Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दुनिया

क्या ‘सीक्रेट’ न्यूक्लियर टेस्ट के लिए चीन ने की थी गलवान में झड़प? US ने किया खुलासा, साथ ही बताया क्यों नहीं चला किसी को पता

चीन ने साल 2020 में जो परीक्षण किया था, वो गलवान घाटी में भारत के साथ झड़प के ठीक साथ दिन बाद किया था. इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. इस झड़प में चीन के ज्यादा सैनिक शहीद हुए थे.

Author
Edited By : Arif Khan Updated: Feb 7, 2026 22:25
चीन पर यह आरोप अमेरिका के अंडर सेक्रेट्री ऑफ स्टेट थॉमस डिनानो ने लगाया है

अमेरिका ने एक बड़ा खुलासा किया है कि चीन ने साल 2020 में एक ‘सीक्रेट’ न्यूक्लियर टेस्ट किया था. यह परीक्षण भारत के साथ गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के ठीक सात दिन बाद किया गया था. यह आरोप अमेरिका के अंडर सेक्रेट्री ऑफ स्टेट थॉमस डिनानो ने लगाया है. डिनानो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि अमेरिका के पास चीन की ओर से ग्लोबल एजेंसियों की नजर से बचते हुए गुप्त परमाणु परीक्षण करने की खुफिया जानकारी है. उनके मुताबिक, चीन ने ऐसा ही एक परीक्षण 22 जून, 2020 को किया था.

चीन ने साल 2020 में जो परीक्षण किया था, वो गलवान घाटी में भारत के साथ झड़प के ठीक साथ दिन बाद किया था. इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. इस झड़प में चीन के ज्यादा सैनिक शहीद हुए थे. लेकिन चीन ने कभी भी आंकड़ें जारी नहीं किए.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : शी जिनपिंग के साथ भी ट्रंप ने किया ‘मोदी वाला खेल’! बातचीत खत्म होते ही की दावों की बौछार, चीन बोला- ऐसा तो हुआ ही नहीं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने भारत की सीमा से सटे झिंजियांग क्षेत्र के लोप नुर में यह परीक्षण किया था. डिनोना का कहना है कि चीन ने ‘डिकपलिंग’ नाम की एक तकनीक का इस्तेमाल किया. इस तकनीक की वजह से परीक्षण के दौरान धरती के कांपने के संकेतों का पता लगाना मुश्किल होता है. ‘डिकपलिंग’ वह तकनीक है, जिसमें जमीन के अंदर एक बड़े गड्ढे के भीतर ब्लास्ट किया जाता है, जिससे भूकंपीय तरंगों को दबाया जा सकता है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : चीन की चालबाजी होगी फेल! ‘चिकन नेक’ को अभेद्य किला बना रहा भारत, बांग्लादेश के भी उड़े होश

डिनोना ने एक्स पर लिखा कि ‘अमेरिकी सरकार को जानकारी है कि चीन ने न्यूक्लियर एक्सप्लोसिव टेस्ट किए हैं. चीन ने अपनी हरकतों को छिपाने के लिए डीकपलिंग का इस्तेमाल किया है. चीन ने 22 जून, 2020 को ऐसा ही एक यील्ड-प्रोड्यूसिंग न्यूक्लियर टेस्ट किया था’

अमेरिका ने सीधे तौर पर इस परीक्षण के समय को भारत के साथ गलवान घाटी में हुई झड़प से नहीं जोड़ा है. लेकिन इसकी टाइमिंग से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गलवान घाटी में झड़प चीन को दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए एक मौका दे दिया.

First published on: Feb 07, 2026 10:13 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.