3.21 लाख करोड़ रुपये खाक, हथियारों की किल्लत… ईरान जंग में खाली हुए US के भंडार; रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरान के हमलों ने कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है.

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अमेरिकी सेना के इस जंग में सबसे अहम लड़ाकू और सर्विलांस विमानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. (Image - ANI)

ईरान के साथ जारी जंग के पहले छह महीनों में अमेरिका को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. पेंटागन के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस इंस्पेक्टर जनरल की पहली आधिकारिक ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इस जंग में 33.4 अरब डॉलर यानी करीब 3.21 लाख करोड़ रुपये फूंक दिए. इस दौरान 22 अरब डॉलर से ज्यादा के गोला-बारूद खर्च हो गए, दर्जनों अत्याधुनिक लड़ाकू विमान तबाह या क्षतिग्रस्त हो गए. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में फैले सैकड़ों अमेरिकी सैन्य ठिकानों को काफी नुकसान हुआ है. यह रिपोर्ट 28 फरवरी से 30 जून में हुई खर्च की है.

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F-15, F-35 और 30 रीपर ड्रोन ढेर

अमेरिकी सेना के इस जंग में सबसे अहम लड़ाकू और सर्विलांस विमानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. कम से कम चार F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट तबाह हो गए, जिनमें से तीन 1 मार्च को कुवैत के ऊपर फ्रेंडली फायर से मारे गए, जबकि एक अप्रैल में ईरान के ऊपर कॉम्बैट के दौरान गिरा. एक F-35A स्टील्थ फाइटर और एक A-10 ग्राउंड-अटैक एयरक्राफ्ट भी ईरानी हमलों में मार गिराए गए.

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इनके अलावा कम से कम 7 हवा में ईंधन भरने वाले KC-135 टैंकर और सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर तैनात एक E-3 एयरबॉर्न वॉर्निंग एयरक्राफ्ट तबाह हो गया. एक अपाचे, एक HH-60W और सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान चार AH-6 हेलीकॉप्टरों से हाथ धोना पड़ा.

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सबसे बड़ा झटका अमेरिकी ड्रोन फ्लीट को लगा. सटीक हमलों और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले कम से कम 30 रीपर ड्रोन मार गिराए गए. इसके साथ ही ईरान ने एक अमेरिकी पनडुब्बी ड्रोन को भी जब्त करने का दावा किया है.

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8 देशों में ठिकानों पर तबाही

यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरान के हमलों ने कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है. लॉजिस्टिक्स की सप्लाई लाइन रुकने की वजह से अमेरिका को अपने सपोर्ट बेस को हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया शिफ्ट करना पड़ा. दूरी ज्यादा होने की वजह से सप्लाई पहुंचाने में 14 से 18 दिनों का लंबा वक्त लग रहा है.

दूतावास भी बने निशाना

ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों के निशाने पर अमेरिकी दूतावास भी आए, जिससे करीब 184 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. अकेले इराक में अमेरिकी मिशन पर 600 से अधिक हमले किए गए हैं. इनमें 157 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. बगदाद स्थित डिप्लोमैटिक सेंटर को काफी नुकसान पहुंचा है.

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रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर 3 मार्च को दो ईरानी ड्रोन गिरे, जिससे करीब 11.5 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. कुवैत में अमेरिकी दूतावास को बंद करना पड़ा.

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गोला-बारूद की भारी किल्लत

इस रिपोर्ट ने अमेरिकी शस्त्रागार की सच्चाई भी सामने आई है. इंस्पेक्टर जनरल ने कहा कि 22 अरब डॉलर के हथियार फूंकने के बाद सेना को हथियारों के री-स्टॉक में दिक्कत आ रही है. यह खुलासा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन सार्वजनिक दावों के बिल्कुल उलट है, जिसमें वे अमेरिकी हथियारों के भंडार को असीमित बताते रहे हैं और किल्लत की खबरों को खारिज करते आए हैं.

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18 सैनिकों की मौत

रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून तक इस सैन्य अभियान में कम से कम 11 अमेरिकी सैनिक युद्ध में मारे गए, जबकि 7 की जान अन्य गैर-युद्ध घटनाओं में गई. इसके अलावा ईरानी हमलों में 417 से अधिक अमेरिकी सैन्यकर्मी जख्मी हुए हैं.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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