American Military Losses: मिडिल ईस्ट में इजरायल, अमेरिका और ईरान की जंग को 15 दिन हो गए हैं। इन 15 दिन में दोनों देशों ने मिलकर ईरान को तबाह कर दिया। ईरान के स्कूल, यूनिवर्सिटी, एयरपोर्ट, सरकारी दफ्तर, खुफिया अधिकारी, सुप्रीम लीडर, IRGC के ठिकाने, आर्मी बेस, नेवी बेस, एयरफोर्स बेस तबाह कर दिए। वहीं ईरान के जवाबी हमले ने इजरायल से ज्यादा अमेरिका का नुकसान किया। ईरान ने ज्यादा अरब देशों पर हमला करके अमेरिका के सैन्य ठिकाने तबाह कर दिए।
इजरायल से ज्यादा अमेरिका का नुकसान
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को Operation Epic Fury नाम दिया तो इजरायल ने अपने सैन्य अभियान को Operation Roaring Lion नाम दिया, लेकिन ईरान की जवाबी कार्रवाई में इजरायल से ज्यादा नुकसान अमेरिका का हुआ है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका और इजरायल हमले करते रहेंगे, तब तक जवाबी हमले जारी रहेंगे। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि अमेरिका के हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता तबाह हो चुकी है। वही जल्दी ही सरेंडर कर देगा।
🇺🇸🇯🇵🚨 BREAKING: US deploys 2,200 Marines from Japan to the Middle East. Three amphibious ships. Moving now.
— New Direction AFRICA (@Its_ereko) March 13, 2026
The war keeps expanding. The troops keep coming. The empire keeps pushing.
Japan just became a launchpad. Again.
The same Japan with a peace constitution. The same… pic.twitter.com/CXbykPM1YN
जंगी जहाज USS गेराल्ड फोर्ड में आग लगी
ईरान के हमले से अमेरिका के सबसे बड़े युद्धपोत USS गेराल्ड फोर्ड (CVN-78) में आग लगी थी। युद्धपोत की मेन लाउंड्री में आग लगी थी। दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत में से एक USS गेराल्ड फोर्ड अब अरब सागर से लाल सागर में तैनात कर दिया गया है, क्योंकि वहां हूती विद्रोहियों के हमले का खतरा हैं। वहीं आग से जंगी जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
इराक में KC-135 रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट क्रैश
अमेरिका ने जंग में वायुसेना का KC-135 रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ है। अमेरिकी वायुसेना ने क्रैश को तकनीकी हादसा बताया है, लेकिन ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि विमान पर शिया गुट ने हमला किया था। गुट ने हमले की जिम्मेदारी भी ली है। KC-135 विमान हवा में उड़ रहे लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
F-15E लड़ाकू विमान भी अमेरिका ने गंवाए
अमेरिका ने ईरान के हमले में कुवैत में तैनात 3 F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान खोए हैं। सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, तीनों विमान ‘फ्रेंडली फायर’ यानी सहयोगी सेना की गलती से गंवाए। कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने गलती से विमानों पर हमला कर दिया था, लेकिन विमानों में सवार सभी 6 जवान सुरक्षित बचा लिए गए थे।
मॉडर्न अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम डैमेज हुआ
अमेरिका को युद्ध मेंसबसे बड़ा आर्थिक झटका कतर में अल उदेद एयर बेस पर लगा। ईरान के मिसाइल अटैक में यहां तैनात अत्याधुनिक AN/FPS-132 अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम डैमेज हो गया। इस रडार सिस्टम की कीमत 1.1 बिलियन डॉलर (9000 करोड़ रुपये से ज्यादा) थी। इस सिस्टम से लंबी दूरी से मिसाइलों और हवाई खतरों को पहचानने में मदद मिलती थी।
Middle East War : THE AXIS OF RESISTANCE vs ISRAEL
— Bureau 2 – B2 (@Bureau2news) March 12, 2026
🇮🇷🇮🇱 An open Iranian attack on civilians in Tel Aviv has resulted in far greater destruction than first reported. Footage reveals the full extent of the damage.
The Axis of Resistance vs #Israelhttps://t.co/QDjAWKHfGD#Iran pic.twitter.com/NIoLME7ZYS
22000 करोड़ का डिफेंस सिस्टम भी तबाह
जंग में अमेरिका ने 22000 करोड़ का डिफेंस सिस्टम भी खोया है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में तैनात अमेरिकी THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर हमला किया था। THAAD की कीमत 22 हजार करोड़ रुपये और इसके रडार सिस्टम की कीमत 2700 करोड़ रुपये है। यह रडार दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक करने में मदद करता था।
अमेरिका के 17 सैन्य ठिकाने भी ध्वस्त हुए
ईरान के हमलों में बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन समेत मिडिल ईस्ट में बने अमेरिका के 17 सैन्य ठिकानों भी तबाह हुए हैं। बहरीन के मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर भी ईरानी मिसाइल का हमला हुआ। हमले में 2 सैटेलाइट कम्युनिकेशन टर्मिनल और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
13 जवानों के रूप में मानवीय क्षति पहुंची
जंग में अमेरिका को सबसे बड़ा मानवीय नुकसान 13 जवानों की मौत के रूप में हुआ। वहीं 140 से ज्यादा जवाब घायल भी हैं। ईरान के हमले में कुवैत के कैंप अरिफजान में तैनात 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई।










