अमेरिकी सेना ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में मारे गए पहले चार सैनिकों की पहचान उजागर की है, जो डेस मोइनेस स्थित 103वें सस्टेनमेंट कमांड के सदस्य थे।
Israel Attack on Iran Updates: मध्य पूर्व में जारी तनाव अब सीधे युद्ध में बदल गया है. इजरायल ने शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़ा हमला बोल दिया है, जिसकी पुष्टि खुद इजरायली रक्षा मंत्रालय ने की है. तेहरान के आसमान में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. दोनों देशों के बीच पिछले कई दिनों से गहराता विवाद अब इस सैन्य कार्रवाई के साथ चरम पर पहुंच गया है. इजरायल का यह हमला ईरान द्वारा दी गई पिछली धमकियों और क्षेत्र में बढ़ती तनातनी का सीधा नतीजा माना जा रहा है. इस हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई की आशंका ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है.
इजरायल में अलर्ट और जनता को सुरक्षा के निर्देश
ईरान पर हमले के साथ ही इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने अपने देश के भीतर भी युद्धस्तर पर सुरक्षा बढ़ा दी है. पूरे इजरायल में सायरन बजाकर जनता को सतर्क कर दिया गया है. सेना ने लोगों के मोबाइल फोन पर सीधे अलर्ट भेजकर निर्देश दिया है कि वे सुरक्षित स्थानों और बंकरों के करीब रहें. आईडीएफ ने साफ किया है कि यह एक ‘प्रोएक्टिव अलर्ट’ है ताकि ईरान की ओर से संभावित मिसाइल हमलों से नागरिकों को बचाया जा सके. इजरायली सेना ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें. क्षेत्र में हालात पल-पल बदल रहे हैं और तनाव काफी बढ़ गया है.
मिडिल ईस्ट में 2026 का यह साल इतिहास के सबसे भयानक सैन्य संघर्ष का गवाह बन रहा है. अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान के सैन्य और राजनीतिक ढांचे को हिलाकर रख दिया है.
क्या अमेरिका इस युद्ध में शामिल है?
अमेरिका इस युद्ध में केवल सहयोगी नहीं बल्कि मुख्य खिलाड़ी की भूमिका में है. ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिकी वायुसेना के बी-2 स्टील्थ बॉम्बर और नौसेना के मिसाइल डिस्ट्रॉयर सीधे तौर पर हमलों को अंजाम दे रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी सेना ईरान की जवाबी क्षमता को खत्म करने तक पीछे नहीं हटेगी.
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला क्यों किया?
इस हमले के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं. सबसे प्रमुख वजह ईरान का परमाणु कार्यक्रम है, जिसे अमेरिका और इजरायल अपने अस्तित्व के लिए खतरा मान रहे थे. इसके अलावा, आईआरजीसी द्वारा अमेरिकी हितों पर लगातार किए जा रहे हमले और इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘सांप का सिर काटने’ की रणनीति के तहत यह हमला किया गया है.
खामेनेई की मौत के बाद क्या हुआ?
1 मार्च 2026 को अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने ईरान और मुस्लिम जगत में उबाल पैदा कर दिया है. इसके तुरंत बाद ईरान में नेतृत्व का संकट गहरा गया और एक अंतरिम परिषद ने सत्ता संभाली. खामेनेई की मौत को ‘इस्लाम पर हमला’ बताते हुए ईरान ने ‘इंतकाम’ का ऐलान किया और खाड़ी के 8 देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों की झड़ी लगा दी.
क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत है?
रक्षा विशेषज्ञ इस टकराव को तीसरे विश्व युद्ध की आहट मान रहे हैं. जिस तरह से रूस और चीन ने इस हमले की निंदा की है और हिजबुल्लाह व हुथी जैसे गुट सक्रिय हुए हैं, उससे यह युद्ध वैश्विक स्तर पर फैलने का खतरा पैदा हो गया है. यदि नाटो देश और ईरान के मित्र देश सीधे तौर पर आमने-सामने आते हैं, तो यह पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होगा.
इस युद्ध में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
वर्तमान में इस युद्ध के दो मुख्य धड़े बन चुके हैं:
एक पक्ष: अमेरिका और इजरायल, जिन्हें ब्रिटेन और कुछ यूरोपीय देशों का नैतिक समर्थन प्राप्त है.
दूसरा पक्ष: ईरान, जिसके साथ उसके प्रॉक्सी संगठन (हिजबुल्लाह, हुथी) और लेबनान, यमन व इराक के कुछ हिस्से शामिल हैं.
प्रभावित देश: बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई, सऊदी अरब, ओमान और जॉर्डन, जिनके क्षेत्र में स्थित अमेरिकी अड्डों को ईरान निशाना बना रहा है.
युद्ध की टाइमलाइन: फरवरी-मार्च 2026
28 फरवरी: अमेरिका और इजरायल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ लॉन्च किया. ईरान के 27 सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की गई.
1 मार्च: सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद की हमले में मौत की पुष्टि हुई.
2 मार्च: ईरान का भीषण पलटवार शुरू हुआ. अमेरिकी विमानवाहक पोत ‘अब्राहम लिंकन’ पर मिसाइलें दागी गईं और 8 देशों में अमेरिकी बेस पर हमला किया गया.
दुनिया पर इस युद्ध का असर
तेल की कीमतों में उछाल: खाड़ी देशों में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा है.
उड़ानों में बाधा: मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस बंद होने से दुबई, कतर और इस्तांबुल जैसे बड़े हब से उड़ानें रद्द या डाइवर्ट कर दी गई हैं.
आर्थिक अस्थिरता: शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा रही है और निवेशक सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर भाग रहे हैं.
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अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान के साथ परमाणु मुद्दे पर हुई तीन दौर की कूटनीतिक वार्ताएं पूरी तरह विफल रहीं, जिसके बाद मजबूरन 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' जैसी सैन्य कार्रवाई शुरू करनी पड़ी।
Three rounds of negotiations failed before military action on Iran, say US officialsRead @ANI Story I https://t.co/fyOkuQNCkI#iran #us #militaryaction pic.twitter.com/Rg3wRGKvdZ
— ANI Digital (@ani_digital) March 3, 2026
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अपने मिसाइल हथियारों का जखीरा तेजी से बढ़ाया है और बहुत कम समय में 'हजारों मिसाइलें' बनाई हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इराकी अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने एक ड्रोन को मार गिराया है, जिसने एरबिल में US कॉन्सुलेट को निशाना बनाने की कोशिश की थी.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना ने मंगलवार को दावा किया कि उसने ईरान की एलीट कुद्स फोर्स के कमांडर दाउद अली जादेह को राजधानी तेहरान पर एक हमले में मार गिराया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, UAE के अबू धाबी और दुबई और कतर की राजधानी दोहा में तेज धमाके सुने गए
ईरानी मीडिया ने बताया कि US-इजराइली हमलों में तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हमला हुआ.
पूरे ईरान में धमाकों की आवाज सुनी जा रही है. ईरानी मीडिया ने बताया कि ईरान के दक्षिणी शहर बुशहर में एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक ईरानी विमान जमीन पर ही तबाह हो गया.
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि इजराइली पायलट ईरान और लेबनान के आसमान में हैं, और यहूदी देश पूरी ताकत से जवाब देना जारी रखेगा.
लेबनान की हेल्थ मिनिस्ट्री का कहना है कि लेबनान पर पिछले दो दिनों में इजराइली हमलों में 40 लोग की मौत हो गई, जबकि 246 लोग जख्मी हो गए.
