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‘मुनीर-शरीफ के दफ्तर तक फैला है भ्रष्टाचार…’, IMF की रिपोर्ट में खुले पाकिस्तान के काले चिट्ठे

पाकिस्तान को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक रिपोर्ट जारी की है. जिसमें बताया गया है कि देश में इतना ज्यादा भ्रष्ट्राचार फैला हुआ है कि वह अब शासन, राजनीति और अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन चुका है. ये रिपोर्ट कुल 186 पन्नों की है. जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और यही देश की आर्थिक स्थिति खराब होने का सबसे बड़ा कारण है. रि

IMF Report On Pakistan: पाकिस्तान को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक रिपोर्ट जारी की है. जिसमें बताया गया है कि देश में इतना ज्यादा भ्रष्ट्राचार फैला हुआ है कि वह अब शासन, राजनीति और अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन चुका है. ये रिपोर्ट कुल 186 पन्नों की है. जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और यही देश की आर्थिक स्थिति खराब होने का सबसे बड़ा कारण है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अब ये भ्रष्टाचार प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के दफ्तर तक पहुंच चुकी है.

IMF की रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार के कारण सरकारी पैसों का भी गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है, बाजारों में गलत तरीके से फायदे दिलाए जा रहे हैं, ईमानदार प्रतिस्पर्धा खत्म होती है, लोगों का भरोसा टूटता है और घरेलू व विदेशी निवेश रुक जाता है. रिपोर्ट में पिछले 20 सालों के आंकड़े दिए गए हैं और बताया गया है कि भ्रष्टाचार पर रोक के मामले में पाकिस्तना को दुनिया के सबसे खराब देशों में गिना जाता है.

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एलीट क्लास वाले सबसे ज्यादा खतरनाक- IMF रिपोर्ट

इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि जो एलीट क्लास वाले लोग हैं वो सबसे ज्यादा नुकसानदायक है, यानी कि जो लोग सत्ता में हैं या फिर प्रभाव रखने वाले कुछ चुनिंदा लोग, वो देश के बड़े आर्खिक फैसलों और संसाधनों पर कब्जा जमाकर बैठे हैं. इन खास समूहों में कई ऐसे संस्थान भी हैं जो खुद सरकार से जुड़े हुए हैं.

आईएमएफ की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तान में न्याय व्यवस्था बेहद कमजोर है. यहां की अदालतें धीमी हैं और उन पर प्रभावशाली लोगों का दबाव है. लोगों को अदालतों पर विश्वास नहीं है. यहीं कारण है कि निवेशक भी पाकिस्तान में निवेश करने से दूर भागते हैं. देश के सर्वे बताते हैं कि पासकिस्तान में लोग अदालत और पुलिस को सबसे ज्यादा भ्रष्ट मानते हैं और उन पर भरोसा नहीं करते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में 68% प्रतिशत लोग ये भी मानते हैं कि जो भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाएं हैं वो राजनीतिक बदले के लिए इस्तेमाल की जाती हैं.

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सरकारी कंपनियों के पास है देश की आधी अर्थव्यवस्था

आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की सरकारी कंपनियों के पास देश की अर्थव्यवस्था के 48% के बराबर संपत्ति है, जिसके कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं और बढ़ जाती हैं और निजी निवेश रुक जाते हैं.

IMF रिपोर्ट की अहम बातें-

IMF की Governance and Corruption Diagnostics की ताजा रिपोर्ट में पाकिस्तान को एक बर्बाद मुल्क के रूप में पेश किया गया है.

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  • रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में शासन में अमीर लोगों का सिस्टम पर कब्‍जा है और वे सिर्फ अपने हित में सरकार के फैसले लेने की क्षमता को प्रभावित करके उसे कमजोर करने में लगे हैं.
  • पाकिस्तान की मौजूदा हुकूमत की नाकामियों को उजागर करते हुए 186 पन्नों की इस report में ये भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार व्यवस्था पर ऐसे हावी है कि वो देश को कमजोर करने के साथ-साथ सरकारी प्रतिष्ठानों को भी खोखला करने में लगा है.
  • Funds डाइवर्ट किए जा रहे हैं निवेश का माहौल नहीं है.
  • रिपोर्ट में पाकिस्तान के हुक्मरानों को आइना दिखाते हुए साफ-साफ कहा गया है कि पाकिस्तान आर्थिक तौर पर कमजोर, राजनीतिक तौर पर अस्थिर और हमेशा bailout package पर निर्भर रहने वाला देश है.

पाकिस्तान आर्थक और राजनीतिक तौर पर है कमजोर- IMF

आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, अगर पाकिस्तान शासन सुधारों को बढ़ावा देता है तो वह पांच साल के अंदर GDP में 5 से 6.5 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकता है. लेकिन सुधारों के बिना, पाकिस्तान आर्थिक ठहराव और बाहरी आर्थिक मदद पर ही निर्भर रहेगा. इस रिपोर्ट में साफ-साफ कहा गया है कि पाकिस्तान आर्थिक तौर पर कमजोर, राजनीतिक तौर पर अस्थिर और हमेशा बेलआउट पर निर्भर रहने वाला देश है. 

First published on: Nov 25, 2025 10:40 AM

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