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ईरान में हुआ सत्ता परिवर्तन, अली खामेनेई के बेटे बने सुप्रीम लीडर, जानें विरोध के बावजूद मोजतबा को क्यों मिली जिम्मेदारी?

Iran New Supreme Leader: अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर बन गए हैं। देररात उनके नाम का औपचारिक और आधिकारिक ऐलान किया गया है। इस दौरान मौके पर हजारों की संख्या में लोग जुटे, जिन्होंने नए सुप्रीम लीडर का स्वागत किया।

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Iran New Supreme Leader: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच ईरान में सत्ता परिवर्तन हो गया है। जी हां, ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर का ऐलान कर दिया है। देश के इस शक्तिशाली पद को पूर्व लीडर अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई ही संभालेंगे। देररात उनके नाम का आधिकारिक ऐलान किया गया। राजधानी तेहरान में वानक चौक से मोजतबा खामेनेई के नाम की घोषणा की गई। इस दौरान हजारों लोग अपने नए सुप्रीम लीडर का स्वागत करने के लिए जुटे।

IRGC के वरिष्ठ कमांडरों की मौजूदगी में ऐलान

बता दें कि अली खामेनेई के बड़े बेटे सैयद मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त करने की घोषणा IRGC के वरिष्ठ कमांडरों और धार्मिक विद्वानों की मौजूदगी में हुई। मोजतबा लंबे समय से पर्दे के पीछे सक्रिय रहे हैं। खासकर IRGC की हाशेमी राफ्संजानी इकाई के प्रमुख के रूप में कार्य करते रहे हैं। वे अपने पिता अली खामनेई के करीबी सलाहकार माने जाते थे, लेकिन उनकी नियुक्ति से तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल उनके विरोधी हैं।

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विरोध के बावजूद मोजतबा बनाए गए लीडर

मोजतबा का ऐलान होने के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मोजतबा की नीतियां पूर्ववत रहेंगी, जिसमें परमाणु प्रोग्राम और रीजनल प्रॉक्सी ग्रुप्स का समर्थन शामिल है। लेकिन मोजतबा खामेनेई को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान में वंशानुगत उत्तराधिकार के सिद्धांत के विरोध के बावजूद सुप्रीम लीडर बनाया गया है। ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान का नया लीडर उनकी मंजूरी के बिना ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। वहीं नए लीडर इजरायल के निशाने पर भी रहेंगे।

विरोध के बावजूद क्यों बनाए गए सुप्रीम लीडर

ईरान की सत्ताधारी विचारधारा वंशानुगत उत्तराधिकार के सिद्धांत की विरोधी है। लेकिन IRGC में और अपने दिवंगत पिता अली खामेनेई के प्रभाव के कारण उन्हें सुप्रीम लीडर बनाया गया। IRGC में उनका एक शक्तिशाली समर्थक वर्ग है। अली खामेनेई की ईरान की सियासत में मजबूत पकड़ होने की वजह से भी उनके बेटे मोजतबा को पद मिला। क्योंकि ईरान की राजनीति और सेना पर सुप्रीम लीडर का सबसे पहला और सबसे आखिरी अधिकार होता है।

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Mojtaba Khamenei: कौन हैं मोजताबा खामेनेई? जिनका ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनना तय, लेंगे अली खामेनेई की जगह

इजरायल और US के निशाने पर सुप्रीम लीडर

बता दें कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर अब इजरायल और अमेरिका की सेना के निशाने पर हैं। क्योंकि ट्रंप चाहते थे कि ईरान का नया सुप्रीम लीडर उनकी पसंद का हो, जो उनके लिए और उनके अनुसार ईरान में काम करेगा। इसलिए वे ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चुनाव में भूमिका निभाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने मोजतबा की ताजपोशी को सिरे से नकार दिया है और ऐलान किया है कि उनकी मर्जी के बिना वे ज्यादा समय तक पद पर टिक नहीं पाएंगे।

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First published on: Mar 09, 2026 06:08 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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