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अनोखी स्‍ट्राइक! पतियों के साथ सोने से मना कर रहींं सैकड़ों महिलाएं, जान लें वजह

Jewish women: यहूदियों में धार्मिक नियमों के मुताबिक महिलाओं को घरेलू हिंसा के बारे में पुलिस को रिपोर्ट करने से पहले यहूदियों के धर्मगुरु रब्बी से मंजूरी लेनी होती है। प्रदर्शन कर रही महिलाएं इस कानून में सुधार करने की मांग कर रही हैं।

Jewish women: अमेरिका में दशकों पुराने तलाक कानून को लेकर यहूदी महिलाएं अनोखी हड़ताल पर हैं। दरअसल, उन्होंने अगले कुछ माह एक दिन अपने पतियों से फिजिकल रिलेशनशिप न बनाने का फैसला किया है। बताया जाता है कि सप्ताह में शुक्रवार को दिन यहूदियों में फिजिकल रिलेशनशिप बनाने के लिए अच्छा माना जाता है, महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर इस दिन अब इससे दूरी बनाने का निर्णय लिया है।

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कानून में बदलाव की मांग 

जानकारी के अनुसार करीब 800 महिलाएं इस हड़ताल में शामिल हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि मौजूदा कानून के तहत उन्हें तलाक के लिए अपने पति की लिखित अनुमति की जरूरत होती है, जो गलत है। अमेरिकी मीडिया रिर्पोट्स के अनुसार यह सभी महिलाएं हसीदिक समुदाय से हैं। यह सभी यहूदी कानून को बदलाव करने की मांग कर रही हैं।

घरेलू हिंसा की शिकायत लेने से पहले लेनी होती है मंजूरी

महिलाओं का तर्क है कि दशकों पुरानी इस व्यवस्था से उन्हें तलाक लेने में परेशानी होती है। जिससे उन्हें अपमान झेलते हुए विवाह बंधन में फंसा रहना पड़ता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यहूदियों में किरयास जोएल धार्मिक नियमों के मुताबिक महिलाओं को घरेलू हिंसा के बारे में पुलिस को रिपोर्ट करने से पहले रब्बी (यहूदियों के धर्मगुरु) से मंजूरी लेनी होती है।

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यह है तलाक का धार्मिक कानून

जानकारी के अनुसार यहूदियों में रब्बी द्वारा साइन किया गया दस्तावेज, वैध तलाक के लिए जरूरी होता है। यहां महिलाओं के पास खुद से तलाक लेने का अधिकार नहीं है। तलाक के लिए उसे अपने पति की अनुमति चाहिए। महिला तलाक लेना चाहे और पति की इसमें मर्जी न हो तो वह उसे रोक सकता है। प्रदर्शन कर रही महिलाएं इसी धार्मिक कानून में सुधार करने की मांग कर रही हैं।
First published on: Mar 20, 2024 09:51 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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