Explainer: कैसे चुना जाता है ईरान का सुप्रीम लीडर‌ और क्या होती है चुनाव प्रक्रिया?

Iran New Supreme Leader: ईरान के नए सुप्रीम लीडर का चयन गुप्त मतदान प्रक्रिया के तहत किया जाता है। वहीं इसके चयन के लिए एक काउंसिल बनाई गई है, जिसका प्रावधान संविधान के तहत किया गया है।

ali khamenei

अली खामेनेई ने जीते जी अपना उत्तराधिकारी तय नहीं किया था।

Iran New Supreme Leader: इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है। इस घटना की पुष्टि भी हो चुकी है और ईरान में राष्ट्रीय शोक का ऐलान भी हो गया है। इस बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर भी चर्चा भी शुरू हो गई है कि अली खामेनेई की जगह अब कौन लेगा? ईरान के सियासी गलियारों में 5 नामों का जिक्र चल रहा है, जिनमें खामेनेई के बेटे का नाम भी है और वे दावेदारों में सबसे आगे हैं।

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नए सुप्रीम लीडर का चयन कैसे होगा?

ईरानी संविधान के अनुसार, अगला सुप्रीम लीडर विशेष प्रक्रिया के अनुसार चुना जाएगा। ईरानी क्लेरिकल संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के द्वारा चुना जाएगा, जिसमें किसी विशेष राजनीतिज्ञ या कमांडर की कोई भूमिका नहीं होगी। वर्तमान में नए सुप्रीम लीडर के लिए संभावित उम्मीदवारों की रेस में कोम के फ्राइडे प्रेयर इमाम अलीरेजा आराफी, खामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा खामेनेई और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के प्रथम उपाध्यक्ष हाशम होसैनी बुशेहरी हैं।

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सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया क्या?

ईरानी संविधान के अनुसार, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स 88 वरिष्ठ धार्मिक विद्वानों की काउंसिल है, जिसे मजलिस-ए-खबरगान-ए-रहबरी कहते हैं। यह काउंसिल सुप्रीम लीडर का चयन विलायत-ए-फकीह सिद्धांत के आधार पर करेगी। इसके तहत देश के किसी बड़े विद्वान यानी मौलवी को ही सुप्रीम लीडर बनाया जा सकता है। लेकिन ईरान में वर्तमान में जिस तरह के हालात हैं, उनमें इस काउंसिल की मीटिंग को बुलाना संभव नहीं होगा, क्योंकि हमले का खतरा है।

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काउंसिल के सदस्य इस प्रकार चुने जाते?

संविधान के अनुसार, काउंसिल के 88 सदस्य हर 8 साल में जनता के द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया द्वारा चुने जाते हैं। वहीं इसकी उम्मीदवारी के लिए काउंसिल ऑफ गार्जियन की मंजूरी लेनी पड़ती है। इस काउंसिल के सदस्य सुप्रीम लीडर के द्वारा नियुक्त किए जाते हैं या सुप्रीम लीडर की सिफारिश पर या समर्थन से चुने जाते हैं। वहीं सुप्रीम लीडर का चयन गुप्त मतदान से होगा। वहीं 88 में से कम से कम 59 सदस्यों का वोट उम्मीदवार के समर्थन में होना चाहिए।

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गुप्त मतदान और बहुमत से चयन होता

अगर किसी एक उम्मीदवार को 59 का बहुमत नहीं मिलता तो फिर 88 सदस्यों में से जितने ज्यादा सदस्य जिस उम्मीदवार के लिए सहमत होंगे, उसे नया सुप्रीम लीडर बना दिया जाएगा। अगर किसी कारण से काउंसिल की मीटिंग तुरंत बुलाना संभव न हो तो ईरानी संविधान के अनुच्छेद 111 के तहत एक अस्थायी 3 सदस्यीय काउंसिल , जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख, और एक अन्य सदस्य होते हैं, मिलकर बतौर अंतरिम सुप्रीम लीडर काम करती है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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