क्या ईरान पर फिर हमला करने वाला है अमेरिका? जानिए डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों दी चेतावनी

US Iran War: मिडिल ईस्ट में फिलहाल टेंशन है, और अब एक बार फिर यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दे डाली है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अभी भी जहाजों की मूवमेंट पर लगाम लगाई जा रही है. हालांकि वॉर्निंग का क्या असर होगा, वो आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा.

Donalad Trump X

Donalad Trump (Photo-X)

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Donald Trump Warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई की संभावना का संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि अगर तनाव और बढ़ता है, तो ईरान को ‘बहुत कड़े’ हमलों का सामना करना पड़ सकता है. उनके ये बयान उन मीडिया रिपोर्टों के बीच आए हैं जिनमें दावा किया गया है कि अमेरिका हमलों के एक और दौर पर विचार कर रहा है, जो इसी वीकेंड में शुरू हो सकते हैं.

ईरान को ट्रंप की वॉर्निंग

मैरीलैंड में राष्ट्रपति के कैंप डेविड आवास पर कैबिनेट की मीटिंग के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने अपना रवैया नहीं बदला, तो उसे गंभीर नतीजों का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि तेहरान पर उनका भरोसा कम होता जा रहा है और उन्होंने ईरान के नेतृत्व पर गुमराह करने वाले बयान देने और ईमानदारी से काम न करने का आरोप लगाया.

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क्या अमेरिका सेना कर रही तैयारी?

‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अमेरिकी सेना को ईरान पर दबाव बढ़ाने के मकसद से एक संभावित ऑपरेशन की तैयारी करने का निर्देश दिया है. हालांकि रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सैन्य कार्रवाई के लिए अभी तक कोई अंतिम मंजूरी नहीं दी गई है.

किन इलाकों को निशाना बनाने की आशंका?

इस बीच ‘सीबीएस’ ने खबर दी है कि अमेरिकी और इजरायली अधिकारी ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (जिसमें रिफाइनरियां भी शामिल हैं) को निशाना बनाने वाले एक बड़े कैंपेन की प्लानिंग पर चर्चा कर रहे हैं. अगर ऐसा किया जाता है, तो ये हाल के अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान हुए कमजोर संघर्ष-विराम के बाद इजरायल की एक्टिव मिलिट्री ऑपरेशंस में वापसी हो सकती है. खबरों के मुताबिक, अधिकारी इकॉनमिक डिस्ट्रप्शन को सीमित करने के लिए सोमवार को ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट के फिर से खुलने से पहले किसी भी मिलिट्री ऑपरेशन को कम्पलीट करने पर विचार कर रहे हैं.

‘अमेरिकी सेना तैयार’

व्हाइट हाउस ने भी अपनी स्थिति दोहराई. प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिका ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए कमिटेड है. पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पारनेल ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है.

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ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर असर

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष की शुरुआत इस साल की शुरुआत में ईरानी ठिकानों पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद हुई थी. हालांकि पिछले महीने एक टेम्पोरेरी सीजफायर का ऐलान किया गया था, लेकिन छिटपुट हमले जारी रहे. बाद में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया, जिससे ग्लोबल ऑयल, गैस और फर्टिलाइजर की सप्लाई पर असर पड़ा. रीजनल क्राइसिस और बढ़ गया है; हाल ही में ड्रोन हमलों में मिस्र के डमिएटा बंदरगाह पर लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में स्टेबिलिटी को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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