कैसे दीपू दास को भीड़ ने बेरहमी से मारा… चश्मदीद ने बताया रौंगटे खड़े करने वाला आंखों देखा मंजर

बांग्लादेश में दीपू दास की ईशनिंदा के झूठे आरोप में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.

BANGLADESH_ca04b7

बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास नाम के शख्स की ईशनिंदा के आरोप में भीड़ वीभत्स हत्या कर देती है. बाद में पुलिस जांच में सामने आता है कि ईशनिंदा का आरोप झूठा था. बताया जाता है कि ईशनिंदा की अफवाह दीपू के साथ काम करने वाले लोगों ने ही फैलाई थी. इतना ही नहीं, उन लोगों ने बाहर के लोगों को दीपू की हत्या के लिए उकसाया. उन लोगों से ईशनिंदा करने के सबूत भी मांगे गए थे, उसमें भी वे नाकाम रहे. लेकिन फिर भी वे दीपू की जान के पीछे पड़े रहे, आखिर में उन्होंने दीपू की बड़ी बेरहमी से जान ले ली.

विज्ञापन

एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में दीपू दास के साथ काम करने वाले चश्मदीद के हवाले से लिखा है कि उसे हिंदू होने की वजह से नहीं मारा गया, बल्कि उसकी कड़ी मेहनत से लोग जलते थे. उन्होंने बताया कि जिन लोगों को काम नहीं मिल रहा था, उन्होंने ही द्वेष के चलते ईशनिंदा की अफवाह फैलाई थी.

विज्ञापन

चश्मदीद ने दीपू की हत्या का रौंगटे खड़े कर देने वाला आंखों देखा मंजर भी बयां किया. उसने बताया कि उस दिन फैक्ट्री और उसके बाहर क्या क्या हुआ था.

चश्मदीद ने बताया, ‘पहले, दीपू को एचआर ऑफिस बुलाया गया. उससे जबरन इस्तीफा लिखवाया गया. वहां फैक्ट्री के कर्मचारियों के साथ बाहरी लोग भी थे. दीपू को उन लोगों के हवाले कर दिया गया.’

विज्ञापन

साथ ही बताया, ‘उसके बाद दीपू को भीड़ फैक्ट्री के गेट से बाहर ले गई और जनता के हवाले कर दिया. बाहर इंतजार कर रहे लोगों ने उसे बेरहमी से पीटा. उसके चेहरे और छाती पर मारा गया. लाठियों से बेरहमी से पीटा. काफी खून बह रहा था. यह सब फैक्ट्री के गेट के ठीक बाहर हुआ. बाद में वे शव को कम से कम 1 किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए और एक पेड़ से लटका दिया. उसे शव को आग लगा दी.’

चश्मदीद ने इसके अलावा कहा कि हम वहीं थे लेकिन हम एक शब्द भी नहीं बोल सके. कुछ लोगों ने बचाने की कोशिश की लेकिन खुद पर हमले के डर से पीछे हट गए.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