अमेरिका-ईरान जंग के बीच 107 दिनों में कितने भारतीयों ने गंवाई जान? जानें मिडिल ईस्ट में कब-कब और कहां-कहां हुए हमले
अमेरिका की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट में चार दिन के अंदर तीन बड़े जहाजों (तेल टैंकरों) को निशाना बनाया गया है. जिन टैंकरों पर अमेरिका ने हमला किया है, उनमें से सभी में भारतीय नाविक क्रू सवार थे. 10 जून को एमटी सेट्टेबेलो पर हुए एक हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई. भारत के विदेश मंत्रालय ने इन तीन में से दो हमलों (10 जून और 11 जून के हमले) को लेकर अमेरिका के राजनयिक स्तर के शीर्ष अधिकारी को तलब भी किया था और इन घटनाओं पर कड़ा विरोध भी दर्ज कराया.
Edited By : Versha Singh|Updated: Jun 15, 2026 14:39
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अमेरिका की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट में चार दिन के अंदर तीन बड़े जहाजों (तेल टैंकरों) को निशाना बनाया गया है. जिन टैंकरों पर अमेरिका ने हमला किया है, उनमें से सभी में भारतीय नाविक क्रू सवार थे. 10 जून को एमटी सेट्टेबेलो पर हुए एक हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई. भारत के विदेश मंत्रालय ने इन तीन में से दो हमलों (10 जून और 11 जून के हमले) को लेकर अमेरिका के राजनयिक स्तर के शीर्ष अधिकारी को तलब भी किया था और इन घटनाओं पर कड़ा विरोध भी दर्ज कराया.
पहली बार नहीं हुआ ये हमला
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से यह कोई पहला ऐसा मौका नहीं था जब किसी हमले में भारतीय व्यक्ति की मौत हुई है. अब तक कम से कम इस तरह की घटनाओं में 13 भारतवासियों की मौत हो चुकी है. इन नौ में से सात घटनाएं ईरान के हमले से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ी रहीं हैं, जबकि एक घटना अमेरिका से जुड़ी है.
वहीं, एक घटना को लेकर दोनों ही देशों की संदिग्ध भूमिका की जांच की जा रही है. आइए जानते हैं कि 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट से लेकर खाड़ी के देशों में कितने भारतीय युद्ध के सीधे असर की वजह से जान गंवा चुके हैं.
New Delhi, Jun 11 (ANI): A visual of the Palau-flagged oil tanker MT Settebello, with 24 Indian seafarers on board, attacked by U.S. forces off the coast of Oman, near Strait of Hormuz, on Wednesday (June 10). 21 Indian seafarers rescued, while 3 are reportedly missing. (Forward Seamen’s Union of India/ANI Video Grab)
कब हुई थी पहली घटना?
मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एक वाणिज्यिक तेल टैंकर एमकेडी व्योम , जो नीदरलैंड से सऊदी अरब जा रहा था, पर 1 मार्च, 2026 को ओमान के मस्कट तट (पोर्ट सुल्तान काबूस) से लगभग 52 नॉटिकल मील दूर पर एक मानव रहित आत्मघाती नाव (Unmanned suicide boat) से हमला किया गया था. जहाज पर कुल 21 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 16 भारतीय, 4 बांग्लादेशी और 1 यूक्रेनी नागरिक शामिल था.
इस हमले में हुई थी 1 भारतीय की मौत
इस घटना में एक भारतीय की मौत हो गई थी, जबकि बाकी बचे 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया. पनामा के झंडे वाले एक अन्य वाणिज्यिक जहाज एमवी सैंड ने संकट में फंसे चालक दल को तुरंत रेस्क्यू किया, जबकि ओमान की रॉयल नेवी ने स्थिति को संभाला. इस घटना में जान गंवाने वाले नाविक की पहचान भारत में मुंबई (कांदिवली) के रहने वाले 33 वर्षीय नाविक के तौर पर हुई.
एमटी स्काईलाइट पर हुआ दूसरा अटैक
1 मार्च 2026 को ओमान के मुसन्दम प्रायद्वीप के पास तेल टैंकर एमटी स्काईलाइट के साथ दूसरी घटना हुई. यह घटना एमकेडी व्योम पर हुए हमले के आस-पास ही घटी थी. जहाज पर कुल 20 सदस्य थे, जिनमें 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक शामिल थे.
