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मिडिल ईस्ट पर ट्रंप का कंट्रोल होगा खत्म! इजरायल के खिलाफ सऊदी अरब करेगा रक्षा समझौता, पाकिस्तान भी शामिल

समझौते का आधिकारिक मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसे पश्चिम एशिया में उभरती नई सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका लगातार सऊदी अरब पर इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने का दबाव बनाता रहा है.

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इजरायल के साथ मिलकर मिडिल ईस्ट पर कंट्रोल का सपना देख रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सपने को आज, 7 अगस्त को तगड़ा झटका लगने वाला है. इजरायल को मान्यता देने वाले अब्राहम अकॉर्ड डील को साइन करने से पहले सऊदी अरब एक रक्षा समझौता साइन करने जा रहा है, जिससे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को तगड़ा झटका लगने वाला है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में हैं. रियाद में होने वाली इस सैन्य डील पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ हस्ताक्षर करेंगे.

पाकिस्तान बढ़-चढ़कर ले रहा भाग


गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब ईरान-इजरायल संघर्ष के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा को लेकर कई देशों की टेंशन बढ़ गई है. इसी क्रम में कई देश अपनी सामरिक साझेदारियों को नए सिरे से मजबूत कर रहे हैं. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ अपने तीन दिवसीय सऊदी दौरे पर पहले ही रियाद पहुंच चुके हैं. उनके साथ पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर भी मौजूद हैं. माना जा रहा है कि समझौते का मुख्य फोकस रक्षा सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करना, समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास और क्षेत्रीय संकटों से निपटने के लिए रणनीति तैयार करना होगा.

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फूंक-फूंककर कदम रख रहा है सऊदी अरब


हालांकि समझौते का आधिकारिक मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसे पश्चिम एशिया में उभरती नई सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका लगातार सऊदी अरब पर इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने का दबाव बनाता रहा है. लेकिन गाजा युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट के बाद सऊदी अरब अब पहले से ज्यादा फूंक-फूंककर कदम रख रहा है. हाल ही में अमेरिका ने यह भी संकेत दिया था कि सऊदी अरब के साथ प्रस्तावित असैन्य परमाणु सहयोग को इजरायल के साथ सामान्य संबंधों की दिशा में प्रगति से जोड़ा जाएगा.

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क्या है अब्राहम अकॉर्ड?


अब्राहम अकॉर्ड (Abraham Accord) को आसान भाषा में समझें तो ये साल 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में शुरू किया गया एक कूटनीतिक समझौता है. इस समझौते का उद्देश्य इजरायल और अरब देशों के बीच दशकों पुराने तनाव को कम कर राजनयिक संबंध स्थापित करना था. सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन ने इस समझौते के तहत इजरायल को मान्यता दी. इसके बाद मोरक्को और सूडान भी इससे जुड़ गए. अमेरिका लंबे समय से चाहता है कि सऊदी अरब भी इस समझौते में शामिल होकर इजरायल के साथ औपचारिक संबंध स्थापित करे.

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First published on: Aug 07, 2026 07:38 AM

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Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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