US-Israel Iran War: जंग के बीच ईरान को बड़ा झटका लगने वाला है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी ईरान पर हमले कर सकता है। क्योंकि UAE ने जंग में अमेरिका का साथ देने, जंग में सीधे शामिल होने की तैयारी कर ली है। साथ ही कहा है कि अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट का कंट्रोल बदल देना चाहिए। स्ट्रेट के कुछ द्वीपों जैसे अबू मूसा पर अपना कंट्रोल करना चाहिए। क्योंकि इन द्वीपों पर UAE का अधिकार है, लेकिन ईरान जबरन कब्जा करके बैठा है।
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UNSC में प्रस्ताव पेश करने का ऐलान
ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने चौंकाने वाला बयान दिया है। जंग में सीधे शामिल होने की इच्छा जताते हुए होर्मुज स्ट्रेट को जबरन खुलवाने की अपनी योजना को दुनिया के सामने रखा है। UAE संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक प्रस्ताव पेश करने की तैयारी में भी है, ताकि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के खिलाफ इंटरनेशनल लेवल पर सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार मिल जाए। फिर वह कई देशों के साथ मिलकर कार्रवाई करेगा।
अमेरिका, यूरोप, एशिया से भी आग्रह
बता दें कि UAE ने अमेरिका, यूरोपीय देशों, एशियाई देशों से भी आग्रह किया है कि वे उसके प्रस्ताव का समर्थन करें और होर्मुज स्ट्रेट को ईरान से आजाद कराने के लिए सैन्य कार्रवाई करें। वहीं अगर UAE जंग में सीधा शामिल हुआ तो वह पहला अरब देश होगा, जो औपचारिक रूप से ईरान के खिलाफ युद्ध करेगा। अब तक UAE जंग रुकवाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब वह खुद ईरान से जंग लड़ना चाहता है। अगर UNSC ने प्रस्ताव मंजूर किया तो होर्मुज में विनाश हो सकता है।
मंजूरी मिलने बिना सैन्य सहयोग देगा
बता दें कि UNSC में UAE के प्रस्ताव पर रूस और चीन वीटो कर सकते हैं, लेकिन अगर अमेरिका ने इसे मान लिया और अन्य देशों ने भी समर्थन दिया तो प्रस्ताव पारित हो सकता है। वैसे UAE ने यी भी स्पष्ट किया है कि UNSC से मंजूरी मिले बिना भी वह सैन्य सहयोग देने के लिए तैयार है। UAE के विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया है कि होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग जारी रहनी चाहिए, लेकिन अब स्वतंत्र शिपिंग होनी चाहिए। ईरान किसी न किसी वजह से इसे बाधित करता रहता है।
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UAE ने अचानक फैसला क्यों लिया?
बता दें कि UAE ने अचानक ईरान को लेकर अपना रुख बदला है। UAE पहले अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रुकवाने की कोशिश कर रहा था। ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी इसकी मकसद से अबू धाबी की यात्रा पर गए थे। लेकिन अब UAE ने सीधे-सीधे अमेरिका का साथ देने का ऐलान किया है। सऊदी अरब समेत अन्य खाड़ी देश भी ईरान के खिलाफ अपना रुख सख्त कर रहे हैं, लेकिन किसी ने अभी तक युद्ध जॉइन करने का ऐलान नहीं कियाा है।
US-Israel Iran War: जंग के बीच ईरान को बड़ा झटका लगने वाला है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी ईरान पर हमले कर सकता है। क्योंकि UAE ने जंग में अमेरिका का साथ देने, जंग में सीधे शामिल होने की तैयारी कर ली है। साथ ही कहा है कि अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट का कंट्रोल बदल देना चाहिए। स्ट्रेट के कुछ द्वीपों जैसे अबू मूसा पर अपना कंट्रोल करना चाहिए। क्योंकि इन द्वीपों पर UAE का अधिकार है, लेकिन ईरान जबरन कब्जा करके बैठा है।
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UNSC में प्रस्ताव पेश करने का ऐलान
ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने चौंकाने वाला बयान दिया है। जंग में सीधे शामिल होने की इच्छा जताते हुए होर्मुज स्ट्रेट को जबरन खुलवाने की अपनी योजना को दुनिया के सामने रखा है। UAE संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक प्रस्ताव पेश करने की तैयारी में भी है, ताकि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के खिलाफ इंटरनेशनल लेवल पर सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार मिल जाए। फिर वह कई देशों के साथ मिलकर कार्रवाई करेगा।
अमेरिका, यूरोप, एशिया से भी आग्रह
बता दें कि UAE ने अमेरिका, यूरोपीय देशों, एशियाई देशों से भी आग्रह किया है कि वे उसके प्रस्ताव का समर्थन करें और होर्मुज स्ट्रेट को ईरान से आजाद कराने के लिए सैन्य कार्रवाई करें। वहीं अगर UAE जंग में सीधा शामिल हुआ तो वह पहला अरब देश होगा, जो औपचारिक रूप से ईरान के खिलाफ युद्ध करेगा। अब तक UAE जंग रुकवाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब वह खुद ईरान से जंग लड़ना चाहता है। अगर UNSC ने प्रस्ताव मंजूर किया तो होर्मुज में विनाश हो सकता है।
मंजूरी मिलने बिना सैन्य सहयोग देगा
बता दें कि UNSC में UAE के प्रस्ताव पर रूस और चीन वीटो कर सकते हैं, लेकिन अगर अमेरिका ने इसे मान लिया और अन्य देशों ने भी समर्थन दिया तो प्रस्ताव पारित हो सकता है। वैसे UAE ने यी भी स्पष्ट किया है कि UNSC से मंजूरी मिले बिना भी वह सैन्य सहयोग देने के लिए तैयार है। UAE के विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया है कि होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग जारी रहनी चाहिए, लेकिन अब स्वतंत्र शिपिंग होनी चाहिए। ईरान किसी न किसी वजह से इसे बाधित करता रहता है।
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UAE ने अचानक फैसला क्यों लिया?
बता दें कि UAE ने अचानक ईरान को लेकर अपना रुख बदला है। UAE पहले अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रुकवाने की कोशिश कर रहा था। ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी इसकी मकसद से अबू धाबी की यात्रा पर गए थे। लेकिन अब UAE ने सीधे-सीधे अमेरिका का साथ देने का ऐलान किया है। सऊदी अरब समेत अन्य खाड़ी देश भी ईरान के खिलाफ अपना रुख सख्त कर रहे हैं, लेकिन किसी ने अभी तक युद्ध जॉइन करने का ऐलान नहीं कियाा है।