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History: प्लेन में भीषण अग्निकांड, 82 लोग जिंदा जले; टेकऑफ होते ही क्रैश हुई फ्लाइट, उग्रवादी बने कारण?

Today History in Hindi: आज के दिन का इतिहास भीषण विमान हादसे से जुड़ा है, जिसमें 82 लोग जिंदा जलकर मारे गए थे। टेकऑफ होते ही प्लेन क्रैश हुआ था और हादसे की वजह उग्रवादी थे। आइए जानते हैं कि यह विमान हादसा कब, कैसे और कहां हुआ था?

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Tajikistan Airlines Plane Crash Memoir: फ्लाइट टेकऑफ होते ही क्रैश हो गई और हादसे में 82 लोग मारे गए। हालांकि नदी में गिरने से 4 लोगों की जान बच गई, लेकिन 82 लोगों की जली हुई लाशें मिलने से एयरलाइन का धक्का लगा। हादसा आज की तारीख में 31 साल पहले ताजिकिस्तान में हुआ था। हादसे में मारे गए लोगों में 14 बच्चे भी शामिल थे।

फ्लाइट में 81 पैसेंजर्स और 5 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें से 82 लोगों की मौत हो गई थी। 4 घायल तैरकर नदी से बाहर निकले और राहगीरों की मदद से हादसे की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर आकर एयरलाइन अधिकारियों और एयरपोर्ट स्टाफ को हादसे की जानकारी दी। वहीं इस हादसे को एयरलाइन और ताजिकिस्तान के इतिहास का सबसे घातक विमान हादसा माना गया।

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पंज नदी में गिरकर क्रैश हुआ था विमान

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 28 अगस्त 1993 को ताजिकिस्तान एयरलाइंस की फ्लाइट याकोवलेव याक-40 टेकऑफ हुई। यह डोमेस्टिक फ्लाइट थी, जिसने खोरोग हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी और इस इस फ्लाइट को दुशांबे हवाई अड्डे पर लैंड होना था, लेकिन रनवे से उड़ते ही यह क्रैश हो गई। हादसे का कारण ताजिकिस्तान में गृहयुद्ध था।

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उग्रवादियों ने क्रू मेंबर्स को क्षमता से ज्यादा पैसेंजर्स ले जाने के लिए मजबूर किया। इससे प्लेन का वजन क्षमता से ज्यादा हो गया। वह टेकऑफ होते ही अनबैलेंस हो गया। पायलट ने उड़ान भरने के लिए स्पीड तेज की तो वह रनवे से आगे निकल गया। कई चीजों से टकराते हुए पंज नदी में गिर गया। उसमें आग लग गई थी और उस आग में जिंदा जलने से लोग मारे गए। लोगों ने लाशें, जला हुआ सामान और मलबा नदी में तैरते देखा।

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ज्यादा पैसेंजरों के कारण बढ़ा था वजन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ताजिकिस्तान में साल 1993 में गृहयुद्ध चल रहा था। ताजिक शहर खोरूघ उग्रवादियों के कब्जे में था तो उग्रवादियों ने फ्लाइट के क्रू मेंबर्स को हथियारों से धमकाया और विमान को 81 यात्रियों को ले जाने के लिए मजबूर किया, जबकि विमान को केवल 28 यात्रियों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन क्षमता से ज्यादा पैसेंजरों के कारण टेकऑफ के समय विमान का वजन 3000 किलोग्राम से अधिक हो गया।

क्रू मेंबर्स को उड़ान भरनी पड़ी, लेकिन रनवे खत्म होने तक भी फ्लाइट टेकऑफ नहीं हुई और वह रनवे से आगे निकलकर 150 मीटर दूर मिट्टी के तटबंध से टकरागई। विमान 60CM ऊंचे बोल्डर से टकराया। राइट गियर 60 मीटर आगे कंक्रीट के पिलबॉक्स से टकराया और आग लगने से पंज नदी में गिर गया।

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First published on: Aug 28, 2024 09:06 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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