Earthquake Causes Devastation in Nepal, 128 People Die: नेपाल में शुक्रवार देर रात आए भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। रिक्टर स्केल पर 6.4 की तीव्रता से कांपी धरती के बाद हादसों में मरने वालों की संख्या 132 बताई गई है। नेपाल मीडिया के मुताबिक मारने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। उधर 1100 से ज्यादा लोग घायल बताए गए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप मापन केंद्र के अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र जाजरकोट जिले के लामिडांडा क्षेत्र में था।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शुक्रवार रात नेपाल में आए भूकंप के बाद शनिवार सुबह 5 बजे ताजा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, जाजरकोट के एक स्थानीय अधिकारी ने कहा कि भूकंप के कारण यहां 34 लोग मारे गए हैं। उधर, जजारकोट के पड़ोसी रुकुम पश्चिम जिले में करीब 36 लोगों की मौत की सूचना मिली है। इसके अलावा और भी इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
https://twitter.com/ANI/status/1720668977155002756
पीएम मोदी ने कहा- हर संभव मदद करेंगे
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में भूकंप के कारण हुई मौतों पर दुख जताया है। कहा है कि मैं इस क्षति से अत्यंत दुखी हूं। भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। पीएम मोदी ने कहा है कि हम हर संभव सहायता देने के लिए तैयार हैं। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। साथ ही हम हादसों में घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।
https://twitter.com/narendramodi/status/1720640733357756559
https://twitter.com/ANI/status/1720623203880436191
https://twitter.com/ANI/status/1720591319834468542
नेपाल की तीनों एजेंसियां राहत कार्य में जुटीं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की ओर से कहा गया है कि देश की तीनों सुरक्षा एजेंसियां घायलों और पीड़ितों की मदद में जुट गई हैं। उधर, गृह मंत्रालय ने कहा है कि अन्य जिलों से भी लोगों के घायल होने और कई संपत्तियों के नुकसान की खबरें आ रही हैं। इनमें दैलेख, सल्यान और रोल्पा जिले शामिल हैं। वहीं जाजरकोट में घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
https://twitter.com/kathmandupost/status/1720608051789455606
3 अक्टूबर को भी नेपाल में आया था भूकंप
जाजरकोट काठमांडू से करीब 500 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। बताया जाता है कि हिमालयी राष्ट्र नेपाल में भूकंप आना आम बात है। बता दें कि पिछले महीने 3 अक्टूबर को भी नेपाल में 6.2 की तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद नेपाल से लेकर दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के राज्यों में भूकंप के झटके महसूस हुए थे।
https://twitter.com/UtkarshSingh_/status/1720512426293055488
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरा उत्तर भारत कांपा
बता दें कि शुक्रवार रात 11.32 बजे दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस हुए थे। इस दौरान लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर की ओर भागे थे। National Center For Seismology के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 रही। इस दौरान लोगों में दहशत का माहौल रहा।
https://twitter.com/news24tvchannel/status/1720504872443818485
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Earthquake Causes Devastation in Nepal, 128 People Die: नेपाल में शुक्रवार देर रात आए भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। रिक्टर स्केल पर 6.4 की तीव्रता से कांपी धरती के बाद हादसों में मरने वालों की संख्या 132 बताई गई है। नेपाल मीडिया के मुताबिक मारने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। उधर 1100 से ज्यादा लोग घायल बताए गए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप मापन केंद्र के अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र जाजरकोट जिले के लामिडांडा क्षेत्र में था।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शुक्रवार रात नेपाल में आए भूकंप के बाद शनिवार सुबह 5 बजे ताजा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, जाजरकोट के एक स्थानीय अधिकारी ने कहा कि भूकंप के कारण यहां 34 लोग मारे गए हैं। उधर, जजारकोट के पड़ोसी रुकुम पश्चिम जिले में करीब 36 लोगों की मौत की सूचना मिली है। इसके अलावा और भी इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
पीएम मोदी ने कहा- हर संभव मदद करेंगे
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में भूकंप के कारण हुई मौतों पर दुख जताया है। कहा है कि मैं इस क्षति से अत्यंत दुखी हूं। भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। पीएम मोदी ने कहा है कि हम हर संभव सहायता देने के लिए तैयार हैं। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। साथ ही हम हादसों में घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।
नेपाल की तीनों एजेंसियां राहत कार्य में जुटीं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की ओर से कहा गया है कि देश की तीनों सुरक्षा एजेंसियां घायलों और पीड़ितों की मदद में जुट गई हैं। उधर, गृह मंत्रालय ने कहा है कि अन्य जिलों से भी लोगों के घायल होने और कई संपत्तियों के नुकसान की खबरें आ रही हैं। इनमें दैलेख, सल्यान और रोल्पा जिले शामिल हैं। वहीं जाजरकोट में घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
3 अक्टूबर को भी नेपाल में आया था भूकंप
जाजरकोट काठमांडू से करीब 500 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। बताया जाता है कि हिमालयी राष्ट्र नेपाल में भूकंप आना आम बात है। बता दें कि पिछले महीने 3 अक्टूबर को भी नेपाल में 6.2 की तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद नेपाल से लेकर दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के राज्यों में भूकंप के झटके महसूस हुए थे।
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरा उत्तर भारत कांपा
बता दें कि शुक्रवार रात 11.32 बजे दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस हुए थे। इस दौरान लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर की ओर भागे थे। National Center For Seismology के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 रही। इस दौरान लोगों में दहशत का माहौल रहा।
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