---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

अपाचे हेलीकॉप्टर, B-52 बॉम्बर… अमेरिका ने कैसे किया हुआ है ईरान का घेराव, ट्रंप के रक्षा सचिव हेगसेथ ने किया खुलासा

Middle East War: अमेरिकी नौसेना ने ईरान को चारों ओर से घेरा हुआ है। एक और लड़ाकू विमान ईरान पर हमले कर रहे हैं, दूसरी तरफ होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा कर रहे हैं। अमेरिका ने अब ईरान को तबाह करने के साथ-साथ होर्मुज स्ट्रेट की सिक्योरिटी का जिम्मा भी उठ लिया है।

---विज्ञापन---

US-Israel Iran War: अमेरिका ने दिसंबर 2025 से ईरान की सैन्य घेराबंदी की हुई है। वॉरशिप, फाइटर जेट, मिसाइलें और हजारों सैनिक तैनात करके ईरान पर दबाव बनाया। 28 फरवरी 2026 को इजरायल ने ईरान पर हमला किया। अमेरिका के हमलों से जंग शुरू हो गई। 20 दिन हो गए हैं और ईरान को दोनों देशों ने मिलकर तबाह कर दिया है। हालांकि ईरान ने अरब देशों को हमला करके नुकसान पहुंचाया, लेकिन ईरान की अपनी सैन्य और परमाणु क्षमता खत्म हो गई है।

होर्मुज स्ट्रेट के लिए 6 देश हुए एकजुट, जॉइंट स्टेटमेंट किया जारी, बोले- सुरक्षा के लिए सैन्य-कूटनीतिक सहयोग देंगे

---विज्ञापन---

अमेरिका नें ईरान युद्ध को लंबा खींचने का मन बना लिया है क्योंकि पश्चिम एशिया में नई तैनाती हो रही है। पेंटागन ने USS Tripoli विमानवाहक पोत को अपने 4 से 5 हजार US Marines सैनिकों के साथ पश्चिम एशिया के लिए प्रस्तावित समय से पहले ही रवाना कर दिया है। USS Tripoli पश्चिम एशिया में पॉजिशन लेगा। इस बीच USS Gerald Ford आग से हुए नुकसान से मरम्मत के लिए ग्रीस स्थित अमेरिकी बेस क्रेटे जा रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट की सिक्योरिटी अमेरिकी सेना कर रही

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यह दावा किया और 20 दिन की जंग का अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि अमेरिका के फाइटर जेट A-10 और AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर साउथ ईरान में एक्टिव हैं। इसी इलाके में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी है, जिसकी सुरक्षा अमेरिकी सेना कर रही है। वहीं बी-1, बी-2 और बी-52 बॉम्बर ईरान के अंदर लंबी दूरी वाले सैन्य अभियान चला रहे हैं। समुद्र में तैनात जंग जहाजों पर तैनात जवान, लड़ाकू विमान और हथियार बॉम्बर और साउथ ईरान में सैन्य अभियान को सहयोग दे रहे हैं।

---विज्ञापन---

20 दिन में ईरान के 7000 ठिकानों पर हमला किया

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि 20 दिन में अमेरिका ने ईरान में 7000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है और अब युद्ध अमेरिकी की शर्ताें पर ही खत्म होगा। युद्ध लंबा खींचने की अमेरिका की प्लानिंग नहीं है, लेकिन अगर ईरान हमले करता रहा या सरेंडर नहीं करता है तो अमेरिका को भी प्लानिंग करनी होगी। फिलहाल अमेरिका का सैन्य अभियान निर्णायक मोड में है, क्योंकि ईरान की सैन्य क्षमता, मिसाइल बनाने और यूरेनियम को संवर्धित करने की क्षमता तबाह हो चुकी है। ईरान परमाणु हथियार अब नहीं बना सकता।

‘जिंदा हूं मैं और…’, खुद को लेकर चल रही अटकलों के बीच LIVE आए नेतन्याहू, ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर क्या बोले?

---विज्ञापन---

ईरान का मिसाइल स्टॉक 90 फीसदी खत्म हुआ

हेगसेथ ने बताया कि कि ईरान ने इजरायल और अरब देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। इससे ईरान का मिसाइल स्टॉक 90 प्रतिशत कम हो गया है। ईरान के ड्रोन अटैक में भी गिरावट देखी गई है। ईरान अब और हमले नहीं कर सकता। US फोर्स प्लानिंग के तहत काम कर रही है और समुद के अंदर ईरान की सुरंगें तबाह करने के लिए हमले कर रहे हैं। अमेरिकी सेना ने 18 मार्च को ईरान के सुरंग ठिकानों पर 5000 पाउंड के पेनेट्रेटर हथियार गिराए थे और ईरान के 120 जहाज डुबो दिए गए हैं।

First published on: Mar 20, 2026 07:01 AM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola