वीजा प्रतिबंध को लेकर अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, अमेरिकी ने साइबर धोखाधड़ी पर शिकंजा कसने के लिए एक नई वीजा प्रतिबंध नीति की घोषणा की है. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि यह नीति अमेरिकी नागरिकों से अरबों डॉलर ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए बनाई गई है. यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी किए गए निर्देशों का हिस्सा है, जिसका मकसद साइबर अपराध को खत्म करना है. नए नियमों के तहत धोखाधड़ी, ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम और सेक्सटॉर्शन जैसे अपराधों में शामिल विदेशी नागरिकों को अमेरिका का वीजा नहीं मिलेगा. सबसे अहम बात यह है कि इस प्रतिबंध के दायरे में आरोपी अपराधियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे.
अरबों डॉलर का नुकसान और चीनी नेटवर्क पर निशाना
अमेरिका में साल 2024 के दौरान साइबर धोखाधड़ी की वजह से आम जनता को 12.5 अरब डॉलर से ज्यादा का भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इसमें सबसे ज्यादा शिकार वरिष्ठ नागरिक बने हैं, जिन्हें फर्जी ऑनलाइन स्कीमों के जरिए ठगा गया. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे मुख्य रूप से चीनी गिरोह काम कर रहे हैं जो लोगों को फर्जी रिश्तों में फंसाकर पैसे ऐंठते हैं. ये नेटवर्क न केवल अमेरिकियों से अरबों डॉलर लूट रहे हैं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में भी लिप्त हैं. इसके अलावा अमेरिकी बच्चों को निशाना बनाने वाले सेक्सटॉर्शन रैकेट को लेकर भी प्रशासन ने कड़ी चेतावनी जारी की है.
यह भी पढ़ें: अमेरिका के सिएटल में स्पेस नीडल के पास अंधाधुंध गोलीबारी, 2 लोगों की मौत और कई घायल
अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई और सख्त नीतियां
अमेरिका केवल वीजा रोकने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि साइबर अपराधियों के खिलाफ बहुआयामी कार्रवाई करने की तैयारी में है. इसके तहत आर्थिक प्रतिबंध लगाने, संपत्ति जब्त करने, आपराधिक मुकदमे चलाने और प्रत्यर्पण मांगने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे. हाल ही में कंबोडिया के एक बड़े ग्रुप से जुड़े 35 लोगों और संस्थाओं पर क्रिप्टोकरेंसी घोटाले के आरोप में प्रतिबंध लगाया गया था. अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराधों के जरिए उनके देश के नागरिकों का शोषण करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. यह नीति दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर अमेरिकियों को ठगने वालों को कड़ा संदेश देती है.
वीजा प्रतिबंध को लेकर अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, अमेरिकी ने साइबर धोखाधड़ी पर शिकंजा कसने के लिए एक नई वीजा प्रतिबंध नीति की घोषणा की है. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि यह नीति अमेरिकी नागरिकों से अरबों डॉलर ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए बनाई गई है. यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी किए गए निर्देशों का हिस्सा है, जिसका मकसद साइबर अपराध को खत्म करना है. नए नियमों के तहत धोखाधड़ी, ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम और सेक्सटॉर्शन जैसे अपराधों में शामिल विदेशी नागरिकों को अमेरिका का वीजा नहीं मिलेगा. सबसे अहम बात यह है कि इस प्रतिबंध के दायरे में आरोपी अपराधियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे.
अरबों डॉलर का नुकसान और चीनी नेटवर्क पर निशाना
अमेरिका में साल 2024 के दौरान साइबर धोखाधड़ी की वजह से आम जनता को 12.5 अरब डॉलर से ज्यादा का भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इसमें सबसे ज्यादा शिकार वरिष्ठ नागरिक बने हैं, जिन्हें फर्जी ऑनलाइन स्कीमों के जरिए ठगा गया. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे मुख्य रूप से चीनी गिरोह काम कर रहे हैं जो लोगों को फर्जी रिश्तों में फंसाकर पैसे ऐंठते हैं. ये नेटवर्क न केवल अमेरिकियों से अरबों डॉलर लूट रहे हैं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में भी लिप्त हैं. इसके अलावा अमेरिकी बच्चों को निशाना बनाने वाले सेक्सटॉर्शन रैकेट को लेकर भी प्रशासन ने कड़ी चेतावनी जारी की है.
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अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई और सख्त नीतियां
अमेरिका केवल वीजा रोकने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि साइबर अपराधियों के खिलाफ बहुआयामी कार्रवाई करने की तैयारी में है. इसके तहत आर्थिक प्रतिबंध लगाने, संपत्ति जब्त करने, आपराधिक मुकदमे चलाने और प्रत्यर्पण मांगने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे. हाल ही में कंबोडिया के एक बड़े ग्रुप से जुड़े 35 लोगों और संस्थाओं पर क्रिप्टोकरेंसी घोटाले के आरोप में प्रतिबंध लगाया गया था. अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराधों के जरिए उनके देश के नागरिकों का शोषण करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. यह नीति दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर अमेरिकियों को ठगने वालों को कड़ा संदेश देती है.