मिडिल ईस्ट में जारी संकट और ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर के बीच पाकिस्तान में एविएशन फ्यूल की कमी का खतरा बढ़ गया है. इसी को देखते हुए पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी (PAA) ने एक अहम नोटिस (NOTAM) जारी किया है, जिसमें विदेशी एयरलाइनों को निर्देश दिया गया है कि वो अपनी वापसी यात्रा के लिए भरपूर ईंधन अपने साथ लेकर आएं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये फैसला Jet A-1 (एविएशन फ्यूल) की सप्लाई में आई रुकावटों की वजह से लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए देश में ईंधन की बचत जरूरी हो गई है, ताकि घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके.
‘फ्यूल अपने साथ लाएं फ्लाइट्स’
NOTAM में साफ तौर पर कहा गया है कि विदेशी एयरलाइंस पाकिस्तान में ईंधन भरने पर निर्भर न रहें और ज्यादातर फ्यूल अपने साथ लेकर आएं. ये कदम एहतियातन उठाया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित संकट से निपटा जा सके. इस फैसले का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी दिखने लगा है. कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि एक्सट्रा ईंधन भरने की वजह से विमानों का वजन बढ़ रहा है, जिससे यात्रियों के सामान या कार्गो को सीमित करना पड़ रहा है. इतना ही नहीं, कुछ उड़ानों को बीच रास्ते में दूसरे देशों में उतरकर ईंधन भरना पड़ा है. हालांकि, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि आम जनता के इस्तेमाल के लिए भरपूर ईंधन भंडार मौजूद है, लेकिन भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है.
भारत में भी है संकट?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये हालात सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका कनेक्शन मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और वैश्विक तेल सप्लाई में आई रुकावटों से भी है. हाल ही में फ्यूल की कीमतों में आई बढ़ोतरी और राशनिंग जैसे कदमों पर भी विचार किया जा रहा है. युद्ध की वजह से भारत में भी एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. हो सकता है कि जल्द ही फ्लाइट टिकट भी महंगी हो जाएं. हालांकि, सरकार ने फैसला किया है कि घरेलू रूट्स पर एटीएफ की कीमतों में सिर्फ 25 प्रतिशत यानी 15 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू की जाएगी और वो भी चरणबद्ध तरीके से, लेकिन इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर एयरलाइंस को पूरी बढ़ी हुई कीमत ही चुकानी होगी.