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शिव मंदिर पर दागे गोले, थाई-कंबोडिया सीमा पर बने यूनेस्को विश्व धरोहर को कितना पहुंचा नुकसान?

थाईलैंड और कंबोडिया सीमा पर मौजूद यूनेस्कों विश्व धरोहर स्थल प्रीह विहियर मंदिर पर बमबारी किए जाने की बात सामने आई है। कंबोडिया ने थाईलैंड पर इसका आरोप लगाया है, जबकि थाई सेना के प्रवक्ता ने इसे नकार दिया है।

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद को लेकर युद्ध चल रहा है। कंबोडिया का आरोप है कि सीमा पर स्थित ऐतिहासिक और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रीह विहियर मंदिर (शिव मंदिर) को काफी नुकसान पहुंचा है। थाईलैंड ने शिव मंदिर के कई हिस्सों पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया है। वहीं थाईलैंड ने कंबोडिया के इस दावे को नकार दिया है। थाईलैंड सेना प्रवक्ता का कहना है कि मंदिर को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया था। कंबोडिया गलत आरोप लगा रहा है।

थाई एफ-16 लड़ाकू विमानों से की बमबारी

कंबोडिया मंत्रालय का कहना है कि थाई एफ-16 लड़ाकू विमानों से प्रीह विहियर मंदिर (शिव मंदिर) पर बमबारी की गई है। थाईलैंड ने जानबूझकर प्रीह विहियर मंदिर को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। बमबारी से मंदिर के कई हिस्सों को भारी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि ये मंदिर कंबोडियाई संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। कंबोडियाई संस्कृति मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत न्याय की मांग की है। जबकि थाईलैंड ने कंबोडिया के आरोपों को गलत बताया है।

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मंदिर को नहीं बनाया निशाना

थाई सेना प्रवक्ता का कहना है कि कंबोडिया द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। उन्होंने मंदिर को किसी भी तरह से निशाना नहीं बनाया है। थाई सेना कंबोडिया सेना को निशाना बनाकर हमला कर रही है। वे न तो मंदिर को निशाना बना रहे हैं और न ही वहां के नागरिकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। थाई सेना प्रवक्ता का कहना है कि कंबोडिया इस तकरार को कोई दूसरा रूप देने का प्रयास कर रहा है, लेकिन वो ऐसा नहीं होने देंगे। अपनी सीमा को लेकर उनकी तरफ से हमले जारी रहेंगे।

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जानिए क्या है शिव मंदिर विवाद?

दरअसल थाईलैंड और कंबोडिया बौद्ध धर्म को मानने वाले हैं। इन देशों की सीमा पर प्रीह विहार मंदिर है। ये एक हिंदू मंदिर है। इसे भगवान शिव का मंदिर माना जाता है। दोनों ही देश इस मंदिर को अपनी सीमा पर बताते हैं। जबकि अधिकारियों रूप से इसे कंबोडिया के क्षेत्र में माना जाता है। यूनेस्को की ये धरोहर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। इस मंदिर को 11वीं शताब्दी बनाया गया था। इसका इतिहास 9वीं शताब्दी से जुड़ा है। मान्यता है कि मंदिर का निर्माण खमेर साम्राज्य के राजा यशोवर्मन प्रथम के दौरान हुआ था। इसके बाद दूसरे राजाओं ने इसका निर्माण कार्य पूरा कराया।

First published on: Jul 25, 2025 10:32 PM

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युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।

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Md Junaid Akhtar

युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।

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