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स्कूल में चोटी बनाकर पहुंचे छात्र पर विवाद, मैनेजमेंट ने बार-बार दी ऐसी सजा

Student Suspension From School Over Hairstyle: स्कूल मैनेजमेंट ने एक अश्वेत छात्र को मजह इसलिए सस्पेंड कर दिया क्योंकि वह एक अलग हेयर स्टाइल में आया था। हैरानी की बात ये है कि छात्र का सस्पेंशन एक बार नहीं बल्कि दो बार किया गया। चौंकाने वाला ये मामला अमेरिका के टेक्सास का है। मीडिया रिपोर्ट […]

Student Suspension From School Over Hairstyle: स्कूल मैनेजमेंट ने एक अश्वेत छात्र को मजह इसलिए सस्पेंड कर दिया क्योंकि वह एक अलग हेयर स्टाइल में आया था। हैरानी की बात ये है कि छात्र का सस्पेंशन एक बार नहीं बल्कि दो बार किया गया। चौंकाने वाला ये मामला अमेरिका के टेक्सास का है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टेक्सास के मोंट बेल्वियू में बारबर्स हिल हाई स्कूल के जूनियर डैरिल जॉर्ज को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए नोटिस दिया गया। छात्र की मां उनकी मां दर्रेशा जॉर्ज ने एक मीडिया रिपोर्ट में कहा कि बेटे को पोनीटेल में अपना हेयरस्टाइल करने के लिए स्कूल में सस्पेंड कर दिया है। उनके बेटे को पहली बार सस्पेंड किया गया था। उसके बाद जब वह दोबारा स्कूल पहुंचा तो फिर से सस्पेंड कर दिया।

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स्कूल ने दिया ये तर्क

उन्होंने कहा कि डैरिल को उस हफ्ते में सस्पेंड किया गया था जब राज्य का क्राउन अधिनियम लागू हुआ था। यह कानून किसी के बालों की बनावट या बालों और चोटियों जैसे हेयर स्टाइल के आधार पर भेदभाव को रोकता है। रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के अधिकारियों ने जॉर्ज को बताया कि उनके हेयरस्टाइल ने बार्बर्स हिल इंडिपेंडेंट स्कूल डिस्ट्रिक्ट ड्रेस और ग्रूमिंग कोड का उल्लंघन किया है। इसके तहत पुरुष छात्रों के बाल किसी भी समय, भौंहों के नीचे या कान के नीचे नहीं बढ़ेंगे।

घटना के बाद छात्र काफी परेशान है

दर्रेशा जॉर्ज ने बताया कि उनका बेटा अपने साथ हुए इस घटनाक्रम से काफी उदास है। उन्होंने कहा कि वह इस समय बहुत ज्यादा परेशान हो गया, क्योंकि उसे ऐसी चीज के लिए दंडित किया जा रहा है जो उसकी शिक्षा के लिए प्रासंगिक नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें एक क्लास में आठ घंटे तक स्टूल पर बैठना पड़ता है। जो काफी पीड़ा दायक है। स्कूल से आने के बाद वह रोजाना अपनी पीठ में दर्द बताता है।

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पीढ़ियों से चली आ रही है बालों की परंपरा

उन्होंने बताया कि उनके परिवार में कई पीढ़ियों से चला आ रहा है कि सभी पुरुषों के बाल घुंधराले हैं। उनकी मां ने कहा, उनके लिए बालों का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है। दर्रेशा जॉर्ज ने कहा कि हमारे बाल ही हमारी ताकत हैं। यही हमारी जड़ें हैं। मान्यता है कि उन्होंने अपने पूर्वजों को अपने बालों में कैद कर रखा है। जॉर्ज ने कहा कि उनका परिवार कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है।

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First published on: Sep 19, 2023 11:14 PM

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