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फ्रेंडशिप और सेक्स…Female Agents के लिए क्या-क्या बैन? इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध के बीच चर्चा क्यों?

Mossad Female Agents Working: इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच छिड़ी जंग के बीच मोसाद की फीमेल एजेंट्स फिर सुर्खियों में हैं। कहा जा रहा है कि लेबनान में मोसाद की फीमेज एजेंट्स एक्टिव हैं, जो वहां जासूसी करके अपने देश को हमले करने में मदद कर रही हैं।

Mossad Female Agents Do And Don’t Do: इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध चरम पर है। लेबनान का आतंकी संगठन हिजबुल्लाह लगातार इजरायल पर हमला कर रहा है और इजरायल भी लगातार इन हमलों का जवाब दे रहा है। ताजा हमला लेबनान में पेजर और वॉकी टॉकी में ब्लास्ट करके किया गया है। हालांकि इन हमलों का आरोप इजरायल ईरान पर लगा रहा है, लेकिन चर्चा यह भी है कि हमला हिजबुल्लाह ने कराया है, क्योंकि पिछले दिनों लेबनान में हुए पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हुई है और करीब 3000 लोग घायल हुए हैं।

हिजबुल्लाह ने इन धमाकों के लिए सीधे तौर पर इजरायल (Israel) को जिम्मेदार ठहराया है और बदला लेने की धमकी भी दी है। हालांकि इजरायल की ओर से अभी इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली गई है और न ही कोई बयान दिया गया है। वहीं एक्सपर्ट्स का कहना है कि लेबनान में इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की फीमेल एजेंट्स एक्टिव हैं और उनकी मदद से ही यह धमाके कराए गए हैं। ऐसे में मोसाद की फीमेल एजेंट्स एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आइए जानते हैं कि ये फीमेज एजेंट्स काम कैसे करती हैं?

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5 एजेंट्स ने की थी अपनी वर्किंग पर बात

टाइम्स ऑफ इजरायल की एक पुरानी रिपोर्ट वायरल हो रही है। यह रिपोर्ट सितंबर 2012 में प्रकाशित हुई थी। इस रिपोर्ट में मोसाद की 5 फीमेल एजेंट्स से हुई बातचीत का जिक्र था। उन फीमेल एजेंट्स ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी वर्किंग को लेकर बात की थी। उन्होंने बताया कि मोसाद की फीमेल एजेंट्स अपने देश के लिए कुछ भी कर सकती हैं, लेकिन उनकी कुछ सीमाएं भी तय थीं। उन्हें ‘लेडी ब्रिगेड’ कहा जाता है।

वे ब्यूटी विद ब्रेन का टेस्ट देकर ही सेलेक्ट होती हैं। उनका काम दुश्मन देश में घुसकर दुश्मनों की तलाश करके उनका खात्मा करना होता है। उसने मुश्किल से मुश्किल काम करने के लिए ट्रेंड किया जाता है। वे जासूसी के अलावा अन्य सभी तरह के काम करने में एक्सपर्ट होती हैं। उनका जीवन उस जासूस जैसा ही होता है, जैसा फिल्मों में दिखाया जाता है, लेकिन फिल्मों में जितना आकर्षक दिखाया जाता है, वैसा नहीं होता। बल्कि उनकी जिंदगी हर समय खतरे में होती है और कब मौत आ जाए, उन्हें भी पता नहीं होता।

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यौन संबंध बनाने की इजाजत नहीं होती

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोसाद की फीमेल एजेंट्स बताती हैं कि चाहे मिशन कितना भी बड़ा और महत्वपूर्ण क्यों न हो, उसे पूरा करने के लिए वे अपने महिला होने का पूरा फायदा उठाती हैं, लेकिन इसकी भी कुछ हदें हैं, जिन्हें पार करने की उन्हें इजाजत नहीं होती। देश के लिए वे दोस्ती कर लेती हैं, छेड़छाड़ और गंदे मजाक कर लेती हैं। बर्दाश्त भी कर लेती हैं, लेकिन अगर किसी के साथ संबंध बनाने की बात हो तो वे पीछे हट जाती हैं।

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मिशन पूरा करने के लिए सभी तरीके जायज है, सिर्फ यौन संबंध बनाने को छोड़कर। हालांकि कोई लड़की जासून नहीं बनना चाहेगी, क्योंकि लड़कियों को पता होता है कि इस काम में उनकी जान तक जा सकती है, लेकिन मोसाद जरूरतमंद सिंगल लड़कियों को भी भर्ती करता है, जिन्हें मरने के लिए भी तैयार रहना पड़ता है। बदले में उनके परिवार की हर जरूरत पूरी की जाती है।

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First published on: Sep 20, 2024 01:01 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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