मिडिल ईस्ट में फिर कुछ बड़ा होने वाला है‌? अमेरिका के 2500 मरीन और जंगी जहाज तैनात, अब क्या है ट्रंप का प्लान?

Middle East War: अमेरिका ने फिर मिडिल ईस्ट में बड़ी तैनाती की है और ईरान के खिलाफ कोई बड़ा प्लान बनाया है। शायद राष्ट्रपति ट्रंप की योजना ईरान में जमीनी सैन्य कार्रवाई करने की है। पहले से 3 जंगी जहाज मिडिल ईस्ट में तैनात हैं और अब 2500 मरीन भी जहाजों के साथ तैनात कर दिए हैं।

Middle East War

अमेरिकी सेना के 3 युद्धपेात पहले से मिडिल ईस्ट की जंग में तैनात हैं।

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US Marines Deployment: मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ता जा रहा है और चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के ऑयल एक्सपोर्ट हब खर्ग आइलैंड पर हमला करने का दावा किया है। इस बीच संकेत मिले हैं कि अब मिडिल ईस्ट एक बार फिर कुछ बड़ा होने वाला है। क्योंकि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 2500 मरीन और समुद्र के साथ-साथ जमीन से हमला करने वाले युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। ऐसे में लगता है कि ट्रंप ने अब ईरान के खिलाफ कोई बड़ा प्लान बनाया है।

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मरीन कॉर्प्स की 33वीं यूनिट तैनात

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना की 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट और जमीन से हमला करने वाले जहाज USS ट्रिपोली को मिडिल ईस्ट की ओर रवाना होने का आदेश दिया गया है। अमेरिका ने यह तैनाती तब की है, जब ईरान सरेंडर करने को तैयार नहीं है और वह अरब देशों पर लगातार हमले कर रहा है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करके दुनियाभर के कई देशों में तेल और गैस का संकट खड़ा कर दिया है। ऐसे में अब शायद अमेरिका की तैयारी जमीनी सैन्य कार्रवाई करने की है।

अमेरिका के सबसे घातक कमांडो

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने अपनी जिस सेना को अब मिडिल ईस्ट के रण में उतारा है, वह सबसे खतरनाक, खूंखार, घातक कमांडो क सेना है। यह सेना समुद्र से जमीन पर और समुद्र-जमीन दोनों से हमला करने की माहिर है। मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट को संकट के लिए तैयार और तैनात किया जाता है। समुद्र के रास्ते सैन्य कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित किए जाते हैं, लेकिन दूतावासों की सुरक्षा, फंसे नागरिकों को निकालना और मानवीय आपदाओं में सहायता करना इनकी जिम्मेदारी होती है।

जापान से ईरान आने में हफ्ता लगेगा

बता दें कि 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट, USS ट्रिपोली और मरीन सैनिकों को लेकर चलने वाले जहाज वर्तमान में जापान में तैनात हैं और प्रशांत महासागर में एक्टिव हैं। इस सेना केा ईरान पहुंचने में एक सप्ताह से ज्यादा लग सकता है। इसलिए तो राष्ट्रपति ट्रंप धमकी दे रहे हैं कि अगले हफ्ते ईरान पर सबसे खतरनाक और घातक हमला हो सकता है। क्योंकि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बाधित कर रहा है और चेतावनी-रिक्वेस्ट के बावजूद वह होर्मुज स्ट्रेट को बाधित करने की धमकी दे रहा है।

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ईरान के साथ लेबनान में भी संकट

बता दें कि ईरान के साथ-साथ लेबनान में भी मानवीय संकट गहरा गया है। इजरायल ने ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह लड़ाकों को निशाना बनाकर हमले किए, जिनमें करीब 800 लोगों की मौत हो चुकी है। 8.5 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और बढ़ती अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ रहा है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में लगभग 40% अधिक है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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