#watch | Pakistan | Heavy security deployed outside U.S. Consulate in Lahore amid the ongoing conflict between US-Israel and Iran. At least nine people died after clashes broke out between Pakistani police and protesters who breached the outer wall of the US Consulate in… pic.twitter.com/hLhKQJ0uPB
— ANI (@ANI) March 3, 2026
#watch Israel-Iran conflict | Gorakhpur, Uttar Pradesh: BJP MP Ravi Kishan says, "This is a very sensitive topic... I am praying to God that this war stops because I don't see it stopping. I pray for all the brothers from Uttar Pradesh and Bihar who are stranded at international… pic.twitter.com/8iywWZzFn9
— ANI (@ANI) March 3, 2026
रूस के विदेश मंत्री लावरोव के कहा कि ईरान को शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए यूरेनियम को समृद्ध करने का वैध अधिकार है. ईरान को इससे रोकने से विपरीत नतीजे सामने आएंगे. यह युद्ध पड़ोसी देशों में परमाणु महत्वाकांक्षाओं को जन्म दे सकता है.
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ईरान में किस तरह की सरकार होगी, यह ईरान के लोगों को तय करना है. कोई भी इंटरनेशनल कानून बाहरी बमबारी से सरकार बदलने की इजाजत नहीं देता. सबसे पहले, जिस तरह से ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके परिवार के सदस्यों की बेरहमी से हत्या की गई. किस कानून ने US या इजरायल को ऐसा करने की इजाजत दी?
साथ ही कहा, सबसे पहले, मैं ईरान के लोगों के प्रति अपनी हमदर्दी दिखाता हूं और उस हमले की निंदा करता हूं. लेकिन साथ ही, मैं जम्मू और कश्मीर में अपने लोगों से अपील करता हूं कि वे हालात को बिगड़ने न दें. कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. धार्मिक नेताओं से अपील है कि वे अपना दुख जाहिर करें लेकिन कानून अपने हाथ में न लें. हम विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं. हमारे छात्र और दूसरे लोग जो ईरान में हैं, उन्हें सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है. कुछ छात्रों को जाने नहीं दिया जा रहा है. मैं उनसे एम्बेसी की तरफ से जारी गाइडलाइंस को मानने की अपील करूंगा.
यूनाइटेड नेशंस की न्यूक्लियर वॉचडॉग IAEA ने मंगलवार को बताया कि ईरान की नतांज़ न्यूक्लियर साइट को नुकसान पहुंचा है. साथ ही कहा है कि रेडियो एक्टिव लीकेज की उम्मीद नहीं है. एजेंसी ने कहा कि नुकसान एटॉमिक साइट के अंडरग्राउंड हिस्से के 'एंट्रेंस बिल्डिंग्स' को पहुंचा है.
इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में राष्ट्रपति भवन और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) को निशाना बनाकर हवाई हमले किए. ईरानी अधिकारियों ने अभी तक हमले की पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान के केंद्रीय इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी गई है.
ईरान के रेड क्रिसेंट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के विनाशकारी हमलों में मरने वालों का आंकड़ा 787 तक पहुंच गया है, जिससे पूरे देश में मातम और भारी आक्रोश का माहौल है।
सैटेलाइट तस्वीरों ने ईरान के केरमानशाह प्रांत स्थित चोका बाल्क-ए ड्रोन केंद्र की तबाही को बेनकाब कर दिया है, जहां भीषण हमले के बाद भारी नुकसान दिखा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खुलासा किया है कि इजरायल के ईरानी एक्शन से अमेरिकी सेना पर आने वाले खतरे को देखते हुए ही अमेरिका ने तेहरान पर भीषण हमले किए हैं।
Planned Israeli action against Iran that would have seen retaliation against American forces prompted the United States to launch its weekend strikes against Tehran, US Secretary of State Marco Rubio said on Monday evening.https://t.co/QoNUSo1BUu
— Jerusalem Post (@Jerusalem_Post) March 3, 2026
इजरायल के 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' और अमेरिका के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान के इस्फ़हान, शिराज और कंगवार भीषण धमाकों से दहल उठे हैं।
Report: Explosions were heard in Isfahan, Shiraz, and Kangavar amid ongoing Israeli‑US strikes under operations Roaring Lion and Epic Fury.Written by @JamesGenn https://t.co/UwNfHnp0Zl
