Iran Protests And Violence: ईरान में 28 दिसंबर से हालात तनावपूर्ण थे, क्योंकि लोगों ने अली खामेनेई की सत्ता के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ था. लोग सड़कों पर थे और हिंसक विरोध प्रदर्शन करते हुए खामेनेई को सत्ता से हटाने की मांग कर रहे थे. लोगों ईरान से निर्वासित रेजा पहलवी की सरकार चाहते थे, इसलिए लोगों ने विरोध प्रदर्शन और हिंसा की. ईरान को 19 दिन चले हिंसक विरोध प्रदर्शनों में अरबों की संपत्ति का नुकसान झेलना पड़ा है.
"The Islamic Republic is not the government of Iran, it is a hostile occupying force"!
–@PahlaviReza
pic.twitter.com/C7chVs6IC8---विज्ञापन---— Tommy Robinson 🇬🇧 (@TRobinsonNewEra) January 16, 2026
2500 से ज्यादा लोगों ने गंवाई जान
अमेरिकी मानवाधिकार संगठन HRANA के मुताबिक, ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान 2677 लोगों की मौत हुई. एंबुलेस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और सामान को मिलाकर इमरजेंसी सर्विस को 5.3 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. 4700 बैंक, 265 स्कूल और शिक्षण संस्थान, 3 लाइब्रेरी, 8 सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों, और 4 सिनेमाघरों को डैमेज किया गया. जान गंवाने वालों में आम नागरिक और 163 सरकारी कर्मचारी शामिल हैं.
दुकानों-मस्जिदों में हुई तोड़-फोड़
प्रदर्शनकारियों ने करीब 30 राज्यों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा और आगजनी की. 250 मस्जिदों और 20 धार्मिक केंद्रों में तोड़-फोड़ की. तेहरान में गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया. 700 से ज्यादा दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया. बैंकों की 300 से ज्यादा ब्रांच पूरी तरह डैमेज हो चुकी हैं. ATM मशीनें तक तोड़ दी गईं. बिजली के खंभों और तारों को तोड़कर करीब 6.6 मिलियन डॉलर का नुकसान किया गया. शिक्षा और संस्कृति से जुड़ी धरोहरों पर बुरा असर पड़ा.
VIDEO | Delhi: Indian students return from Iran amid ongoing unrest in the country. One of the students said, "I am pursuing MBBS there. We had no idea about what US has said as there was no internet. The Indian Embassy contacted us… we heard that protests were happening but… pic.twitter.com/Ui3WJ6l6Gg
— Press Trust of India (@PTI_News) January 17, 2026
अब ईरान में शांति और सुरक्षा है
बता दें कि ईरान में अब हालात सामान्य हैं और लोग अपने घरों के अंदर चले गए हैं. सड़कों पर ईरान रिवॉल्यूशनरी गार्ड पूरे ताम-झाम के साथ तैनात हैं. एक और ईरान की सरकार ने सख्ती बरती. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की और इंटरनेट ठप किया. दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हवाई हमला करने की चेतावनी दी, जिसके चलते लोग शांत हुए और विरोध प्रदर्शन रुके. अब देश में काफी हद तक शांति का माहौल बना हुआ है.










