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डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम, बोले- 10 दिन में परमाणु समझौता नहीं किया तो बर्बाद कर दूंगा

Donald Trump Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देकर बुरा अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने ईरान को परमाणु समझौता करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। अगर ईरान ने समझौता नहीं किया तो 10 दिन के बाद जो होगा, वह बहुत बुरा और दुर्भाग्यपूर्ण होगा।

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US Iran Tension: अमेरिका और ईरान में तनाव गहरा गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अब ईरान को 10 दिन का अल्टीमेटम दे दिया है और इन 10 दिन में परमाणु समझौता करने को कहा है। साथ ही धमकी दी है कि 10 दिन में या तो ईरान के साथ परमाणु समझौता हो जाएगा या फिर ईरान के लिए दुर्भाग्यपूर्ण समय शुरू हो जाएगा। सोच विचार करने और समझौता करने के लिए 10 दिन काफी होंगे। फिर 10 दिन बाद जो होगा, वह बुरा बहुत बुरा और दुर्भाग्यपूर्ण होगा।

जिनेवा में अमेरिका-ईरान की बातचीत जारी

बता दें कि ट्रंप का यह बयान तब आया है, जब स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरकची से बातचीत करके परमाणु समझौता करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि महायुद्ध न छिड़े। बीते दिन वाशिंगटन में गाजा पीस बोर्ड की पहली बैठक में ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान को परमाणु समझौते के लिए सहमत होना ही पड़ेगा, वरना पूरा मिडिल ईस्ट गंभीर परिणामों का सामना करेगा।

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ट्रंप की समझौते के लिए राजी होने की सलाह

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक मजबूत परमाणु समझौता ईरान के साथ करना चाहता है और मिडिल ईस्ट की भलाई इसी में है कि ईरान शांतिपूर्वक समझौता करने के लिए राजी हो जाए। ईरान को पूरे मिडिल ईस्ट के अस्तित्व को खतरे में डालने का कोई हक नहीं है। लेकिन अगर ईरान ने अगले 10 दिन में समझौता नहीं किया तो अमेरिका को एक कदम आगे बढ़ाना होगा। अरब सागर में तैनात सेना को हमला करने का आदेश देना होगा, फिर अंजाम बुरा होगा।

परमाणु कार्यक्रम बंद करने की शर्त ठुकराई

बता दें कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम बंद करने को कहा है। बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज को सीमित करने की शर्त रखी है, लेकिन ईरान इन दोनों शर्तों को मानने को तैयार नहीं है। ईरान साफ-साफ शब्दों में कह चुका है कि वह परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करेगा, क्योंकि वह परमाणु हथियार बनाने के लिए नहीं है, बल्कि देश की ऊर्जा पूर्ति करने के लिए और रिसर्च करने के लिए है। अमेरिका का ईरान पर दबाव डालना, देश की संप्रभुता का उल्लंघन करना है।

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अरब सागर में अमेरिका का सैन्य बेड़ा तैनात

वहीं अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए अरब सागर में अपना सैन्य बेड़ा तैनात किया है, जो राष्ट्रपति का आदेश मिलते ही ईरान में अपने टारगेट पर हमला करेगा। 2 विशालकाय युद्धपोत के साथ करीब 50 फाइटर जेट, डिस्ट्रॉयर, मिसाइलें और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात है। इधर ईरान ने भी अमेरिका को धमकी दी है कि अगर हमला किया तो वह मध्य पूर्व के 12 देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को तबाह कर देगा। दोनों युद्धपोत को समुद्र में डुबो देगा।

First published on: Feb 20, 2026 06:05 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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