News24 हिंदी
न्यूज 24 डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।
Read More---विज्ञापन---
Trump Tarrif Latest Update: अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसे लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। भारत ने पेनल्टी के तौर पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ का विरोध किया है और रूस से तेल-रक्षा उपकरण खरीद जारी रखने का ऐलान किया है। रूस ने भी भारत को उसकी प्रतिबद्धता का तोहफा आयात पर 5 प्रतिशत की छूट देकर दिया है। इस बीच भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने रूस के साथ व्यापार बढ़ाने पर जोर देते हुए रूस की कंपनियों से खास अपील की है।
यह भी पढ़ें: 50% ट्रंप टैरिफ के विरोध में अमेरिकन राष्ट्रपति की गवर्नर ने दिया बयान, क्या बोलीं निक्की हेली?
विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस की कंपनियों को भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है। रूस की कंपनियों को संदेश देते हुए उन्होंने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और ‘मेक इन इंडिया’, आत्मनिर्भर भारत जैसे विकासशील कदमों का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों विचारधारा के कारण ही भारत में विदेशी कंपनियों के लिए दरवाजे खुले हैं। रूस ही नहीं अन्य देशों की कंपनियों का भी निमंत्रण स्वीकार है, जो भारतीय बाजार में एंट्री करना चाहती हैं और बिजनेस करना चाहती है।
यह भी पढ़ें: क्या है ट्रंप टैरिफ विवाद का भविष्य, भारत के पास बचाव के 4 रास्ते, 50% Tariff का कैसे पड़ेगा असर?
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत की वर्तमान GDP 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा है। निकट भविष्य में GDP 7% की दर तक पहुंच सकती है। इसके लिए भारत को भरोसेमंद बिजनेस पार्टनर्स और उनके संसाधनों की जरूरत पउ़ेगी। उत्पादों, उर्वरक, रसायनों और मशीनरी की जरूरत पड़ेगी। इसमें रूस सबसे बड़ा सहयोगी बन सकता है। चीन ने भी भारत को उर्वरक, दुर्लभ मिट्टी और मशीनरी की सप्लाई फिर से देने का वादा किया है। चीन के साथ भारत के संबंध अब सुधर रहे हैं और रूस से संबंधों को भारत और मजबूत करना चाहता है।
यह भी पढ़ें: टैरिफ विवाद के बीच ट्रंप का बड़ा फैसला, भारत के साथ व्यापार वार्ता करने से किया इनकार
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और रूस ने अपने रिश्ते को मजबूत किया है, लेकिन अभी दोनों के बीच सीमित व्यापार हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों में द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि हुई है, लेकिन व्यापार घाटा भी बढ़ा है। फिर भी दोनों देशों के लिए द्विपक्षीय व्यापार में विविधता और संतुलन बनाए रखना जरूरी है, इसके लिए भारत की ओर से ज्यादा कठोर प्रयास किए जाने की भी जरूरत है। जयशंकर ने विकास को बढ़ावा देने के लिए रूस से सहयोग पर जोर दिया। ज्यादा निवेश, जॉइंट इंडस्ट्रीज और परस्पर सहयोग पर रूस के साथ मिलकर विचार करने की इच्छा भी सरकार की ओर से व्यक्त की।
न्यूज 24 पर पढ़ें दुनिया, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।