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होर्मुज का रास्ता 2 महीने बाद खुला, US-ईरान में डील होते ही कच्चा तेल लेकर निकले ईरानी टैंकर

US Iran Oil Export: अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का असर दिखने लगा है. पिछले दो महीनों से जारी अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटने के बाद 4.8 मिलियन (48 लाख) बैरल ईरानी कच्चा तेल लेकर तीन बड़े टैंकर रवाना हो चुके हैं, जिसमें से एक टैंकर पाकिस्तान की ओर रुख कर रहा है.

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US Iran Oil Export: अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद वैश्विक तेल बाजार से एक और बड़ी और पुख्ता खबर सामने आ रही है. पिछले दो महीनों से जारी अमेरिकी नौसेना की सख्त नाकेबंदी हटने के बाद, ईरान ने बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का निर्यात दोबारा शुरू कर दिया है. सैटेलाइट तस्वीरों और शिपिंग डेटा से पुष्टि हुई है कि ईरान के विशालकाय तेल टैंकर अब पाबंदी वाली समुद्री सीमा से बाहर निकल चुके हैं. ये जहाज उस नाकेबंदी वाली सीमा को पार कर रहे हैं, जो अप्रैल 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के दौरान खड़ी की गई थी.

सुपरटैंकरों में भरा है 48 लाख बैरल कच्चा तेल

शिपिंग और तेल टैंकरों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था ‘टैंकरट्रैकर्स’ (TankerTrackers) की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी (NITC) के दो बड़े वीएलसीसी (VLCC) सुपरटैंकर – ‘DIONA’ (9569695) और ‘HERO2’ (9362073) कच्चा तेल लेकर रवाना हुए हैं. इन दोनों सुपरटैंकरों में कुल मिलाकर 3.8 मिलियन (38 लाख) बैरल ईरानी कच्चा तेल लोड है. ये दोनों ही जहाज अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी वाली सीमा को पार कर सुरक्षित आगे बढ़ चुके हैं.

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इसके तुरंत बाद, एक तीसरा ‘स्वेजमैक्स’ (Suezmax) टैंकर भी समुद्री रास्ते पर आगे बढ़ा है, जिसमें लगभग 1 मिलियन (10 लाख) बैरल कच्चा तेल मौजूद है. यानी कुल मिलाकर 4.8 मिलियन (48 लाख) बैरल ईरानी तेल अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने के लिए समुद्र में उतर चुका है.

सैटेलाइट तस्वीरों से हुई पुष्टि

वैश्विक तेल बाजार के लिए यह घटनाक्रम इसलिए बेहद अहम है क्योंकि पिछले दो महीनों में ईरान की तरफ से किया गया यह पहला बड़ा तेल निर्यात है. इसकी पुष्टि 15 जून, 2026 के एआईएस (AIS) डेटा और सैटेलाइट से ली गई ताजा तस्वीरों के जरिए हुई है.

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100 डॉलर से सीधे 80 डॉलर के नीचे गिरा ब्रेंट क्रूड

इस शांति समझौते का सबसे बड़ा और सकारात्मक असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जैसे ही इस डील का एलान किया गया, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें धड़ाम से क्रैश हो गईं. जो ब्रेंट क्रूड काफी लंबे समय से 100-110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहकर दुनिया भर में महंगाई का डर बढ़ा रहा था, उसकी कीमत अब 80 डॉलर के भी नीचे आ चुकी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) का भाव गिरकर 79.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जो पिछले 3 महीनों का सबसे निचला स्तर है.

मर्बन क्रूड भी 7% से ज्यादा फिसला, महंगाई से मिलेगी राहत

ब्रेंट क्रूड के साथ-साथ अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) भी गिरकर 76.15 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. इसके अलावा, मर्बन क्रूड के भाव में भी 7 फीसदी से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई है और यह अब 71 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. वैश्विक बाजार में तेल के इस तरह सस्ते होने से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर से महंगाई का बड़ा जोखिम फिलहाल टल गया है. भारत समेत कई देशों के आम उपभोक्ताओं के लिए यह राहत की बड़ी खबर है.

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First published on: Jun 17, 2026 09:41 AM

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About the Author

Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

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