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मेट्रो या कैब नहीं, यहां तैरते हुए ऑफिस जाते हैं लोग, मजबूरी नहीं, ये है वजह

Swimming To Work Switzerland: पिछले कुछ साल में स्विट्जरलैंड में एक अनोखा ट्रेंड देखने को मिल रहा है। यहां लोग स्विमिंग करते हुए ऑफिस जाते हैं। ऐसा क्यों किया जा रहा है, इस रिपोर्ट में जानिए।

Swimming To Work Switzerland: आप अपने ऑफिस पैदल, बाइक, स्कूटर, कार या किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जाते होंगे, लेकिन क्या कभी तैरकर ऑफिस जाने के बारे में सोचा है। जी हां, ये सच है। एक देश ऐसा भी है, जहां लोग नदी में तैरकर ऑफिस जाते हैं। हम बात कर रहे हैं स्विट्जरलैंड की। यहां गर्मियों के दिनों में लोग ज्यूरिख और बासेल के बीच बर्न नदी में तैरकर ऑफिस जाते हैं। खास बात यह है कि लोग इस दौरान फोल्डेबल या रोल करने वाले ड्राई बैग अपने साथ रखते हैं।

कपड़े बदलकर नदी में कूद पड़ते हैं लोग 

ये ड्राई बैग मछली के आकार के होते हैं। जिन्हें विकेलफिश कहा जाता है। ये विकेलफिश ज्यूरिख की दुकानों पर काफी लोकप्रिय हैं। लोग इन्हें अपने बैग में रखते हैं। इन बैग्स का इस्तेमाल ऑफिस के कपड़े रखने के लिए होता है। लोग एंट्रेंस जोन पर कपड़े बदलते हैं। इसके बाद नदी में कूद पड़ते हैं। फिर तैरते हुए अपने ऑफिस के पास वाली जगह से बाहर निकल जाते हैं।

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शाम को गुनगुने पानी का मजा

लोग ऑफिस जाने की इस यात्रा को काफी एंजॉय करते हैं। दरअसल, सुबह के टाइम नदी का पानी सूरज की रोशनी को सोखता है। इससे यह काफी गर्म हो जाता है। जबकि शाम को नदी का पानी थोड़ा गुनगुना होता है। ऐसे में लोग घर लौटते समय इसे काफी एंजॉय करते हैं। यानी लोगों के सामने कोई मजबूरी नहीं है, लेकिन वे ऑफिस जाने तक की यात्रा का मजा लेना चाहते हैं। इसलिए धरती के स्वर्ग कहे जाने वाले स्विट्जरलैंड में ये ट्रेंड काफी पॉपुलर हो गया है।

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कब से हुई शुरुआत?

रिपोर्ट के अनुसार, इसे 20वीं सदी के अंत में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य झीलों और नदियों को साफ कर तैराकी के लिए तैयार करना था। उसी समय नदी में ट्रांसपोर्ट भी शुरू हुआ था। साथ ही नदी में तैराकी भी शुरू हुई थी।

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प्रकृति के लिए भी फायदेमंद 

स्विट्जरलैंड में इस ट्रेंड के शुरू होने के बाद वाहनों से निकलने वाले धुएं से काफी हद तक निजात मिली है। यह तरीका प्रकृति के लिए भी फायदेमंद है। स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में भी अनुभवी तैराक हैं, जो आरे नदी का उपयोग ट्रांसपोर्ट के लिए करते हैं। एक स्थानीय निवासी एवलिन श्नाइडर-रेयेस का कहना है कि ये तरीका हमारा समय भी बचाता है।

First published on: Sep 18, 2024 08:31 PM

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About the Author

Pushpendra Sharma

पुष्पेन्द्र शर्मा न्यूज 24 वेबसाइट में 'डेस्क इंचार्ज' की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लगभग 17 वर्षों से मीडिया (प्रिंट, टीवी, वेब) में काम कर रहे हैं। मूलत: राजस्थान भरतपुर के निवासी हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2008 में प्रिंट मीडिया Dainik Bhaskar से की थी। इसके बाद Rajasthan Patrika, Bhaskar.com और DNA Hindi (Zee Media) जैसे संस्थानों के लिए काम किया। News24 Website में न्यूज टीम को लीड कर रहे हैं। इसके साथ ही स्पोर्ट्स टीम का लीड कर चुके हैं। अपने करियर में लगभग सभी विषयों (राजनीति, क्राइम, देश-विदेश, शिक्षा, क्रिकेट, लाइफस्टाइल, मनोरंजन आदि) पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखते हैं। साथ ही एडिटिंग का कार्य कर चुके हैं। न्यूज 24 पर सबसे पहले और सबसे सटीक खबरें प्रकाशित हों और सही तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचें, इसी उद्देश्य के साथ सतत लेखन जारी है।

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