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अमेरिका-ईरान के परमाणु समझौते पर फिर बढ़ा तनाव, बातचीत से पहले मारको रुबियो के बयान ने मचाई हलचल

US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. अमेरिका के विदेश मंत्री मारको रुबियो ने साफ कहा है कि ईरान के साथ डील आसान नहीं है. प्रतिबंध, मिसाइल प्रोग्राम और मिलिट्री मूवमेंट्स इस बातचीत की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं.

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अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर डील को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है. अमेरिका के विदेश मंत्री मारको रुबियो ने हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में बयान देते हुए कहा कि ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता आसान नहीं होने वाला है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान की नीतियां और उसका रवैया इस बातचीत को जटिल बना रहा है. मारको रुबियो ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान सिर्फ परमाणु कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि अपने मिसाइल कार्यक्रम और मिलिट्री मूवमेंट्स पर भी बात करे. अमेरिका का मानना है कि सिर्फ परमाणु मुद्दे तक सीमित बातचीत से स्थायी समाधान नहीं निकल सकता.

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ईरान का क्या कहना है?

वहीं ईरान का रुख अलग है. ईरान का कहना है कि वो सिर्फ परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने को लेकर ही बातचीत करेगा. ईरान बार-बार ये दोहराता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उसका इस्तेमाल सिर्फ ऊर्जा और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है. इस बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी मिलिट्री मूवमेंट्स भी बढ़ा दी हैं. अमेरिका ने वहां और भी ज्यादा सैनिक, युद्धपोत और सैन्य उपकरण तैनात किए हैं. इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है, ताकि ईरान बातचीत में नरमी दिखाए.

परमाणु डील के क्या फायदे होंगे?

ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि अगर अमेरिका उस पर लगे आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को हटाने पर गंभीरता दिखाता है, तो वो समझौते पर आगे बढ़ सकता है. प्रतिबंधों की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से दबाव में है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता हो जाता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा. इससे मध्य-पूर्व में तनाव कम हो सकता है और तेल की कीमतों में भी स्थिरता आ सकती है. लेकिन अगर बातचीत विफल होती है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं. फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता पर टिकी हुई हैं और सभी को किसी बड़े फैसले का इंतजार है.

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First published on: Feb 17, 2026 06:36 AM

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