— Jerusalem Post (@Jerusalem_Post) March 3, 2026
मंगलवार सुबह इजरायली सेना ने 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के तहत दक्षिणी लेबनान में जमीनी सैन्य कार्रवाई शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की है।
The IDF is operating in southern Lebanon as part of Operation Roaring Lion, according to a Tuesday morning statement from Israel's military.https://t.co/9vbULGNBgn— Jerusalem Post (@Jerusalem_Post) March 3, 2026
चीन ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने की अपील की है। अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए 70% आयात पर निर्भर दुनिया का सबसे बड़ा तेल खरीदार चीन, इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में व्यवधान से होने वाले वैश्विक आर्थिक विनाश को लेकर बेहद डरा हुआ है।
हिजबुल्लाह ने आज इजरायली एयरबेस पर ड्रोनों के झुंड से भीषण हमला किया, जिसमें रडार केंद्रों और कंट्रोल रूम को निशाना बनाया।
Hezbollah claims dawn attack on Israel's air base; says fired swarm of drones at radar sites, control rooms Read @ANI Story | https://t.co/3LWubk4XDu#hezbollah #israel #drone pic.twitter.com/EHbNnNERvA
— ANI Digital (@ani_digital) March 3, 2026
वेस्ट बैंक में एक जिंदा मिसाइल वारहेड मिलने से हड़कंप मच गया है। इजरायली पुलिस ने तत्काल घरों को खाली करा लिया है और जनता को मिसाइल गिरने वाली जगहों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है।
Live updates: Israeli police evacuated homes in the West Bank after an unexploded missile warhead was discovered. The public was warned to avoid missile fall sites.https://t.co/NbMI7IcSpb
— Jerusalem Post (@Jerusalem_Post) March 3, 2026
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भीषण हवाई हमलों में ईरान के IRGC कमांड सेंटर, सैन्य हवाई अड्डों और ड्रोन लॉन्च साइटों को पूरी तरह तबाह करने का दावा किया है, जिससे ईरानी सैन्य शक्ति को करारी चोट पहुंची है।
The United States Central Command announced that it destroyed IRGC command and control facilities as well as Iranian military airfields and drone launch sites during airstrikes.https://t.co/NbMI7IcSpb
— Jerusalem Post (@Jerusalem_Post) March 3, 2026
इजरायली वायुसेना ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भीषण बमबारी शुरू कर दी है, जिससे पूरे लेबनान में भारी अफरा-तफरी का माहौल है।
अमेरिकी विशेष दूत विटकॉफ ने चेतावनी दी है कि ईरान परमाणु ईंधन संवर्धन की जिद पर अड़ा है, जिसे रोकने का अमेरिका को पूर्ण अधिकार है।
'Have inalienable right to stop you': US Special Envoy Witkoff says Iran insisted on right to enrich nuclear fuel Read @ANI Story | https://t.co/LJxWszCBLh #us #stevewitkoff #iran #epicfurty #nuclearfuel pic.twitter.com/vbFLoDT3Tp
— ANI Digital (@ani_digital) March 3, 2026
मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग और भड़क गई है। प्रो-ईरानी गुटों ने इरबिल के होटल पर हमला किया, जबकि सऊदी अरब ने 8 ड्रोन मार गिराए। जवाब में इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को भीषण बमबारी से दहला दिया है।
West Asia conflict intensifies: Pro-Iran group attacks Erbil hotel, drones intercepted in Saudi, Israel strikes Hezbollah in LebanonRead @ANI Story |https://t.co/nwstH3CtF1 #lebanon #hezbollah #israel #westasia #proiran #saudi #middleeastconflict pic.twitter.com/CP4hZyNGfx
— ANI Digital (@ani_digital) March 3, 2026
इजरायल के लिए दो साल का निरंतर खतरा केवल मौतों का आंकड़ा नहीं, बल्कि एक समाज की गहरी मानसिक थकावट और अंतहीन तनाव की पीड़ा है।
Editorial: For Israelis, the cost of living under sustained threat for over two years is not measured only in casualties; it is measured in the quiet exhaustion of a society that has not exhaled in months. https://t.co/NZsibHfcnX— Jerusalem Post (@Jerusalem_Post) March 3, 2026
