Iran New Supreme Leader: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच ईरान में सत्ता परिवर्तन हो गया है। जी हां, ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर का ऐलान कर दिया है। देश के इस शक्तिशाली पद को पूर्व लीडर अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई ही संभालेंगे। देररात उनके नाम का आधिकारिक ऐलान किया गया। राजधानी तेहरान में वानक चौक से मोजतबा खामेनेई के नाम की घोषणा की गई। इस दौरान हजारों लोग अपने नए सुप्रीम लीडर का स्वागत करने के लिए जुटे।
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Emotional moment as AYATOLLAH MOJTABA KHAMENEI is announced Iran’s new Supreme Leader in Vanak Square, Tehran. pic.twitter.com/mTaLr7t838---विज्ञापन---— RussiaNews 🇷🇺 (@mog_russEN) March 8, 2026
IRGC के वरिष्ठ कमांडरों की मौजूदगी में ऐलान
बता दें कि अली खामेनेई के बड़े बेटे सैयद मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त करने की घोषणा IRGC के वरिष्ठ कमांडरों और धार्मिक विद्वानों की मौजूदगी में हुई। मोजतबा लंबे समय से पर्दे के पीछे सक्रिय रहे हैं। खासकर IRGC की हाशेमी राफ्संजानी इकाई के प्रमुख के रूप में कार्य करते रहे हैं। वे अपने पिता अली खामनेई के करीबी सलाहकार माने जाते थे, लेकिन उनकी नियुक्ति से तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल उनके विरोधी हैं।
विरोध के बावजूद मोजतबा बनाए गए लीडर
मोजतबा का ऐलान होने के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मोजतबा की नीतियां पूर्ववत रहेंगी, जिसमें परमाणु प्रोग्राम और रीजनल प्रॉक्सी ग्रुप्स का समर्थन शामिल है। लेकिन मोजतबा खामेनेई को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान में वंशानुगत उत्तराधिकार के सिद्धांत के विरोध के बावजूद सुप्रीम लीडर बनाया गया है। ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान का नया लीडर उनकी मंजूरी के बिना ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। वहीं नए लीडर इजरायल के निशाने पर भी रहेंगे।
विरोध के बावजूद क्यों बनाए गए सुप्रीम लीडर
ईरान की सत्ताधारी विचारधारा वंशानुगत उत्तराधिकार के सिद्धांत की विरोधी है। लेकिन IRGC में और अपने दिवंगत पिता अली खामेनेई के प्रभाव के कारण उन्हें सुप्रीम लीडर बनाया गया। IRGC में उनका एक शक्तिशाली समर्थक वर्ग है। अली खामेनेई की ईरान की सियासत में मजबूत पकड़ होने की वजह से भी उनके बेटे मोजतबा को पद मिला। क्योंकि ईरान की राजनीति और सेना पर सुप्रीम लीडर का सबसे पहला और सबसे आखिरी अधिकार होता है।
इजरायल और US के निशाने पर सुप्रीम लीडर
बता दें कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर अब इजरायल और अमेरिका की सेना के निशाने पर हैं। क्योंकि ट्रंप चाहते थे कि ईरान का नया सुप्रीम लीडर उनकी पसंद का हो, जो उनके लिए और उनके अनुसार ईरान में काम करेगा। इसलिए वे ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चुनाव में भूमिका निभाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने मोजतबा की ताजपोशी को सिरे से नकार दिया है और ऐलान किया है कि उनकी मर्जी के बिना वे ज्यादा समय तक पद पर टिक नहीं पाएंगे।










