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दुनिया

दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार तैयार कर रहा है ईरान, कांप जाएंगे अमेरिका-इजरायल!

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने 60 प्रतिशत तक शुद्ध यूरेनियम तैयार कर लिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि ये स्तर परमाणु बम बनाने के बेहद करीब माना जाता है. इस खुलासे के बाद अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों की चिंता बढ़ गई है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 17, 2026 12:58
Iran US Tension
Credit: News24

ईरान और अमेरिका के बीच जारी खींचतान ने मिडिल ईस्ट के देशों की टेंशन बढ़ा रखी है. ईरान और अमेरिका दोनों ही अपने-अपने तरीके से शक्ति प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हट रहे. मध्य पूर्वी देशो को ये डर सता रहा है कि हमला किसी की भी तरफ से हो, लेकिन उसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ेगा. ट्रंप की ओर से लगातार मिल रही धमकियों के बीच ईरान सीक्रेट तरीके से दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार यानी न्यूक्लियर वेपन तैयार कर रहा है. ये बात सुनकर ही इजरायल और अमेरिका जैसे देशों के भी पसीने छूट जाएंगे.

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ईरान के पास है 60% शुद्ध यूरेनियम

काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने 60 प्रतिशत तक शुद्ध यूरेनियम तैयार कर लिया है. परमाणु हथियार बनाने के लिए ये शुद्धता 90 प्रतिशत होनी चाहिए, यानी ईरान इसके बेहद पास है. विशेषज्ञों का मानना है कि ये स्तर परमाणु हथियार बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है. रिपोर्ट के सामने आने के बाद पूरी दुनिया में हलचल मच गई है. यूरेनियम संवर्धन यानी यूरेनियम को शुद्ध करने की प्रक्रिया. आम तौर पर बिजली उत्पादन के लिए 3 से 5 प्रतिशत यूरेनियम की जरूरत होती है. वहीं 20 प्रतिशत तक यूरेनियम का इस्तेमाल रिसर्च और मेडिकल कामों में किया जाता है. लेकिन जब यूरेनियम 60 प्रतिशत तक शुद्ध हो जाता है, तो इसे परमाणु हथियार के बेहद करीब माना जाता है.

60% शुद्ध यूरेनियम की खासियत

विशेषज्ञों का कहना है कि 60 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक यूरेनियम को शुद्ध करना ज्यादा समय नहीं लेता. 90 प्रतिशत शुद्ध यूरेनियम को ही परमाणु बम बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि इस रिपोर्ट ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ा दी है. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) भी ईरान की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान इस समय दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो परमाणु हथियार ना होने के बावजूद इतनी ज्यादा मात्रा में शुद्ध यूरेनियम जमा कर रहा है.

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ईरान का क्या कहना है?

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पहले भी साफ कर चुके हैं कि उनका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है. ईरान का कहना है कि वो परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल बिजली उत्पादन और वैज्ञानिक शोध के लिए कर रहा है, ना कि हथियार बनाने के लिए. हालांकि अमेरिका और इजरायल जैसे देशों को ईरान की इन दलीलों पर भरोसा नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल में ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे. उस समय ट्रंप प्रशासन का आरोप था कि ईरान गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार बनाने की तैयारी कर रहा है.

परमाणु बम बनाने के लिए क्या जरूरी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ यूरेनियम का शुद्ध होना ही परमाणु बम बनाने के लिए काफी नहीं है. इसके लिए मिसाइल तकनीक, बम डिजाइन और परीक्षण जैसी कई जटिल प्रक्रियाएं भी जरूरी होती हैं. बावजूद इसके, 60 प्रतिशत यूरेनियम होना एक खतरनाक संकेत माना जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि अगर समय रहते कूटनीतिक बातचीत नहीं हुई, तो ये मुद्दा बड़ा संकट बन सकता है. कई देश चाहते हैं कि ईरान फिर से परमाणु समझौते पर लौटे और अपनी गतिविधियों में पारदर्शिता दिखाए. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ईरान पर टिकी हुई हैं.

First published on: Feb 17, 2026 12:58 PM

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