अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण नौसैनिक नाकेबंदी के लिए 15 से ज्यादा जंगी जहाजों को तैनात कर दिया है. इस ऑपरेशन में सबसे खास भूमिका ‘यूएसएस त्रिपोली’ निभा रहा है जो अरब सागर में तैनात है और रात में भी उड़ान भरने वाले घातक F-35B लाइटनिंग II स्टील्थ फाइटर्स और एमवी-22 ऑस्प्रे विमानों से लैस है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पुष्टि की है कि यह नाकेबंदी पूरी तरह निष्पक्ष होगी और ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले हर जहाज पर लागू होगी. हालांकि प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों के रास्ते में कोई रुकावट पैदा नहीं की जाएगी.
ट्रंप की सीधी और क्रूर चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान की कोई भी ‘फास्ट अटैक शिप’ नाकेबंदी के करीब आई तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना का मुख्य हिस्सा यानी करीब 158 जहाज पहले ही जंग के दौरान समुद्र की गहराई में दफन हो चुके हैं. ट्रंप ने स्पष्ट लहजे में कहा कि अब जो कुछ छोटी नावें बची हैं उन्हें उसी बेरहमी से निपटाया जाएगा जैसे समुद्र में ड्रग डीलरों को खत्म किया जाता है. उन्होंने इसे ‘क्विक और ब्रूटल’ तरीका बताते हुए ईरान को किसी भी तरह की हिमाकत न करने की सलाह दी है.
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क्यों नाकाम हुई शांति की कोशिशें?
यह सैन्य घेराबंदी ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान के इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता पूरी तरह विफल हो चुकी है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बिना किसी समझौते के वापस लौट आया है जिससे शांति की उम्मीदें खत्म हो गई हैं. 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से शुरू हुई यह जंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. हालांकि पिछले बुधवार को दोनों देशों के बीच दो हफ्ते के युद्ध विराम पर सहमति बनी थी लेकिन बातचीत टूटने के बाद ट्रंप ने नाकेबंदी का रास्ता चुन लिया है.
फोन कर सुलह के लिए कह रहा ईरान- डोनाल्ड ट्रंप
ईरान के साथ जारी तनाव के बीच सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की तरफ से कॉल आया है कि किसी भी हालत में डील चाहते हैं. मंगलवार को ईरान के पोर्टों की नाकाबंदी के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि किसी भी हाल में ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा और हम उनसे परमाणु सामग्री ले लेंगे या फिर छीन लेंगे. साथ ही ट्रंप ने कहा कि नाकाबंदी के बाद ईरान बिल्कुल भी बिजनेस नहीं कर पा रहा है. उन्होंने कहा कि हमारी नाकाबंदी से ईरान परेशान और फोन करके सुलह के लिए कहा रहा है.