हमले के तुरंत बाद ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर (एमएससी) ने प्रतिक्रिया दी और सभी जीवित बचे क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया. घायल सदस्यों को ओमान के अस्पतालों में भर्ती कराया गया और बाकी चालक दल को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. रिपोर्ट्स में सामने आया कि यह जहाज ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन से जुड़े होने की वजह से अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में था. हमले में एक कैप्टन आशीष कुमार का शव केबिन से बरामद हुआ और एक अन्य क्रू सदस्य दिलीप सिंह की भी मृत्यु हुई.
एमटी सेफसी विष्णु पर हुआ तीसरा हमला
अमेरिका के टैंकर एमटी सेफसी विष्णु पर 11 मार्च, 2026 को इराक के बसरा के पास फारस की खाड़ी में एक भीषण हमला हुआ. यह घटना पश्चिम एशिया तनाव के बीच व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की श्रृंखला का हिस्सा थी. घटना के समय यह टैंकर एक अन्य माल्टा-ध्वज वाले जहाज जेफिरोस के साथ शिप-टू-शिप माल की लोडिंग कर रहा था. हमले में जहाज के अतिरिक्त मुख्य अभियंता देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई. वह मुंबई के रहने वाले थे. जहाज पर कुल 16 भारतीय चालक दल के सदस्य शामिल थे.
ओमान में ईरानी ड्रोन हमले में दो भारतीयों की मौत
13 मार्च 2026 को ओमान के सोहार शहर में हुए एक ईरानी ड्रोन हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई और 10 अन्य भारतीय घायल हो गए. पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद ओमान की जमीन पर आम नागरिकों के मारे जाने की यह पहली घटना थी. धमाके की चपेट में दो भारतीय प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई. घटना में कुल 11 लोग घायल हुए, जिनमें से 10 नागरिक भारतीय थे.
सऊदी अरब में ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय की मौत
सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर 18 मार्च, 2026 को हुए एक बड़े ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किए जाने के बाद सऊदी अरब की धरती पर किसी भारतीय के मारे जाने की यह पहली बड़ी घटना थी. इस हमले में एक भारतीय नागरिक की जान गई. इस घटना के साथ ही उस दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष में मारे गए कुल भारतीयों की संख्या 7 तक पहुंच गई.
26 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबुधाबी पर हुए एक बड़े ईरानी मिसाइल हमले के दौरान एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान यूएई की धरती पर किसी भारतीय नागरिक की मौत का यह पहला मामला रहा. अबु धाबी मीडिया ऑफिस की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस घटना में दो लोगों की मौत हुई.
कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले में भारतीय की मौत
कुवैत पर हुए 29 मार्च 2026 को एक भीषण ईरानी ड्रोन और मिसाइल स्ट्राइक के दौरान एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान कुवैत की धरती पर किसी भारतीय नागरिक के मारे जाने की यह पहली घटना थी. हमले का शिकार हुए भारतीय नागरिक की पहचान संथानसेल्वम कृष्णन (37) के रूप में हुई, जो मूल रूप से तमिलनाडु के रामनाथपुरम के रहने वाले थे.
कुवैत में एक और भारतीय की मौत
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर 3 जून को ईरान ने ड्रोन और मिसाइल से हमला किया था. इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और यात्रियों-स्टाफ सहित 63 लोग घायल हुए. इस हमले में मंजूर अहमद (55) की मृत्यु हुई थी. अहमद मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले थे.
एमटी सेट्टेबेलो पर अमेरिकी हमला
10 जून को ओमान की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट के पास एमटी सेट्टेबेलो नाम के तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना ने हमला किया. इस युद्ध क्षेत्र में किसी पश्चिमी देश (अमेरिका) की सैन्य कार्रवाई द्वारा भारतीय नागरिकों के मारे जाने की यह पहली और बेहद गंभीर घटना थी. एमटी सेट्टेबेलो पलाऊ के झंडे वाला एक वाणिज्यिक कच्चे तेल का टैंकर है. इसे यूएई की कंपनी आईओएस मरीन संचालित करती है. जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे. इस हमले में शुरुआत में कुछ नाविकों के लापता होने की खबर आई. बाद में सामने आया कि इसमें तीन भारतीयों की मौत हो गई.
8 और 11 जून को भी हुए हमले
अमेरिका द्वारा 8 जून 2026 को ओमान की खाड़ी में मसिराह द्वीप के पास पलाऊ के झंडे वाले एमटी मारिवेक्स को निशाना बनाया गया. अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन से उड़ान भरने वाले एक एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट ने इस तेल टैंकर के इंजन और स्टीयरिंग रूम पर सटीक निशाना साधकर मिसाइल दागी. मिसाइल लगते ही जहाज के निचले हिस्से में एक बड़ा छेद हो गया और इंजन रूम में भीषण आग लग गई. गनीमत रही कि इस हमले में सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया.