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ईरान पर हमलों का बचाव करते हुए कहा कि दुनिया को 'धार्मिक गुंडागर्दी' से बचाना कोई बुरी बात नहीं है।
'Not a terrible thing to protect the world from theological thuggery': Netanyahu on US-Israeli strikes in IranRead @ANI Story | https://t.co/QzURuGpFOR #us #israel #iran #netanyahu #roaringlion #epicfury pic.twitter.com/zE1UZBvpZa
— ANI Digital (@ani_digital) March 3, 2026
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी नेतृत्व को "कट्टरपंथी" करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान का शासन अमेरिका को नष्ट करने के लिए पूरी तरह पागल और हठी है।
Prime Minister Benjamin Netanyahu called Iran's leadership "unreformable" and "totally fanatical about destroying America" during an interview with Fox News host Sean Hannity.https://t.co/6GOhk14xgE
— Jerusalem Post (@Jerusalem_Post) March 3, 2026
ईरान पर राष्ट्रपति ट्रंप के हमले के फैसले ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को हिला दिया है, जिससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और गहरा गई है।
Analysis: The United States economy is facing a new test likely to ratchet up already existing uncertainty after US President Donald Trump decided to launch strikes against Iran.https://t.co/x9B3dfW0Kc
— Jerusalem Post (@Jerusalem_Post) March 3, 2026
मंगलवार को इजरायली सेना ने बेरूत में हिजबुल्लाह के कमांड सेंटरों और हथियारों के जखीरों पर भीषण बमबारी शुरू कर दी है।
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग ने वैश्विक तेल बाजार में आग लगा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रुकने और सऊदी अरामको की प्रमुख रिफाइनरी पर ड्रोन हमले से हड़कंप मच गया है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें एक ही दिन में 6.57% की भारी उछाल के साथ एक साल के उच्चतम स्तर 77.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं।
अमेरिका ने युद्ध के मद्देनज़र Jordan में अपने दूतावास को बंद किया. राजधानी Amman से अपने कर्मियों को हटाया. इससे पहले इस युद्ध की वजह से अमेरिका की Bahrain, Israel और Lebanon स्थित दूतावास बंद किए जा चुके हैं.
US Central Command की घोषणा - Iran युद्ध में मरने वालें अमेरिकी सैनिकों की संख्या 4 से बढ़कर हुई 6। ये दो भी ईरानी हमले की पहली खेप में ही मारे गए थे। 4 फिलहाल गंभीर रूप से घायल हैं।
रियाद में अमेरिकी दूतावास के पास भीषण धमाके के बाद आग लग गई। रॉयटर्स के अनुसार, दमकल विभाग और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गई हैं।
पिछले कुछ दिनों से इजरायल-ईरान संघर्ष के चलते उड़ानों में आ रही दिक्कतों के बीच, अबू धाबी से पहली उड़ान बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी है. एक यात्री ने बताया, '...जब हम अबू धाबी हवाई अड्डे पर फंस गए, तो एतिहाद एयरवेज ने हमारी बहुत अच्छी देखभाल की. उन्होंने उन सभी यात्रियों के लिए होटल बुक किए जिनकी उड़ानें रद्द हो गई थीं.'
#watch | Bengaluru, Karnataka: Amid the flight disruptions in the wake of the Israel-Iran conflict from the past few days, the first flight from Abu Dhabi has landed at the Kempegowda International Airport, Bengaluru.A passenger says, "... Once we got stuck in the Abu Dhabi… pic.twitter.com/j9NOFXWl78
— ANI (@ANI) March 2, 2026
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- खतरनाक हथियारों के साथ Iran हर अमेरिकी के लिए खतरा है. ये हमले बिल्कुल उचित हैं ताकि आने वाली पीढ़ियों को हम सुरक्षित रख सकें. IRGC से अपील या तो हमसे full immunity हासिल करें या फिर मौत के लिए तैयार रहें. ईरान के नागरिक इस सुनहरे मौके को हाथ से जानें न दें. हम ने जो वादा किया उसे पूरा किया - हम कहा ईरान के लोगों के साथ खड़े रहेंगे.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान पर यह हमला करने का सही वक्त था. वो अपने एटमी प्लान खत्म करने के लिए राजी नहीं था.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान की मिसाइलें हमारे लिए खतरा है. ये युद्ध 4-5 हफ्ते तक चल सकता है. हमने एक घंटे में खामेनेई का खेल खत्म किया.
ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा- कल रात Iran में Khamenei की मौत पर जश्न हुआ. खामेनेई के लोग सरेंडर करने के लिए फोन कर रहे हैं. Iran के खिलाफ एक्शन तब तक जारी रहेंगे जब तक लक्ष प्राप्त नहीं कर लेते.
ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि जरूरत पड़ने पर वे ईरान में जमीनी सैनिक भेजने से इनकार नहीं करेंगे. शनिवार को ईरान अभियान शुरू करने के बाद से ट्रंप ने पोस्ट को दिए गए कई संक्षिप्त साक्षात्कारों में से एक में कहा, 'मुझे जमीनी सैनिकों की तैनाती को लेकर कोई झिझक नहीं है - जैसा कि हर राष्ट्रपति कहता है, 'जमीन पर सैनिक नहीं भेजे जाएंगे' मैं ऐसा नहीं कहता.'
UAE का बयान- हमारे एयर डिफेंस ने आज 9 बैलिस्टिक मिसाइल, 6 क्रूज मिसाइल और 148 ड्रोन रोके.
CNN की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 4 अमेरिकी सैनिकों की मौत के अलावा 18 गंभीर रूप से घायल.
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराकची से फोन पर बात की. चीन ने अमेरिका और इजरायल से West Asia में सैन्य कार्रवाई तत्काल रोकने की अपील की. चीन ने Iran की संप्रभुता और गरिमा की रक्षा के लिए उसका समर्थन किया और उसके अधिकारों की हिफाजत का वादा किया.
लेबनाना से उत्तरी इजरायल पर हुए मिसाइल हमलों के बाद Gen Eyal Zamir ने उत्तरी कमान में स्थिति का जायजा लिया और कहा कि IDF तब तक इस अभियान को समाप्त नहीं करेगा जब तक लेबनान से उत्पन्न खतरे को पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता. Zamir ने कहा कि सेना हिजबुल्लाह को निशस्त्रीकरण के लिए मजबूर करेगी और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
दुबई हवाई अड्डों ने कहा कि तीन दिन पहले ईरान द्वारा खाड़ी में, जिनमें दुबई और अबू धाबी हवाई अड्डे भी शामिल हैं, पर हमले शुरू करने के बाद उड़ानें रद्द कर दी गई थीं. अब सोमवार शाम से 'सीमित' उड़ानें फिर से शुरू होंगी. दुबई हवाई अड्डों ने एक बयान में कहा, 'दुबई हवाई अड्डे ने सोमवार, 2 मार्च, 2026 की शाम से दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (DXB) और दुबई वर्ल्ड सेंट्रल - अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (DWC) से सीमित उड़ानें फिर से शुरू करने की घोषणा की है.'
रॉयटर्स ने ईरानी समाचार साइटों के हवाले से बताया कि मध्य ईरानी शहर इस्फहान में एक परमाणु संयंत्र और एक हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र में जोरदार विस्फोटों की आवाज सुनी गई.
मध्य पूर्व युद्ध के लेबनान तक फैलने के बाद, लेबनान स्थित अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों से तुरंत लेबनान छोड़ने की अपील दोहराई.
अमेरिकी दूतावास ने सोमवार को कहा, 'हम अमेरिकी नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे लेबनान की यात्रा न करें. अगर आप देश में हैं, तो तुरंत लेबनान छोड़ दें.' जब इजरायली हमलों ने बेरुत के दक्षिणी उपनगरों और मुख्य रूप से दक्षिणी लेबनान के दर्जनों गांवों को तबाह कर दिया. दूतावास ने कह, 'अमेरिकी दूतावास दक्षिणी लेबनान में, सीरिया की सीमा के पास, शरणार्थी बस्तियों में और बेरुत के दहियेह इलाके में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से इन क्षेत्रों को तुरंत छोड़ने का आग्रह करता है.'










