Europe Heatwave 2026: यूरोप इस समय कुदरत के भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है. फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन समेत यूरोप के 26 देश इस समय भयंकर हीटवेव (लू) की चपेट में हैं. हालात इतने खराब हो चुके हैं कि 14 से अधिक देशों में गर्मी को लेकर 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है. ज्यादातर देशों में पारा 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है.
फ्रांस में सबसे बुरा हाल: 58 की मौत
गर्मी का सबसे घातक असर फ्रांस में देखने को मिल रहा है, जहां अब तक 58 लोगों की जान जा चुकी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग नदियों और झीलों का रुख कर रहे हैं, जिसके कारण पिछले कुछ दिनों में 40 युवाओं की डूबने से मौत हो गई. वहीं, लू की चपेट में आने से 2 बच्चों समेत 18 लोगों ने दम तोड़ दिया.
बढ़ते तापमान का असर देश के बिजली संकट पर भी पड़ा है. फ्रांस में 'गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट' को सोमवार रात को बंद करना पड़ा. दरअसल, इस प्लांट को ठंडा रखने के लिए गारोन नदी के पानी का इस्तेमाल होता है, जिसका तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है.
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर पाबंदी
फ्रांस सरकार ने एहतियात के तौर पर 1,350 से ज्यादा स्कूलों को बंद कर दिया है. इसके अलावा, फ्रांस के मशहूर वार्षिक स्ट्रीट म्यूजिक फेस्टिवल 'फेत द ला म्यूजिक' के दौरान सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. सरकार को डर है कि अत्यधिक गर्मी में शराब पीने से लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह गर्मी साल 2003 की उस ऐतिहासिक आपदा जैसी है, जिसमें करीब 15 हजार लोगों की मौत हुई थी.
ब्रिटेन में टूटेगा 50 साल का रिकॉर्ड, इटली-जर्मनी भी बेहाल
ब्रिटेन: मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए 'रेड एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग' जारी की है. यहां तापमान 39°C के पार जाने का अनुमान है, जिससे 1976 का 50 साल पुराना रिकॉर्ड टूट सकता है. रात का तापमान भी 20°C से नीचे नहीं जा रहा है.
जर्मनी और बेल्जियम: जर्मनी में नदियों-झीलों में नहाने के दौरान 5 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है. बेल्जियम में कई स्कूलों को हाफ-डे कर दिया गया है.
इटली: स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम और मिलान सहित 15 प्रमुख शहरों में रेड अलर्ट घोषित किया है. स्पेन में भी रातें 'ट्रॉपिकल नाइट्स' में बदल चुकी हैं, यानी रात में भी लोगों को गर्मी से कोई राहत नहीं मिल रही है.
Europe Heatwave 2026: यूरोप इस समय कुदरत के भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है. फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन समेत यूरोप के 26 देश इस समय भयंकर हीटवेव (लू) की चपेट में हैं. हालात इतने खराब हो चुके हैं कि 14 से अधिक देशों में गर्मी को लेकर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है. ज्यादातर देशों में पारा 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है.
फ्रांस में सबसे बुरा हाल: 58 की मौत
गर्मी का सबसे घातक असर फ्रांस में देखने को मिल रहा है, जहां अब तक 58 लोगों की जान जा चुकी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग नदियों और झीलों का रुख कर रहे हैं, जिसके कारण पिछले कुछ दिनों में 40 युवाओं की डूबने से मौत हो गई. वहीं, लू की चपेट में आने से 2 बच्चों समेत 18 लोगों ने दम तोड़ दिया.
बढ़ते तापमान का असर देश के बिजली संकट पर भी पड़ा है. फ्रांस में ‘गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट’ को सोमवार रात को बंद करना पड़ा. दरअसल, इस प्लांट को ठंडा रखने के लिए गारोन नदी के पानी का इस्तेमाल होता है, जिसका तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है.
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर पाबंदी
फ्रांस सरकार ने एहतियात के तौर पर 1,350 से ज्यादा स्कूलों को बंद कर दिया है. इसके अलावा, फ्रांस के मशहूर वार्षिक स्ट्रीट म्यूजिक फेस्टिवल ‘फेत द ला म्यूजिक’ के दौरान सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. सरकार को डर है कि अत्यधिक गर्मी में शराब पीने से लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह गर्मी साल 2003 की उस ऐतिहासिक आपदा जैसी है, जिसमें करीब 15 हजार लोगों की मौत हुई थी.
ब्रिटेन में टूटेगा 50 साल का रिकॉर्ड, इटली-जर्मनी भी बेहाल
ब्रिटेन: मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए ‘रेड एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग’ जारी की है. यहां तापमान 39°C के पार जाने का अनुमान है, जिससे 1976 का 50 साल पुराना रिकॉर्ड टूट सकता है. रात का तापमान भी 20°C से नीचे नहीं जा रहा है.
जर्मनी और बेल्जियम: जर्मनी में नदियों-झीलों में नहाने के दौरान 5 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है. बेल्जियम में कई स्कूलों को हाफ-डे कर दिया गया है.
इटली: स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम और मिलान सहित 15 प्रमुख शहरों में रेड अलर्ट घोषित किया है. स्पेन में भी रातें ‘ट्रॉपिकल नाइट्स’ में बदल चुकी हैं, यानी रात में भी लोगों को गर्मी से कोई राहत नहीं मिल रही है.