वहीं, 11 जून 2026 की सुबह अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी जलवीर के इंजन रूम पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं. हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई. इस जहाज पर भी 20 भारतीय नाविक सवार थे. राहत की बात यह रही कि ओमान की रॉयल नेवी की मदद से सभी 20 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया.
अमेरिका की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट में चार दिन के अंदर तीन बड़े जहाजों (तेल टैंकरों) को निशाना बनाया गया है. जिन टैंकरों पर अमेरिका ने हमला किया है, उनमें से सभी में भारतीय नाविक क्रू सवार थे. 10 जून को एमटी सेट्टेबेलो पर हुए एक हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई. भारत के विदेश मंत्रालय ने इन तीन में से दो हमलों (10 जून और 11 जून के हमले) को लेकर अमेरिका के राजनयिक स्तर के शीर्ष अधिकारी को तलब भी किया था और इन घटनाओं पर कड़ा विरोध भी दर्ज कराया.
पहली बार नहीं हुआ ये हमला
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से यह कोई पहला ऐसा मौका नहीं था जब किसी हमले में भारतीय व्यक्ति की मौत हुई है. अब तक कम से कम इस तरह की घटनाओं में 13 भारतवासियों की मौत हो चुकी है. इन नौ में से सात घटनाएं ईरान के हमले से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ी रहीं हैं, जबकि एक घटना अमेरिका से जुड़ी है.
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वहीं, एक घटना को लेकर दोनों ही देशों की संदिग्ध भूमिका की जांच की जा रही है. आइए जानते हैं कि 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट से लेकर खाड़ी के देशों में कितने भारतीय युद्ध के सीधे असर की वजह से जान गंवा चुके हैं.
New Delhi, Jun 11 (ANI): A visual of the Palau-flagged oil tanker MT Settebello, with 24 Indian seafarers on board, attacked by U.S. forces off the coast of Oman, near Strait of Hormuz, on Wednesday (June 10). 21 Indian seafarers rescued, while 3 are reportedly missing. (Forward Seamen’s Union of India/ANI Video Grab)
कब हुई थी पहली घटना?
मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एक वाणिज्यिक तेल टैंकर एमकेडी व्योम , जो नीदरलैंड से सऊदी अरब जा रहा था, पर 1 मार्च, 2026 को ओमान के मस्कट तट (पोर्ट सुल्तान काबूस) से लगभग 52 नॉटिकल मील दूर पर एक मानव रहित आत्मघाती नाव (Unmanned suicide boat) से हमला किया गया था. जहाज पर कुल 21 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 16 भारतीय, 4 बांग्लादेशी और 1 यूक्रेनी नागरिक शामिल था.
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इस हमले में हुई थी 1 भारतीय की मौत
इस घटना में एक भारतीय की मौत हो गई थी, जबकि बाकी बचे 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया. पनामा के झंडे वाले एक अन्य वाणिज्यिक जहाज एमवी सैंड ने संकट में फंसे चालक दल को तुरंत रेस्क्यू किया, जबकि ओमान की रॉयल नेवी ने स्थिति को संभाला. इस घटना में जान गंवाने वाले नाविक की पहचान भारत में मुंबई (कांदिवली) के रहने वाले 33 वर्षीय नाविक के तौर पर हुई.
एमटी स्काईलाइट पर हुआ दूसरा अटैक
1 मार्च 2026 को ओमान के मुसन्दम प्रायद्वीप के पास तेल टैंकर एमटी स्काईलाइट के साथ दूसरी घटना हुई. यह घटना एमकेडी व्योम पर हुए हमले के आस-पास ही घटी थी. जहाज पर कुल 20 सदस्य थे, जिनमें 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक शामिल थे.
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हमले के तुरंत बाद ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर (एमएससी) ने प्रतिक्रिया दी और सभी जीवित बचे क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया. घायल सदस्यों को ओमान के अस्पतालों में भर्ती कराया गया और बाकी चालक दल को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. रिपोर्ट्स में सामने आया कि यह जहाज ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन से जुड़े होने की वजह से अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में था. हमले में एक कैप्टन आशीष कुमार का शव केबिन से बरामद हुआ और एक अन्य क्रू सदस्य दिलीप सिंह की भी मृत्यु हुई.
