Israel Iran War Inside Story: इजरायल के लिए ईरान के साथ युद्ध का खर्च तेजी से बढ़ रहा है। इजरायल को हर दिन लाखों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ईरान की मिसाइलों को मार गिराने के लिए इंटरसेप्टर्स पर सबसे ज्यादा खर्च हो रहा है। वहीं जंग खत्म होने के बाद पुनर्निर्माण करने में इजरायल को कम से कम 400 मिलियन डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं। अमेरिका ने भी मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है। वहीं अमेरिका ने ईरान पर हमला का फैसला 2 हफ्ते के लिए टाल दिया है, जबकि अमेरिका ने पूरी दुनिया को बताया था कि वह ईरान पर हमला करने की पूरी तैयारी कर चुका है, बस राष्ट्रपति ट्रंप का फाइनल ऑर्डर मिलना बाकी है कि ट्रंप का अभी युद्ध नहीं करने का फैसला आ गया।
मॉस्को दे चुका इजरायल को चेतावनी
वहीं मॉस्को ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि अगर इजरायल या अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई को मार दिया तो यह सही नहीं होगा। मॉस्को के राष्ट्रीय प्रवक्ता पेस्कोव ने कहा है कि खामेनेई की हत्या ईरान के अंदर कट्टरपंथी भावनाओं को और बढ़ाएगा और यह विवाद समस्यायों का अंबार (पैंडोरा बॉक्स) लगा देगा, जिसका खामियाजा पूरी दुनिया को उठाना पड़ सकता है। बता दें कि ईरान की मिसाइलों को नष्ट करने के लिए इजरायल इंटरसेप्टर का इस्तेमाल कर रहा है, जिसका रोज का खर्च 200 मिलियन डॉलर ( 17324130000 रुपये) है। यह इंटरसेप्टर इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम का सबसे जरूरी अहम हिस्सा है और ईरान के हर हमले का जवाब इसी से दिया जा रहा है।
इजरायल के पास खत्म हो रहे हथियार
बता दें कि ईरान की मिसाइलों से इजरायल की इमारतें, हेड ऑफिस और रिहायशी मकान ध्वस्त हो गए हैं, जिस वजह से लोगों को इन्हें खाली करना पड़ा है। इनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण में कम से कम 400 मिलियन डॉलर खर्च होंगे। इजरायल के पास अब हथियार खत्म हो रहे है। डिफेंसिव एरो इंटरसेप्टर भी कम हो रहे हैं, जो चिंता का सबब बन सकते हैं। अगर ईरान के साथ लड़ाई जल्द खत्म नहीं हुई तो ईरान की लॉन्ग रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करना इजरायल के लिए मुश्किल हो जाएगा। दूसरी ओर, अमेरिका ने मध्य पूर्व में जमीन, समुद्र और हवा में अपनी तैनाती बढ़ा दी है। अमेरिका ने अलग-अलग इलाकों में फाइटर जेट्स, युद्धपोत, मिसाइल डिफेंसिव एक्वीपमेंट्स तैनात कर दिए हैं। THAAD सिस्टम इजरायल में पहले से तैनात है।