'परमाणु ठिकानों पर जल्द करेंगे हमला', ट्रंप ने पिकैक्स माउंटेन का नाम लेकर ईरान को दी सीधी धमकी

अमेरिका ने ईरान को फिर सीधी धमकी दी है और परमाणु ठिकानों पर जल्द हमले करने का संकेत दिया है. उन्होंने एक परमाणु ठिकाने का नाम लेकर धमकी दी है. साथ ही उन्होंने मिडिल ईस्ट की अमेरिकी सेना की तैनाती का समय भी अगले साल तक के लिए बढ़ा दिया है.

Donald Trump | Sanctions Bill | America

अमेरिकी राष्ट्रपति रूस पर प्रतिबंधों के लिए ईरान और भारत-चीन को निशाना बनाना चाहते हैं. (Credit- X)

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मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष और भीषण होता जा रहा है. जुलाई के बाद सितंबर महीने की शुरुआती दिनों में ताबड़तोड़ हमलों के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की तैनाती का समय 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दिया. अब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सीधी धमकी दी है. उन्होंने पिकैक्स माउंटने का जिक्र करते हुए कहा कि जल्दी ही अमेरिकी सेना ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करेगी. पिकैक्स माउंटन पर भी हमला हो सकता है. अब से पहले इस ठिकाने पर हमला नहीं किया गया, लेकिन इस बार अमेरिकी सेना के निशाने पर सबसे पहले यही परमाणु ठिकाना होगा.

पिकैक्स माउंटेन बना ईरान का न्यूक्लियर बंकर

बता दें कि पिकैक्स माउंटेन पर ईरान का परमाणु ठिकाना है, लेकिन अमेरिका और इजरायल ने आज तक इस पर हमला नहीं किया है. पिकैक्स माउंटेन नतांज यूरेनियम संवर्धन ठिकाने के पास ही है, जिसके नीचे जमीन के अंदर 2 सुरंग बनाई गई हैं और इस ठिकानो की किलेबंदी बहुत मजबूत है. इन दोनों सुरंगों के अंदर ईरान का संवर्धित यूरेनियम छिपा है और परमाणु हथियार बनाने के लिए तैयार किए गए यूरेनियम का स्टॉक भी है, इसलिए अमेरिका की नजर इस परमाणु ठिकाने पर है. पिछले साल जून महीने में अमेरिकी सेना ने नतांज साइट से 2 किलोमीटर दूर इस साइट पर हमला करने का भी प्लान बनाया था.

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ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला युद्ध होगा

हालांकि तब पिकैक्स माउंटने पर हमला नहीं किया गया था, लेकिन दुनियाभर के विश्लेषक इसे ईरान का न्यूक्लियर बंकर बता रहे हैं. इसलिए अमेरिकी सेना इस ठिकाने पर हमला करने के लिए फिर से प्लान बना रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट में पिछले कुछ महीनों से रुक-रुक कर जो हमले किए जा रहे हैं, वह ‘युद्ध’ नहीं है. युद्ध तो तब छिड़ेगा, जब अमेरिकी सेना ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी करेगी. 28 फरवरी को अमेरिकी सेना ने इजरायल की सेना के साथ मिलकर केवल हवाई हमले किए हैं. लेकिन अगर ईरान अपनी जिद पर अड़ा रहा तो अमेरिकी सेना जमीनी हमले करने से पीछे नहीं हटेगी.

2027 तक मिडिल ईस्ट में तैनात रहेगी US आर्मी

बता दें कि अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में साल 2027 तक तैनात रहेगी. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना को निर्देश दे दिए हैं. करीब 50000 सैनिक, 19 युद्धपोत और लड़ाकू विमान अब 9 नहीं, बल्कि 12 महीने तक मिडिल ईस्ट में तैनात रहेंगे. इसका मतलब यह है कि अमेरिका और ईरान का युद्ध साल 2027 तक जारी रह सकता है. हालांकि इस तैनाती से अमेरिकी सेना के जवान और उनके परिजन प्रभावित होंगे, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप का निर्देश है कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दे सकता, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो मुस्लिम देश एकजुट होकर अमेरिका के लिए खतरा बन सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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