एमटी सेफसी विष्णु पर हुआ तीसरा हमला
अमेरिका के टैंकर एमटी सेफसी विष्णु पर 11 मार्च, 2026 को इराक के बसरा के पास फारस की खाड़ी में एक भीषण हमला हुआ. यह घटना पश्चिम एशिया तनाव के बीच व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की श्रृंखला का हिस्सा थी. घटना के समय यह टैंकर एक अन्य माल्टा-ध्वज वाले जहाज जेफिरोस के साथ शिप-टू-शिप माल की लोडिंग कर रहा था. हमले में जहाज के अतिरिक्त मुख्य अभियंता देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई. वह मुंबई के रहने वाले थे. जहाज पर कुल 16 भारतीय चालक दल के सदस्य शामिल थे.
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ओमान में ईरानी ड्रोन हमले में दो भारतीयों की मौत
13 मार्च 2026 को ओमान के सोहार शहर में हुए एक ईरानी ड्रोन हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई और 10 अन्य भारतीय घायल हो गए. पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद ओमान की जमीन पर आम नागरिकों के मारे जाने की यह पहली घटना थी. धमाके की चपेट में दो भारतीय प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई. घटना में कुल 11 लोग घायल हुए, जिनमें से 10 नागरिक भारतीय थे.
सऊदी अरब में ईरानी मिसाइल हमले में भारतीय की मौत
सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर 18 मार्च, 2026 को हुए एक बड़े ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किए जाने के बाद सऊदी अरब की धरती पर किसी भारतीय के मारे जाने की यह पहली बड़ी घटना थी. इस हमले में एक भारतीय नागरिक की जान गई. इस घटना के साथ ही उस दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष में मारे गए कुल भारतीयों की संख्या 7 तक पहुंच गई.
26 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबुधाबी पर हुए एक बड़े ईरानी मिसाइल हमले के दौरान एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान यूएई की धरती पर किसी भारतीय नागरिक की मौत का यह पहला मामला रहा. अबु धाबी मीडिया ऑफिस की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस घटना में दो लोगों की मौत हुई.
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कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले में भारतीय की मौत
कुवैत पर हुए 29 मार्च 2026 को एक भीषण ईरानी ड्रोन और मिसाइल स्ट्राइक के दौरान एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान कुवैत की धरती पर किसी भारतीय नागरिक के मारे जाने की यह पहली घटना थी. हमले का शिकार हुए भारतीय नागरिक की पहचान संथानसेल्वम कृष्णन (37) के रूप में हुई, जो मूल रूप से तमिलनाडु के रामनाथपुरम के रहने वाले थे.
कुवैत में एक और भारतीय की मौत
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर 3 जून को ईरान ने ड्रोन और मिसाइल से हमला किया था. इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और यात्रियों-स्टाफ सहित 63 लोग घायल हुए. इस हमले में मंजूर अहमद (55) की मृत्यु हुई थी. अहमद मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले थे.
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एमटी सेट्टेबेलो पर अमेरिकी हमला
10 जून को ओमान की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट के पास एमटी सेट्टेबेलो नाम के तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना ने हमला किया. इस युद्ध क्षेत्र में किसी पश्चिमी देश (अमेरिका) की सैन्य कार्रवाई द्वारा भारतीय नागरिकों के मारे जाने की यह पहली और बेहद गंभीर घटना थी. एमटी सेट्टेबेलो पलाऊ के झंडे वाला एक वाणिज्यिक कच्चे तेल का टैंकर है. इसे यूएई की कंपनी आईओएस मरीन संचालित करती है. जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे. इस हमले में शुरुआत में कुछ नाविकों के लापता होने की खबर आई. बाद में सामने आया कि इसमें तीन भारतीयों की मौत हो गई.
8 और 11 जून को भी हुए हमले
अमेरिका द्वारा 8 जून 2026 को ओमान की खाड़ी में मसिराह द्वीप के पास पलाऊ के झंडे वाले एमटी मारिवेक्स को निशाना बनाया गया. अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन से उड़ान भरने वाले एक एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट ने इस तेल टैंकर के इंजन और स्टीयरिंग रूम पर सटीक निशाना साधकर मिसाइल दागी. मिसाइल लगते ही जहाज के निचले हिस्से में एक बड़ा छेद हो गया और इंजन रूम में भीषण आग लग गई. गनीमत रही कि इस हमले में सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया.
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वहीं, 11 जून 2026 की सुबह अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी जलवीर के इंजन रूम पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं. हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई. इस जहाज पर भी 20 भारतीय नाविक सवार थे. राहत की बात यह रही कि ओमान की रॉयल नेवी की मदद से सभी 20 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया.