होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप के यूटर्न का भारत में पेट्रोल-डीजल पर क्या होगा असर, दाम घटेंगे या बढ़ेंगे?

‘जिसे तेल चाहिए वो होर्मुज का रास्ता खुद खुलवाए!’ ट्रंप के इस तीखे बयान ने दुनिया को चौंका दिया है. अगर अमेरिका पश्चिम एशिया से पैर खींचता है तो भारत में तेल की कीमतों पर क्या असर होगा?

Strait of Trump

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर फिर आक्रामक रुख अपनाया है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने तेवरों से दुनिया भर के तेल बाजारों में हलचल मचा दी है. ईरान को पहले 6 अप्रैल तक ‘होर्मुज स्ट्रेट’ पर अल्टीमेटम देने वाले ट्रंप ने अचानक यूटर्न लेते हुए साफ कर दिया है कि अमेरिका का अब ‘होर्मुज स्ट्रेट’ से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जिसे वहां से तेल चाहिए, वह रास्ता खुलवाने की जिम्मेदारी भी खुद उठाए. ट्रंप का यह बयान भारत जैसे देशों के लिए अवसर और टेंशन दोनों लेकर आया है.

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अभी होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद है. इससे खाड़ी देशों से एशिया को तेल पहुंचना रुक गया है. अमेरिका अब जबरन स्ट्रेट नहीं खुलवाएगा तो लड़ाई लंबी खिंच सकती है या जंग खत्म हो सकती है. जंग खत्म हुई तो कच्चा तेल सस्ता होगा. अगर आगे भी कच्चे तेल की सप्लाई बाधित रही तो कीमतें ऊंची बनी रहेंगी या और बढ़ सकती हैं.

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पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या होगा असर?

ट्रंप के इस बयान के दो पहलू हैं जो भारत में कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं. अगर ट्रंप के बयान से ईरान के साथ जंग खत्म होती है तो कच्चा तेल $70-$80 प्रति बैरल तक सस्ता हो जाएगा. वर्तमान में कच्चा तेल $100 के पार होने की वजह से तेल कंपनियां घाटा सह रही हैं. सरकार ने हाल ही में ₹10 की एक्साइज ड्यूटी घटाई है, लेकिन इसका पूरा फायदा जनता को इसलिए नहीं मिला क्योंकि कंपनियां अपना पुराना घाटा पूरा कर रही हैं. जैसे ही कच्चा तेल $80 के नीचे जाएगा, कंपनियों का घाटा खत्म हो जाएगा और वे 5 से 10 रुपये की कटौती आसानी से जनता तक पहुंचा सकेंगी.

यदि अमेरिका के हटने से खाड़ी देशों में असुरक्षा बढ़ती है और होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $120-$130 के पार जा सकती हैं. ऐसी स्थिति में भारत में पेट्रोल-डीजल 10 से 15 रुपए तक महंगा हो सकता है.

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भारत के लिए क्यों है यह ‘होर्मुज स्ट्रेट’ जरूरी?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का वह संकरा समुद्री रास्ता है जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल इसी रास्ते से मंगाता है. अगर अमेरिका यहां से हटता है और जंग खत्म होती है तो वैश्विक सप्लाई चेन सुधरेगी. इससे समुद्री भाड़ा और बीमा का खर्च कम होगा. कुल मिलाकर कच्चे तेल के रेट में गिरावट भारत के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा. अगर सुरक्षा व्यवस्था चरमराती है तो तेल की सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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