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पूर्वोत्तर के 8 राज्य, QUAD, सेमीकंडक्टर… भारत-जापान में आज किन मुद्दों पर होगी बातचीत, दोनों देशों के लिए कितनी अहम है मुलाकात?

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची बुधवार से तीन दिनों के भारत दौरे पर हैं. वहीं, आज यानी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएम ताकाइची के बीच भारत-जापान शिखर सम्मेलन की शुरुआत होगी. इस साल की शुरूआत में ही भारत-जापान विदेश मंत्रियों के रणनीतिक संवाद के दौरान दोनों देशों ने पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई थी.

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जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची बुधवार से तीन दिनों के भारत दौरे पर हैं. वहीं, आज यानी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएम ताकाइची के बीच भारत-जापान शिखर सम्मेलन की शुरुआत होगी. इस साल की शुरूआत में ही भारत-जापान विदेश मंत्रियों के रणनीतिक संवाद के दौरान दोनों देशों ने पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई थी. साथ ही इंडिया-जापान एक्ट ईस्ट फोरम को और सक्रिय बनाने का फैसला किया था.

इसके साथ ही यह मुलाकात आर्थिक सुरक्षा, सेमीकंडक्टर की रेस और क्वाड (QUAD) की मजबूती जैसे मुद्दों पर केंद्रित यह मुलाकात एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की पूरी जियोपॉलिटिक्स को एक नया मोड़ देने जा रही है.

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जनवरी 2026 में भारत-जापान विदेश मंत्रियों की हुई थी वार्ता

जनवरी 2026 में भारत-जापान विदेश मंत्रियों की रणनीतिक वार्ता हुई थी. इस बैठक में दोनों देशों ने पूर्वोत्तर भारत और उसके आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई थी. इसके तहत इंडिया-जापान एक्ट ईस्ट फोरम को और सक्रिय बनाने और बौद्धिक संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.

पिछले डेढ़ वर्ष में जापान और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच उच्चस्तरीय संपर्कों में उल्लेखनीय तेजी आई है. जापान के विदेश राज्य मंत्री इवाओ होरी ने फरवरी 2026 में मेघालय और असम का दौरा कर कहा था कि पूर्वोत्तर भारत वह क्षेत्र है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और जापान की ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ परिकल्पना का वास्तविक क्रियान्वयन हो रहा है.

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क्वाड की मजबूती

जियो-पॉलिटिकल मोर्चे पर दोनों राष्ट्राध्यक्ष हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीनी आक्रामकता के खिलाफ अपनी रणनीतिक ढाल को और मजबूत करेंगे. बैठक में क्वाड गठबंधन के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को नए सिरे से दोहराया जाएगा. समुद्री सुरक्षा को चाक-चौबंद करने और समुद्री व्यापारिक मार्गों को स्वतंत्र व खुला रखने के लिए दोनों नौसेनाओं के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा होगी.

सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर फोकस

इस ऐतिहासिक बैठक का सबसे बड़ा और केंद्रीय एजेंडा आर्थिक सुरक्षा है. कोरोना महामारी और हालिया वैश्विक तनावों के बाद दोनों देश चीन पर अपनी निर्भरता को खत्म कर एक लचीली और सुरक्षित ग्लोबल सप्लाई चेन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. पीएम मोदी और ताकाइची के बीच भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए जापानी निवेश और तकनीक के ट्रांसफर पर विस्तृत रोडमैप तैयार होगा. इसके साथ ही फ्यूचर टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी दोनों देश हाथ मिलाएंगे.

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यह भी पढ़ें- ट्रंप ने चीन को क्यों दी धमकी, पनामा नहर को लेकर क्या है विवाद? कहा- कब्जा नहीं करने देंगे, हर कोशिश नाकाम करेंगे

पूर्वोत्तर और जापान के संबंध हो रहे मजबूत

पिछले 18 महीनों में गौर करें तो जापान और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच संपर्क तेजी से बढ़ रहे हैं. मेघालय, असम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने जापान का दौरा किया. इस दौरान कौशल विकास, रोजगार, कृषि, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े कई समझौते हुए. मेघालय ने पांच सालों में 5,000 युवाओं को जापान में रोजगार दिलाने का समझौता किया, जबकि असम ने 20,000 युवाओं को जापान में रोजगार के लिए प्रशिक्षित करने का करार किया.

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JICA का बड़ा निवेश

जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) पूर्वोत्तर में सड़क, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, ऊर्जा और वन परियोजनाओं में निवेश कर रही है. धुबरी-फुलबाड़ी पुल जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाओं को भी जापान का सहयोग मिल रहा है. इसके अलावा जापानी भाषा प्रशिक्षण, कौशल विकास, आईआईटी गुवाहाटी के साथ शोध सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हो रहे हैं.

First published on: Jul 02, 2026 09:59 AM

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