अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों के लिए वीजा का इंतजार बेहद लंबा और थका देने वाला साबित हो रहा है. अमेरिकी सरकारी संस्था गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस (GAO) की एक हालिया ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष 2025 में भारतीयों को अमेरिकी विजिटर वीजा (B1/B2) के इंटरव्यू के लिए औसतन 346 दिन का इंतजार करना पड़ा. कोरोना महामारी से पहले के 42 दिनों के औसत की तुलना में यह वेटिंग पीरियड आठ गुना से भी ज्यादा बढ़ चुका है. बढ़ते बैकलॉग को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग ने शेड्यूलिंग सिस्टम में बदलाव किए हैं.
स्टाफ की भारी कमी बनी सबसे बड़ी वजह
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वीजा इंटरव्यू के लिए इतनी लंबी कतार की सबसे बड़ी वजह आवेदनों की भारी संख्या के मुकाबले स्टाफ की भारी कमी है. वित्त वर्ष 2025 में भारत से करीब 14.55 लाख से अधिक गैर-आप्रवासी वीजा आवेदन मिले थे, जबकि पूरे देश में केवल 68 अमेरिकी कांसुलर अधिकारी तैनात थे. इसका मतलब यह हुआ कि प्रति अधिकारी लगभग 21,401 आवेदनों का भारी बोझ था.
चीन और ब्राजील से बहुत पीछे भारत
दुनिया के अन्य बड़े देशों की तुलना में भारत में वीजा का इंतजार काफी ज्यादा है. चीन में विजिटर वीजा इंटरव्यू के लिए औसत इंतजार सिर्फ 34 दिन है. ब्राजील में आवेदकों को औसतन 32 दिन का इंतजार करना पड़ता है. मेक्सिको में वेटिंग टाइम 283 दिन दर्ज किया गया. दुनिया में सबसे लंबे वेटिंग टाइम वाले शीर्ष 10 देशों में भारत 7वें स्थान पर है.
जगह की कमी और वीजा एजेंटों की मनमानी
ऑडिट में यह भी सामने आया कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में इंटरव्यू विंडो की भारी कमी है, जिसके चलते दूतावास के बाहर लंबी कतारें लगी रहती हैं. इसके अलावा, प्राइवेट वीजा एजेंटों की भूमिका भी सामने आई है, जो नए स्लॉट खुलते ही उन्हें तेजी से बुक कर ग्राहकों को महंगे दामों पर बेचते हैं.
बढ़ते बैकलॉग को नियंत्रित करने के लिए वाशिंगटन की एक रिमोट यूनिट ने नई दिल्ली के 80 फीसदी से अधिक इंटरव्यू-वेवर मामलों को प्रोसेस किया और दूतावास के कर्मचारियों ने अतिरिक्त काम करके पेंडिंग फाइलों को निपटाने की कोशिश की है.
अमेरिका के विजिटर वीजा के बारे में जानें
भारतीय आवेदकों को अमेरिका घूमने और व्यापार के लिए विजिटर वीजा के तहत B1/B2 वीजा दिया जाता है. B-1 वीजा बिजनेस गतिविधियों, बैठकों, सम्मेलनों या कानूनी समझौतों के लिए दिया जाता है. B-2 वीजा टूरिज्म, दोस्तों या रिश्तेदारों से मिलने और इलाज कराने के लिए होता है. अक्सर भारतीय आवेदकों को दोनों का मिला-जुला B1/B2 वीजा जारी किया जाता है. यह वीजा 10 साल तक की वैधता के साथ मिलता है, जिसमें एक बार में अधिकतम 6 महीने ठहरने की छूट होती है.