ईरान की अंडरग्राउंड आर्मी 'कामिकेज' लॉन्च, होर्मुज स्ट्रेट में तैनात होंगे सुसाइड ड्रोन-मिसाइल, अमेरिका को पलटवार की तैयारी

Middle East War: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप जिद पर अड़े हैं तो ईरान भी पीछे हटने वाला नहीं है। इसके संकेत मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र में लड़ रहे दोनों पक्षों ने दे दिए हैं। जी हां, अमेरिका ने अपनी मरीन आर्मी तैनाती के लिए रवाना कर दी है और ईरान ने भी अंडरग्राउंड आर्मी समुद्र में तैनात करने का वीडियो जारी किया है।

Iran Missile Drone City

ईरान ने समुद्र में अंडरग्राउंड सेना तैनात कर दी है।

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Iran Underground Army Deployment: अमेरिका ने ईरान को बर्बाद करने की कसम खाई है, लेकिन ईरान भी चुप बैठने वालों में नहीं है। अमेरिका ने 2500 मरीन और जंगी जहाज मिडिल ईस्ट में तैनात कर दी है तो ईरान ने भी नौसेना की मिसाइल ड्रोन आमी कामिकेज को मैदान में उतार दिया है। बीते दिन ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड कामिकेज सिटी की तैनात का वीडियो बनाकर जारी किया और अमेरिका को मुंह तोड़ जवाब देने के अपने इरादे स्पष्ट किए।

सुसाइड ड्रोन बोट का बहुत बड़ा स्टॉक

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने फुटेज प्रसारित किया और कैप्शन दिया कि ये ईरान की अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी कामिकेज, जो सुसाइड ड्रोन नौकाओं का एक बड़ा भंडार है, जिन्हें अब होर्मुज स्ट्रेट में ऑयल शिप की आवाजाही बाधित करने के लिए तैनात किया गया है। वीडियो में ड्रोन, एंटी शिप मिसाइलें और समुद्र के अंदर बनी लंबी-लंबी सुरंगें दिखाई दे रही हैं, लेकिन स्पष्ट नहीं है कि यह रिकॉर्डिंग कब की है और हमले से पहले ही इन्हें समुद्र के अंदर तैनात कर दिया गया था।

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पानी की सतह या नीचे चलने वाली बोट

वीडियो में एक सुरंग दिखाई गई है, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें, ड्रोन की लंबी कतारें देख सकते हैं। ईरान की नौसेना के ड्रोन मानवरहित सतही वाहन और USV हैं, जो फारस की खाड़ी में पहले ही 2 तेल टैंकरों पर हमला करके तबाही मचा चुके हैं। यह दोनों जहाज होर्मुज में संकरे मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। वहीं ईरानी नौसेना के छोटे ड्रोन पानी की सतह पर या ठीक नीचे चलते हैं। इनमें विस्फोटक पदार्थ होते हैं, जो टकराते ही फट जाते हैं।

मार्शल द्वीप के पास टैंकर को उड़ाया था

1 मार्च को मार्शल द्वीप पर एक कच्चे तेल के टैंकर को ओमान के तट से 44 समुद्री मील दूर इस USV ने ही टक्कर मारकर उड़ाया था। ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने भी बताया कि एक मानवरहित पोत ने जहाज को टक्कर मारी। टक्कर से इंजन रूम में विस्फोट हुआ और आग लग गई। क्रू के एक मेंबर की मौत भी हुई थी। कुछ दिन बाद बहामास के ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर सोनांगोल नामिबे पर इराक के खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास हमला हुआ।

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छोटी स्पीडबोड जैसी दिखने वाली चीज

सोनांगोल मरीन सर्विसेज के अनुसार, हमले में जहाज तबाह हो गया, लेकिन चालक दल के सभी 23 सदस्य सुरक्षित हैं। एक वायरल वीडियो में छोटी स्पीडबोट के आकार की वस्तु को टैंकर की ओर तेजी से बढ़ते हुए देख सकते हैं। यह चीज टैंकर के किनारे से टकराती है और एक बड़ा विस्फोट करती है, जिससे हवा में घना काला धुआं फैल जाता है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद तेल टैंकरों पर कम से कम 2 हमलों में नौसैनिक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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