पर असर पड़ा. ईजीजेट एयरलाइन ने कहा कि सिस्टम फेलियर का असर केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूरोप भर के फ्लाइट शेड्यूल पर इसका असर पड़ा है.
एयरपोर्ट एडमिन और एयरलाइंस ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट्स का स्टेटस जरूर चेक कर लें.
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