‘भारत-न्यूजीलैंड FTA मील का पत्थर’, बैठक में बोले PM मोदी; 40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया और कम समय में यह समझौता पूरा करने के लिए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का आभार जताया.
Edited By : Versha Singh|Updated: Jul 11, 2026 07:56
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया की तीन दिन की यात्रा पूरी करने के बाद न्यूजीलैंड पहुंचे हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, समुद्री सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में कई अहम समझौते हुए.
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया और कम समय में यह समझौता पूरा करने के लिए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का आभार जताया.
ऑकलैंड में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने 40 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली यात्रा की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि इस यात्रा से रिश्तों को नई गति मिली है और अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों की प्रतिबद्धता को भी दोहराती है.
बैठक में पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा, 'मुझे बहुत खुशी है कि 40 साल बाद भारत के किसी प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड का दौरा किया है. आपके आर्थिक केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित करके, आपने भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों को नई ताकत दी है. मैं आपका बहुत आभारी हूं.'
उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के लोगों ने भारत के प्रति जिस आत्मीयता का परिचय दिया, वह बेहद भावुक करने वाला है. यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो मित्रता को नई मजबूती देता है.
FTA को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने कहा, 'यह हमारे रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो हमारे संबंधों को नई ऊर्जा देता है और दोस्ती के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को गति देता है.'
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'जब आप भारत आए थे, तब FTA की प्रक्रिया शुरू हुई थी. जिस तरह से पूरा न्यूजीलैंड इतने कम समय में FTA को सफल बनाने के लिए एकजुट हुआ—शायद इतनी तेजी से मिली सफलता का यह दुनिया में पहला उदाहरण है—वह वाकई काबिले-तारीफ है. इस उपलब्धि के लिए मैं आपके नेतृत्व, आपकी सरकार और आपकी टीम का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं.'
पिछले साल होली के त्योहार के दौरान प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा को याद करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों में "नए रंग" घुल गए हैं.
उन्होंने कहा, 'आप पिछले साल होली के त्योहार के दौरान भारत आए थे. आपकी यात्रा ने हमारे रिश्तों में होली के रंगों की तरह ही नए रंग भरे. आज हम एक 'स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (रणनीतिक साझेदारी) के जरिए अपने रिश्तों को और मजबूत कर रहे हैं. यह अहम पड़ाव हमें और ज्यादा ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा.'
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की समानता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री देशों के तौर पर करीबी सहयोग की वजह से दोनों देश स्वाभाविक साझेदार हैं. इस साझेदारी के भविष्य को लेकर भरोसा जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश वैश्विक शांति, स्थिरता और सुरक्षा में अहम योगदान दे सकते हैं.
गौरतलब है कि पीएम मोदी का यह दौरा भारत की विदेश नीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ बढ़ती नजदीकी से भारत को व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में नए अवसर मिलने की उम्मीद है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया की तीन दिन की यात्रा पूरी करने के बाद न्यूजीलैंड पहुंचे हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, समुद्री सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में कई अहम समझौते हुए.
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया और कम समय में यह समझौता पूरा करने के लिए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का आभार जताया.
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ऑकलैंड में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने 40 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली यात्रा की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि इस यात्रा से रिश्तों को नई गति मिली है और अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों की प्रतिबद्धता को भी दोहराती है.
बैठक में पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे बहुत खुशी है कि 40 साल बाद भारत के किसी प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड का दौरा किया है. आपके आर्थिक केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित करके, आपने भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों को नई ताकत दी है. मैं आपका बहुत आभारी हूं.’
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#WATCH | Auckland, New Zealand: Prime Minister Narendra Modi hold delegation level talks.
Speaking on the occasion, New Zealand Prime Minister Christopher Luxon says, "It is a pleasure and honour to host you here today. It's a truly historic event, you and I have talked about… pic.twitter.com/NF0eFNAeFY
उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के लोगों ने भारत के प्रति जिस आत्मीयता का परिचय दिया, वह बेहद भावुक करने वाला है. यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो मित्रता को नई मजबूती देता है.
FTA को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने कहा, ‘यह हमारे रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो हमारे संबंधों को नई ऊर्जा देता है और दोस्ती के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को गति देता है.’
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पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘जब आप भारत आए थे, तब FTA की प्रक्रिया शुरू हुई थी. जिस तरह से पूरा न्यूजीलैंड इतने कम समय में FTA को सफल बनाने के लिए एकजुट हुआ—शायद इतनी तेजी से मिली सफलता का यह दुनिया में पहला उदाहरण है—वह वाकई काबिले-तारीफ है. इस उपलब्धि के लिए मैं आपके नेतृत्व, आपकी सरकार और आपकी टीम का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं.’
पिछले साल होली के त्योहार के दौरान प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा को याद करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों में “नए रंग” घुल गए हैं.
उन्होंने कहा, ‘आप पिछले साल होली के त्योहार के दौरान भारत आए थे. आपकी यात्रा ने हमारे रिश्तों में होली के रंगों की तरह ही नए रंग भरे. आज हम एक ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ (रणनीतिक साझेदारी) के जरिए अपने रिश्तों को और मजबूत कर रहे हैं. यह अहम पड़ाव हमें और ज्यादा ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा.’
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प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की समानता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री देशों के तौर पर करीबी सहयोग की वजह से दोनों देश स्वाभाविक साझेदार हैं. इस साझेदारी के भविष्य को लेकर भरोसा जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश वैश्विक शांति, स्थिरता और सुरक्षा में अहम योगदान दे सकते हैं.
गौरतलब है कि पीएम मोदी का यह दौरा भारत की विदेश नीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ बढ़ती नजदीकी से भारत को व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में नए अवसर मिलने की उम्मीद है.