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यूनाइटेड किंगडम, ब्रिटेन, इंग्लैंड… क्या है तीनों में अंतर, UK टूटा तो क्या बदलेगा, किसे होगा नुकसान, क्यों छिड़ा है विवाद?

यूनाइटेड किंगडम से आजाद होने के लिए स्कॉटलैंड, वेल्स और और नॉर्थ आयरलैंड ने एक समझौता साइन कर लिया है. वहीं अगर UK का विघटन हुआ तो दुनिया का नक्शा बदल जाएगा और यूनाइडेट किंगडम खत्म हो जाएगा. आइए जानते हैं कि यूनाइडेट किंगडम के बंटवारे से क्या बदल जाएगा और कितना नुकसान होगा?

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दुनिया पर राज करने वाले अंग्रेजों के लिए आज अपना देश संभालना मुश्किल हो गया है. क्योंकि स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्थ आयरलैंड ने आजादी की मांग की है और अगर ये तीनों आजाद हो गए तो यूनाइटेड किंगडम (UK) का नक्शा बदल जाएगा. वेल्स, स्कॉटलैंड आजाद देश बनना चाहते हैं और नॉर्थ आयरलैंड अब आयरलैंड में शामिल होना चाहता है. तीनों के नेताओं ने आजादी के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए है, जिससे माना गया तो ब्रिटेन का विघटन हो जाएगा. तीनों के नेताओं ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम और उनकी सरकार से कह दिया है कि वे संवैधानिक बदलाव करने के लिए तैयार रहें, क्योंकि उनका भविष्य यूरोपीय संघ (EU) के साथ है.

यूनाइटेड किंगडम का नक्शा क्यों बदलना है?

दरअसल, स्कॉटलैंड और वेल्स चाहते हैं कि वे यूनाइडेट किंगडम से आजाद हो जाएं उनके अपने अधिकार-नियम-संविधान-कानून हों. जबकि नॉर्थ आयरलैंड अपने मूल देश आयरलैंड में शामिल होना चाहता है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने सुझाव दिया था कि अगर स्कॉटलैंड को यूनाइटेड किंगडम से अलग होने के प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो जनमत संग्रह कराया जा सकता है. स्कॉटिश नेशनल पार्टी ने इस सुझाव को मुद्दा बनाया और पार्टी के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी ने एंडी बर्नहैम के यूनाइटेड किंगडम का आखिरी प्रधानमंत्री होने का दावा कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कह चुके हैं कि वह आयरलैंड को पूरा होते देखना चाहते हैं.

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यूनाइटेड किंगडम, ब्रिटेन, इंगलैड में क्या अंतर?

यूके, ब्रिटेन और इंग्लैंड को दुनिया के ज्यादातर लोग एक समझ लेते हैं, लेकिन इनमें अंतर है. इंगलैंड एक देश है और ब्रिटेन या ग्रेट ब्रिटेन एक आइलैंड है. इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स, नॉर्थ आयरलैंड के ग्रुप को यूनाइटेड किंगडम कहते हैं. इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स के ग्रुप को ग्रेट ब्रिटेन कहते हैं और नॉर्थ आयरलैंड के जुड़ने पर यह यूनाइटेड किंगडम बन जाता है. वहीं आयरलैंड एक आजाद देश है और इसका उत्तरी हिस्सा यूनाइटेड किंगडैम का हिस्सा है.

500 साल पहले अंग्रेजों का देश इंगलैंड था, लेकिन वेल्स कब्जाने के बाद 1536 में वेल्स को इंगलैंड से जोड़ लिया गया. 1603 में स्कॉटलैंड के राजा इंग्लैंड के राजा बने. 1707 में दोनों की संसदों ने एक्ट ऑफ यूनियन 1707 पास करके यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन बना दिया. 1801 में आयरलैंड और ग्रेट ब्रिटेन एक हुए. 1922 में आयरलैंड अलग होकर रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड बन गया, लेकिन नॉर्थ आयरलैंड यूनाइडेट किंगडम में रह गया.

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UK के बंटवारे से क्या बदलेगा, क्या नुकसान होगा?

इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स, नॉर्थ आयरलैंड के साथ यूनाइटेड किंगडम का क्षेत्रफल 242500 वर्ग किलोमीटर है. जनसंख्या 6.8 करोड़ और GDP 4.26 ट्रिलियन डॉलर है. वहीं अगर स्कॉटलैंड, वेल्स, नॉर्थ आयरलैंड अलग हो जाएं तो यूनाइटेड किंगडम खत्म हो जाएगा और नक्शा बदलने के बाद सिर्फ इंगलैंड बचेगा. तब इंगलैंड का क्षेत्रफल 130280 वर्ग किलोमीटर होगा और जनसंख्या 5.7 करोड़ होगी, वहीं GDP 4.26 ट्रिलियन डॉलर का 86 प्रतिशत हिस्सा रह जाएगी.

यूनाइटेड किंगडम की 46.3 प्रतिशत जमीन इंगलैंड से अलग हो जाएगी और 1.1 करोड़ जनसंख्या अलग होकर स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्थ आयरलैंड में बंट जाएगी. वहीं GDP में 14 प्रतिशत की गिरावट आ जाएगी. स्कॉटलैंड के हिस्से में 32% जमीन आएगी और 60% से ज्यादा तटीय इलाका आएगा. उत्तरी सागर का बहुत बड़ा इलाका इंगलैंड के हिस्से से आ जाएगा. तेल और प्राकृतिक गैस का करीब 90% हिस्सा स्कॉटलैंड के पास चला जाएगा. इसके बाद इंगलैंड को बिजली और गैस खरीदनी पड़ेगी.

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स्कॉटलैंड के फैसलेन नेवल बेस में यूनाइटेड किंगडम का परमाणु कार्यक्रम है, जो अब स्कॉटलैंड के पास चला जाएगा. क्योंकि परमाणु बेस को रातों-रात शिफ्ट नहीं किया जा सकता है, बल्कि इसे फिर से बनाने में अरबों पाउंड खर्च होंगे और करीब 20 साल लगेंगे. वहीं यूनाइटेड किंगडम के टूटते ही जहां जमीन, आबादी, GDP का नुकसान होगा, वहीं दुनिया पर राज कर चुकीमहाशक्ति भी खत्म हो जाएगी.

First published on: Sep 15, 2026 12:13 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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