दुनियाभर में इंटरनेट ठप करेगा ईरान? होर्मुज में केबल्स पर कंट्रोल और टैक्स वसूली का बनाया प्लान, जानें अब क्या खेला दांव?

Underwater Internet Cables: अमेरिका से बदला लेने के लिए ईरान ने नई चाल चली है। ईरान अब होर्मुज स्ट्रेट में बिछी इंटरनेट केबल्स को कंट्रोल करेगा और उनसे मिलने वाली सर्विस के लिए टोल टैक्स वसूलेगा। ईरान ने प्लानिंग कर ली है और शर्तें न मानने पर इंटरनेट ठप करने की धमकी दी है।

Hormuz strait internet Cables

Hormuz strait internet Cables

ईरान अब अमेरिका के द्वारा होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी का बदला खाड़ी से गुजरने वाली 7 समुद्री इंटरनेट केबल्स को कंट्रोल करके लेगा। ईरान ने ऑयल शिपिंग को ब्लॉक करने की नीति का नया विस्तार किया है। प्रस्तावित नीति के तहत विदेशी ऑपरेटरों को अब होर्मुज स्ट्रेट से इंटरनेट सर्विस के लिए परमिट लेना होगा और फीस देनी होगा। ईरान के कानूनों का पालन करना होगा। होर्मुज स्ट्रेट में बिछी इंटरनेट केबल्स का रखरखाव और मैनेजमेंट पूरी तरह ईरान की कंपनियों के हाथों में होगा।

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इंटरनेट सर्विस पर टोल वसूलने का है प्लान

ईरान ने जो नीति तेल टैंकरों से टोल वसूलने के लिए बनाई है। उसी नीति को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर लागू करने की योजना है, यानी ईरान ने अमेरिका पर दबाव बनाने का नया हथियार खोज लिया है। होर्मुज स्ट्रेट में बिछी इंटरनेट केबल्स यूरोप, एशिया, खाड़ी के बीच भारी डेटा ट्रैफिक ले जाते हैं, जिसमें बैंकिंग, स्टॉक ट्रेडिंग, क्लाउड सर्विसेज और सरकारी संचार शामिल हैं। अगर ईरान ने इन पर कंट्रोल किया तो होर्मुज सिर्फ तेल का चोकपॉइंट नहीं, बल्कि वैश्विक संचार का चोकपॉइंट बन जाएगा।

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अमेरिका के सैन्य अड्डों पर हमले की चेतावनी

ईरान की चेतावनी है कि फीस न देने और ईरान की न सुनने पर विश्व के सामने इंटरनेट ठप होने का संकट रहेगा। इंटरनेट केबल्स के कटने का जोखिम है, जो वैश्विक व्यापार और इंटरनेट को ठप कर सकता है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अब एक भी ईरानी तेल टैंकर को अमेरिका ने टच भी किया तो मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया जाएगा। चेतावनी की वजह यह है कि पिछले 72 घंटों में अमेरिका ने ईरान के 3 तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया है।

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अमेरिका ने 3 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए

अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने पलटवार करने का फैसला किया है। इंटरनेट केबल्स को कंट्रोल करने का प्लान बनाकर ऐलान ककिया है। वहीं ईरान के ऐलान के बाद अमेरिका ने ईरान को अमेरिका के सैन्य अड्डों पर निशाना साधने में मदद करने के आरोप में 3 चीनी सैटेलाइट कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। धमकी और तनातनी के इस नए दौर का असर यह है कि होर्मुज स्ट्रेट में तेल-गैस के टैंकर फंस गए हैं। पिछले 24 घंटों में होर्मुज स्ट्रेट से कोई व्यापारिक जहाज गुजरा नहीं है।

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शांति प्रस्ताव को मंजूर कराने की कोशिश

अमेरिका को अपने एक पेज के शांति प्रस्ताव शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया का अभी तक इंतजार है, जबकि ईरान ने इसे रिजेक्ट कर दिया है। समझौते को सफल बनाने के लिए दोनों देशों के बीच काम कर रहे मध्यस्थ लगातार कोशिशें कर रहे हैं। मियामी में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने शुक्रवार को कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इससे पहले उपराष्ट्रपति JD वेंस भी उनसे मिले थे। पाकिस्तान आधिकारिक मध्यस्थ है, लेकिन असली काम कतर, इजिप्ट और तुर्की जैसे देश कर रहे हैं, ताकि युद्ध खत्म करने का रास्ता निकले।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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