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सऊदी अरब की मस्जिदों में इफ्तार समेत 5 चीजों पर लगी रोक, ये है वजह

Ramadan 2024: सऊदी प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक रमजान के दौरान मस्जिदों में किसी तरह के अस्थायी कमरे या टेंट नहीं लगाए जाएंगे। मस्जिद प्रशासन इफ्तार के लिए कोई चंदा एकत्रित नहीं कर सकता। इसके अलावा रमजान में मस्जिदों के अंदर इबादत करते हुए वीडियो बनाने या फोटो लेने पर प्रतिबंध रहेगा।

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Ramadan 2024: सऊदी अरब प्रशासन ने रमजान 2024 को लेकर बड़ा कदम उठाया है। यहां रमजानों में 11 मार्च से 9 अप्रैल तक देश की सभी मस्जिदों में इफ्तार करने पर रोक लगा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मस्जिदों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया है। सऊदी अरब सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों के इमामों और मुअज्जिन इफ्तार या अन्य किसी आयोजन के लिए कोई दान एकत्रित न करें।

इस्लामिक देशों में आदेश की चर्चा

इसके अलावा मस्जिदों में इफ्तार के लिए कोई अस्थायी टेंट नहीं लगाया जा सकता। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने यह आदेश जारी किया है। हाल ही में इन आदेशों की कॉपी देश की सभी मस्जिदों में पहुंची है, जिसके बाद सऊदी अरब सरकार का यह आदेश अन्य इस्लामिक देशों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के इस फैसले का लोग समर्थन कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इससे असहमत भी हैं।

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वीडियो और फोटो लेने पर रोक

जारी निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पाक महीने में मस्जिदों में नमाज या अन्य किसी कार्यक्रम के वीडियो किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड न किए जाएं। सऊदी प्रशासन का मानना है कि ऐसा करने से इबादत करने में दखल पड़ता है। जानकारी के अनुसार जारी आदेशों में रमजान के दौरान मस्जिदों में किसी भी तरह का कैमरा ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। मस्जिदों में वीडियो बनाने पर रोक लगाई गई है। इस्लामिक मामलों के मंत्रालय के अनुसार मस्जिदों में इफ्तार नहीं करने से वहां सफाई बनाए रखने में मदद मिलेगी। रमजान के दौरान मस्जिदों में अस्थायी कमरे नहीं बनाए जाएंगे, अगर कहीं खाने या किसी अन्य कारण से गंदगी होती है तो इमाम तुरंत उसे साफ करवाना सुनिश्चित करें।

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First published on: Mar 03, 2024 09:36 PM

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Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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